फार्मा कंपनी में एक्सपायरी दवाएं और शराब मिली, 3 गिरफ्तार:11.15 वर्गमीटर की लाइसेंस पर 4 कमरों में रखीं थी दवाएं, छापेमारी के बाद सील

फार्मा कंपनी में एक्सपायरी दवाएं और शराब मिली, 3 गिरफ्तार:11.15 वर्गमीटर की लाइसेंस पर 4 कमरों में रखीं थी दवाएं, छापेमारी के बाद सील

पटना के कंकड़बाग स्थित सेलुलस फार्मा प्राइवेट लिमिटेड में औषधि नियंत्रक विभाग की टीम ने 8 अक्टूबर को छापेमारी की थी। इस दौरान दवाओं के रखरखाव और जरूरी दस्तावेजों में कई अनियमितताएं मिलीं। वहीं, परिसर में बड़ी मात्रा में शराब की बोतलें मिलने के बाद पुलिस और उत्पाद विभाग को सूचना दी गई। संयुक्त कार्रवाई में 3 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जांच में सामने आया कि कंपनी के पास केवल 11.15 वर्ग मीटर के एक कमरे के लिए औषधि अनुज्ञप्ति थी, जबकि दवाएं 4 कमरों में रखी गईं थीं। इसके बाद फ्लैट का मुख्य द्वार सील कर दिया गया। एक्सपायर दवाइयां भी मिली हैं। कार्रवाई से संबंधित शुक्रवार को विभाग ने विज्ञप्ति जारी की है। दवाओं के भंडारण की व्यवस्था संतोषजनक नहीं थी राज्य औषधि नियंत्रक की टीम ने कंकड़बाग थाना के सहयोग से पीसी कॉलोनी स्थित डी-167 में निरीक्षण किया था। उस समय प्रतिष्ठान के संचालक मृत्युंजय कुमार सिंह मौजूद थे। जांच के दौरान दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित अभिलेख और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। प्रतिष्ठान में निर्धारित नियमों के अनुसार साइनबोर्ड भी नहीं मिला और दवाओं के भंडारण की व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। दो एक्सपायर दवाएं जब्त की गईं विभाग ने 10 दवाओं की बिक्री और निकासी पर रोक लगाई। दो एक्सपायर दवाएं जब्त की गईं, जबकि सात दवाओं के नमूने जांच के लिए लिए गए। प्रतिष्ठान को पांच दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया गया है। विभाग के अनुसार, नमूनों की जांच रिपोर्ट और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शराब बरामदगी के मामले में पुलिस और उत्पाद विभाग की कार्रवाई जारी है। पटना के कंकड़बाग स्थित सेलुलस फार्मा प्राइवेट लिमिटेड में औषधि नियंत्रक विभाग की टीम ने 8 अक्टूबर को छापेमारी की थी। इस दौरान दवाओं के रखरखाव और जरूरी दस्तावेजों में कई अनियमितताएं मिलीं। वहीं, परिसर में बड़ी मात्रा में शराब की बोतलें मिलने के बाद पुलिस और उत्पाद विभाग को सूचना दी गई। संयुक्त कार्रवाई में 3 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जांच में सामने आया कि कंपनी के पास केवल 11.15 वर्ग मीटर के एक कमरे के लिए औषधि अनुज्ञप्ति थी, जबकि दवाएं 4 कमरों में रखी गईं थीं। इसके बाद फ्लैट का मुख्य द्वार सील कर दिया गया। एक्सपायर दवाइयां भी मिली हैं। कार्रवाई से संबंधित शुक्रवार को विभाग ने विज्ञप्ति जारी की है। दवाओं के भंडारण की व्यवस्था संतोषजनक नहीं थी राज्य औषधि नियंत्रक की टीम ने कंकड़बाग थाना के सहयोग से पीसी कॉलोनी स्थित डी-167 में निरीक्षण किया था। उस समय प्रतिष्ठान के संचालक मृत्युंजय कुमार सिंह मौजूद थे। जांच के दौरान दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित अभिलेख और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। प्रतिष्ठान में निर्धारित नियमों के अनुसार साइनबोर्ड भी नहीं मिला और दवाओं के भंडारण की व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। दो एक्सपायर दवाएं जब्त की गईं विभाग ने 10 दवाओं की बिक्री और निकासी पर रोक लगाई। दो एक्सपायर दवाएं जब्त की गईं, जबकि सात दवाओं के नमूने जांच के लिए लिए गए। प्रतिष्ठान को पांच दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया गया है। विभाग के अनुसार, नमूनों की जांच रिपोर्ट और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शराब बरामदगी के मामले में पुलिस और उत्पाद विभाग की कार्रवाई जारी है।  

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