अवैध पेट्रोल-डीजल की बिक्री बनी अगलगी की वजह:प्रत्यक्षदर्शी बोले- दरवाजा तोड़कर लड़की को निकाला, चंद सेकंड की देरी होती तो जान चली जाती

अवैध पेट्रोल-डीजल की बिक्री बनी अगलगी की वजह:प्रत्यक्षदर्शी बोले- दरवाजा तोड़कर लड़की को निकाला, चंद सेकंड की देरी होती तो जान चली जाती

समस्तीपुर जिले के महमद्दीपुर चौक पर गुरुवार देर शाम एक जनरल स्टोर में अचानक आग लग गई। चंद मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आरोप है कि दुकान में कथित तौर पर अवैध रूप से डीजल-पेट्रोल की बिक्री की जा रही थी। घटना मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुकान में पेट्रोल के गैलन के पास जल रही अगरबत्ती की चिंगारी से आग लगी। इस दौरान पेट्रोल का केन फट गया, जिससे आग तेजी से फैल गई। लपटों के बीच दुकानदार प्रभु राय की बेटी घर के अंदर फंस गई। ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर पीछे का दरवाजा तोड़ा और बच्ची को बाहर निकाला। घर में रखे तीन गैस सिलेंडरों में से दो को भी बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, बचाव में जुटे लोग जैसे ही बाहर निकले, अंदर रखा तीसरा सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर बचाव में जुटे लोगों को बाहर निकलने में कुछ सेकंड की भी देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना में आठ लोग जख्मी हुए थे। सभी को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। ‘पीछे का दरवाजा तोड़कर बच्ची को निकाला, फिर हुआ ब्लास्ट’ ग्रामीण नीतीश कुमार ने बताया कि घटना के वक्त मैं चौक पर ही खड़ा थ। इसी दौरान प्रभु राय की दुकान में आग लगने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचा तो उनकी पत्नी शोर मचा रही थी कि उनकी बेटी घर के अंदर फंसी हुई है। इसके बाद दो-तीन युवकों के साथ घर के पीछे पहुंचा। दरवाजा बंद था, इसलिए बांस से मारकर उसे तोड़ा और अंदर प्रवेश किया। नीतीश के मुताबिक, घर के अंदर तीन गैस सिलेंडर रखे हुए थे। सबसे पहले बच्ची को बाहर निकाला गया। इसके बाद आग बुझाने के लिए लोग बाल्टियों से पानी डालने लगे, लेकिन आग लगातार फैलती जा रही थी। स्थिति बिगड़ती देख ग्रामीणों ने एक-एक कर दो सिलेंडरों को बाहर निकाला। इसी बीच आग की लपटें और तेज हो गईं। सभी लोग तेजी से बाहर निकलने लगे। वे जैसे ही दरवाजे से बाहर आए, जोरदार धमाका हुआ। अगर कुछ सेकंड की भी देरी हो जाती तो बचाव में जुटे सभी लोग आग की चपेट में आ सकते थे। ‘जान जोखिम में डालकर बचाई जान’ ग्रामीण रवि कुमार ने बताया कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो दुकान में आग की लपटें तेजी से उठ रही थी। प्रभु राय की पत्नी ने बताया कि उनकी बेटी घर के अंदर फंसी हुई है। इसके बाद वह नीतीश कुमार समेत अन्य ग्रामीणों के साथ पीछे के रास्ते से घर में घुसे। घर के अंदर काफी आग फैल चुकी थी। किसी तरह बच्ची को बाहर निकाला गया और दो गैस सिलेंडर भी बाहर लाए गए। इसी दौरान तीसरे सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। चंद सेकंड की देरी होती तो सभी की जान जा सकती थी। ‘अगरबत्ती जलाने के दौरान लगी आग’ दुकानदार प्रभु राय के पड़ोसी महावीर पंडित ने बताया कि दुकान में डीजल-पेट्रोल की बिक्री होती थी। उनके अनुसार, अगरबत्ती जलाने के दौरान आग लगी। जब वह मौके पर पहुंचे तो जानकारी मिली कि दुकानदार की बेटी घर के अंदर फंसी हुई है। इसके बाद तीन युवक पीछे का दरवाजा बांस से तोड़कर अंदर घुसे और बच्ची को बाहर निकाला। ग्रामीणों ने दो सिलेंडर भी बाहर निकाल लिए, लेकिन आग की लपटें काफी तेज थी। लोग जैसे ही बाहर निकले, सिलेंडर में धमाका हो गया। इसके बाद आग और तेजी से फैल गई। अगलगी में आठ लोग हुए थे घायल गुरुवार देर शाम हुई इस घटना में दुकानदार प्रभु राय की बेटी पुष्पा कुमारी, उनके बेटे सोनू कुमार समेत आग बुझाने पहुंचे कुछ लोग जख्मी हो गए थे। सिलेंडर फटने से निकले मलबे और लपटों की चपेट में आने से लोगों को चोटें आईं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय लोगों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए बच्ची और दो गैस सिलेंडरों को समय रहते बाहर निकाल लिया। इससे बड़ा हादसा टल गया। आग बुझने के बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची। समस्तीपुर जिले के महमद्दीपुर चौक पर गुरुवार देर शाम एक जनरल स्टोर में अचानक आग लग गई। चंद मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आरोप है कि दुकान में कथित तौर पर अवैध रूप से डीजल-पेट्रोल की बिक्री की जा रही थी। घटना मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुकान में पेट्रोल के गैलन के पास जल रही अगरबत्ती की चिंगारी से आग लगी। इस दौरान पेट्रोल का केन फट गया, जिससे आग तेजी से फैल गई। लपटों के बीच दुकानदार प्रभु राय की बेटी घर के अंदर फंस गई। ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर पीछे का दरवाजा तोड़ा और बच्ची को बाहर निकाला। घर में रखे तीन गैस सिलेंडरों में से दो को भी बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, बचाव में जुटे लोग जैसे ही बाहर निकले, अंदर रखा तीसरा सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर बचाव में जुटे लोगों को बाहर निकलने में कुछ सेकंड की भी देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना में आठ लोग जख्मी हुए थे। सभी को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। ‘पीछे का दरवाजा तोड़कर बच्ची को निकाला, फिर हुआ ब्लास्ट’ ग्रामीण नीतीश कुमार ने बताया कि घटना के वक्त मैं चौक पर ही खड़ा थ। इसी दौरान प्रभु राय की दुकान में आग लगने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचा तो उनकी पत्नी शोर मचा रही थी कि उनकी बेटी घर के अंदर फंसी हुई है। इसके बाद दो-तीन युवकों के साथ घर के पीछे पहुंचा। दरवाजा बंद था, इसलिए बांस से मारकर उसे तोड़ा और अंदर प्रवेश किया। नीतीश के मुताबिक, घर के अंदर तीन गैस सिलेंडर रखे हुए थे। सबसे पहले बच्ची को बाहर निकाला गया। इसके बाद आग बुझाने के लिए लोग बाल्टियों से पानी डालने लगे, लेकिन आग लगातार फैलती जा रही थी। स्थिति बिगड़ती देख ग्रामीणों ने एक-एक कर दो सिलेंडरों को बाहर निकाला। इसी बीच आग की लपटें और तेज हो गईं। सभी लोग तेजी से बाहर निकलने लगे। वे जैसे ही दरवाजे से बाहर आए, जोरदार धमाका हुआ। अगर कुछ सेकंड की भी देरी हो जाती तो बचाव में जुटे सभी लोग आग की चपेट में आ सकते थे। ‘जान जोखिम में डालकर बचाई जान’ ग्रामीण रवि कुमार ने बताया कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो दुकान में आग की लपटें तेजी से उठ रही थी। प्रभु राय की पत्नी ने बताया कि उनकी बेटी घर के अंदर फंसी हुई है। इसके बाद वह नीतीश कुमार समेत अन्य ग्रामीणों के साथ पीछे के रास्ते से घर में घुसे। घर के अंदर काफी आग फैल चुकी थी। किसी तरह बच्ची को बाहर निकाला गया और दो गैस सिलेंडर भी बाहर लाए गए। इसी दौरान तीसरे सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। चंद सेकंड की देरी होती तो सभी की जान जा सकती थी। ‘अगरबत्ती जलाने के दौरान लगी आग’ दुकानदार प्रभु राय के पड़ोसी महावीर पंडित ने बताया कि दुकान में डीजल-पेट्रोल की बिक्री होती थी। उनके अनुसार, अगरबत्ती जलाने के दौरान आग लगी। जब वह मौके पर पहुंचे तो जानकारी मिली कि दुकानदार की बेटी घर के अंदर फंसी हुई है। इसके बाद तीन युवक पीछे का दरवाजा बांस से तोड़कर अंदर घुसे और बच्ची को बाहर निकाला। ग्रामीणों ने दो सिलेंडर भी बाहर निकाल लिए, लेकिन आग की लपटें काफी तेज थी। लोग जैसे ही बाहर निकले, सिलेंडर में धमाका हो गया। इसके बाद आग और तेजी से फैल गई। अगलगी में आठ लोग हुए थे घायल गुरुवार देर शाम हुई इस घटना में दुकानदार प्रभु राय की बेटी पुष्पा कुमारी, उनके बेटे सोनू कुमार समेत आग बुझाने पहुंचे कुछ लोग जख्मी हो गए थे। सिलेंडर फटने से निकले मलबे और लपटों की चपेट में आने से लोगों को चोटें आईं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय लोगों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए बच्ची और दो गैस सिलेंडरों को समय रहते बाहर निकाल लिया। इससे बड़ा हादसा टल गया। आग बुझने के बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची।  

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