प्रयागराज की सोरांव तहसील में शनिवार को समाधान दिवस हुआ। इसमें जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने 551 शिकायतें सुनीं। इस दौरान 6 जिला स्तरीय अधिकारी गैरहाजिर रहे, जिन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर तुरंत जवाब मांगा गया है। डीएम ने कहा कि लोगों की समस्याओं को हल करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिर्फ कागजी कार्रवाई न करें, बल्कि मौके पर जाकर सही और अच्छी जांच करें। शिकायत करने वाले की संतुष्टि ही समस्या के हल का मुख्य आधार होगी। इसलिए, समस्या हल होने के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक लेना भी जरूरी किया गया है। समाधान दिवस में डीएम ने अवैध कब्जे और फर्जीवाड़े की शिकायतों को गंभीरता से लिया। मऊआइमा के मुजफ्फर हक मुजाहिद ने फर्जी बैनामे की शिकायत की थी। इस पर डीएम ने एसडीएम सोरांव को जांच सौंपी। उन्होंने निर्देश दिए कि अगर जांच में किसी को फायदा पहुंचाने या जानबूझकर फर्जीवाड़ा करने की बात सामने आती है, तो दोषी के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए। इसी तरह सिगरौर उपरहार में मेले की जमीन पर अवैध कब्जे और जगदीशपुर पूरे चन्दा में चकमार्ग की नाप के बाद भी कब्जा न हटाने की शिकायतें मिलीं। इन पर भी एसडीएम को मौके से ही अवैध कब्जा हटवाकर कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। सोरांव तहसील में हुए इस समाधान दिवस में कुल 551 शिकायतें आईं। इनमें राजस्व विभाग से सबसे ज्यादा 405, पुलिस से 70, विकास विभाग से 30 और दूसरे विभागों से 46 शिकायतें थीं। अधिकारियों ने मौके पर ही 14 मामलों को हल कर दिया। बाकी शिकायतों को तय समय में निपटाने के लिए संबंधित विभागों के प्रमुखों को सौंप दिया गया। समाधान दिवस में गैरहाजिर रहने वाले अधिकारियों में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, पीओ डूडा, सहायक निदेशक मत्स्य, जोनल अधिकारी जोन-7 फाफामऊ, डीआईओएस और जिला उद्यान अधिकारी शामिल हैं। इनसे जवाब मांगा गया है। कड़े प्रशासनिक निर्देशों के साथ-साथ तहसील परिसर में सामाजिक सरोकारों की झलक भी दिखी। डीएम ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकास स्टॉलों का निरीक्षण किया और पात्रों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया। इस दौरान पोषण अभियान के तहत दो गर्भवती महिलाओं (संगीता गुप्ता व राखी देवी) की गोदभराई की गई, वहीं तीन मासूम बच्चों (प्रिंस, रित्विक व काव्या) का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, एडीएम प्रशासन उपमा पाण्डेय और सीएमओ डॉ. ए.के. तिवारी समेत जिले के तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

