फरियादी से मारपीट-रुपये लेने के आरोप में PTC निलंबित:सुपौल-जांच के 12 दिन बाद SP की कार्रवाई, मोबाइल- 20 हजार मांगने का आरोप

फरियादी से मारपीट-रुपये लेने के आरोप में PTC निलंबित:सुपौल-जांच के 12 दिन बाद SP की कार्रवाई, मोबाइल- 20 हजार मांगने का आरोप

सुपौल के राघोपुर थाना में फरियादी से कथित मारपीट, गाली-गलौज और रुपये लेने के आरोप में पीटीसी अभय कुमार को निलंबित कर दिया गया है। सुपौल एसपी ने जांच पूरी होने के बाद यह कार्रवाई की है। वीरपुर एसडीपीओ पवन कुमार ने शनिवार देर शाम निलंबन की पुष्टि की। मामला डुमरी निवासी सौरभ झा, पारस चौधरी और सिकेन्द्र पासवान से जुड़ा है। तीनों ने एसपी, वीरपुर एसडीपीओ समेत वरीय अधिकारियों को आवेदन देकर पीटीसी अभय कुमार के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार, 13 सितंबर को तीनों एक मामले के सिलसिले में राघोपुर थाना पहुंचे थे। थाना गेट पर मारपीट का आरोप शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि थाना के मुख्य गेट पर तैनात पीटीसी अभय कुमार ने सौरभ झा के साथ मारपीट की। इसके बाद तीनों को थाना परिसर के पीछे नवनिर्मित मॉडल थाना भवन में ले जाया गया और एक कमरे में बंद कर दिया गया। आरोप है कि कमरे में तीनों के साथ लाठी, जूते और थप्पड़ों से मारपीट की गई। शिकायतकर्ताओं ने अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि बार-बार पूछने के बावजूद उन्हें किसी अपराध के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। छोड़ने के लिए 20 हजार मांगने का आरोप शिकायत में तीनों युवकों ने आरोप लगाया कि उन्हें छोड़ने के एवज में 20 हजार रुपये की मांग की गई। रुपये नहीं देने पर एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। सौरभ झा ने आरोप लगाया कि पीटीसी अभय कुमार ने उनसे कुल 3,300 रुपये लिए। इसमें 2 हजार रुपये नकद और 1,300 रुपये थाना के सामने स्थित दुकानों से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए लिए जाने की बात कही गई। शिकायतकर्ताओं ने भुगतान के स्क्रीनशॉट और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड होने का भी दावा किया था। 12 दिन बाद जांच पूरी, निलंबन वीरपुर एसडीपीओ पवन कुमार ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई गई थी। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीटीसी अभय कुमार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। घटना 13 सितंबर की बताई गई है, जबकि जांच के करीब 12 दिन बाद निलंबन किया गया। इस मामले को दैनिक भास्कर ने 15 सितंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। सुपौल के राघोपुर थाना में फरियादी से कथित मारपीट, गाली-गलौज और रुपये लेने के आरोप में पीटीसी अभय कुमार को निलंबित कर दिया गया है। सुपौल एसपी ने जांच पूरी होने के बाद यह कार्रवाई की है। वीरपुर एसडीपीओ पवन कुमार ने शनिवार देर शाम निलंबन की पुष्टि की। मामला डुमरी निवासी सौरभ झा, पारस चौधरी और सिकेन्द्र पासवान से जुड़ा है। तीनों ने एसपी, वीरपुर एसडीपीओ समेत वरीय अधिकारियों को आवेदन देकर पीटीसी अभय कुमार के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार, 13 सितंबर को तीनों एक मामले के सिलसिले में राघोपुर थाना पहुंचे थे। थाना गेट पर मारपीट का आरोप शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि थाना के मुख्य गेट पर तैनात पीटीसी अभय कुमार ने सौरभ झा के साथ मारपीट की। इसके बाद तीनों को थाना परिसर के पीछे नवनिर्मित मॉडल थाना भवन में ले जाया गया और एक कमरे में बंद कर दिया गया। आरोप है कि कमरे में तीनों के साथ लाठी, जूते और थप्पड़ों से मारपीट की गई। शिकायतकर्ताओं ने अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि बार-बार पूछने के बावजूद उन्हें किसी अपराध के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। छोड़ने के लिए 20 हजार मांगने का आरोप शिकायत में तीनों युवकों ने आरोप लगाया कि उन्हें छोड़ने के एवज में 20 हजार रुपये की मांग की गई। रुपये नहीं देने पर एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। सौरभ झा ने आरोप लगाया कि पीटीसी अभय कुमार ने उनसे कुल 3,300 रुपये लिए। इसमें 2 हजार रुपये नकद और 1,300 रुपये थाना के सामने स्थित दुकानों से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए लिए जाने की बात कही गई। शिकायतकर्ताओं ने भुगतान के स्क्रीनशॉट और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड होने का भी दावा किया था। 12 दिन बाद जांच पूरी, निलंबन वीरपुर एसडीपीओ पवन कुमार ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई गई थी। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीटीसी अभय कुमार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। घटना 13 सितंबर की बताई गई है, जबकि जांच के करीब 12 दिन बाद निलंबन किया गया। इस मामले को दैनिक भास्कर ने 15 सितंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।  

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