Maharashtra Politics: मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोला है। जालना के अंतरवली सराटी में मीडिया से बातचीत के दौरान जरांगे ने आरोप लगाया कि फडणवीस राज्य की जनता के लिए “मोगलाई से भी बुरा दौर” ला सकते हैं। उन्होंने फडणवीस पर राजनेताओं और उद्योगपतियों को ईडी के जरिए परेशान करने तथा अपनी मर्जी से मामले दर्ज कराने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। जरांगे ने फडणवीस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें ‘घमंडी शासक’ और उनकी राजनीति को ‘हिटलरशाही’ बताया।
‘इतना घमंडी शासक राज्य को नहीं चाहिए’
मनोज जरांगे ने कहा कि अगर महाराष्ट्र के मराठा नेता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की कथित तानाशाही और अहंकार को सहन कर रहे हैं तो उन्हें इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर मराठा नेता देवेंद्र फडणवीस का अहंकार और उनकी हिटलरशाही सहन कर रहे हैं, तो आपकी जिंदगी पर धिक्कार है। इतना अहंकारी शासक राज्य के लिए ठीक नहीं है। मैं भाजपा के नेताओं को भी यह समझने की सलाह देता हूं। शिंदे सरकार में एकनाथ शिंदे के मंत्रियों का फडणवीस क्या हाल कर रहे हैं, जरा अंदर जाकर देखिए।”
राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे की हार पर बड़ा आरोप
मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे और उनके बेटे अमित ठाकरे का जिक्र करते हुए भी सीएम फडणवीस और भाजपा को घेरा। जरांगे ने दावा किया कि 2024 के विधानसभा चुनाव में फडणवीस ने राज ठाकरे से प्रचार करवाया, लेकिन बाद में विधानसभा चुनाव में उनके बेटे अमित ठाकरे को हरा दिया गया।
जरांगे का इशारा मुंबई की माहिम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले मनसे नेता अमित ठाकरे की ओर था। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान राज ठाकरे से भाजपा के लिए प्रचार और भाषण करवाए गए, लेकिन चुनाव के बाद उनके बेटे को ही राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा।
‘भाजपा के लोगों को शिंदे गुट से टिकट दिलवाए’
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने दावा किया कि फडणवीस ने न सिर्फ राज ठाकरे का राजनीतिक इस्तेमाल किया, बल्कि शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे का भी इस्तेमाल किया। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि फडणवीस ने भाजपा के कुछ नेताओं को एकनाथ शिंदे की शिवसेना के टिकट पर चुनाव लड़वाया, जिसकी वजह से शिंदे गुट के 10 से 12 विधायक असल में फडणवीस के ही लोग हैं।
मराठा आरक्षण के मुद्दे पर भी जरांगे ने भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार, उद्धव ठाकरे और कांग्रेस से सवाल करती है कि उन्होंने मराठा समाज के लिए क्या किया। लेकिन भाजपा ने भी सत्ता में रहते हुए मराठों के लिए क्या कर दिया। अब देखना होगा कि सीएम फडणवीस और भाजपा इन आरोपों पर क्या जवाब देती हैं।
बता दें कि मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म करने से इनकार कर दिया है और चेतावनी दी है कि अगर 11 सितंबर तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे अपना विरोध प्रदर्शन मुंबई ले जाएंगे। जरांगे मराठों के लिए आरक्षण की मांग को लेकर 29 अगस्त से अपने गांव अंतरवली सराटी में अनशन पर बैठे हैं।

