प्रतापगढ़ रोडवेज आगार ने सीमित संसाधनों और कम बसों के बावजूद प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। 14 साल बाद मिली इस उपलब्धि से जिले को पहचान मिली है। 26 रूटों पर चल रहीं 26 बसें प्रबंधक गजेंद्र पारासर ने बताया, प्रतापगढ़ में 26 रूटों पर 26 बसें चल रही हैं। संसाधनों की कमी के बावजूद विभाग ने लक्ष्य पूरे किए। बेहतर प्रबंधन और संसाधनों के उपयोग से आगार ने यह रैंकिंग पाई। हर दिन हो रही 4 लाख रुपए की कमाई आगार की बसों से हर दिन करीब चार लाख रुपए की कमाई हो रही है। सीमित बसों से इतनी आय अच्छे संचालन को दिखाती है। अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों की जरूरत के अनुसार बसें चलाने और निगरानी से लक्ष्य हासिल हुआ। बसों के रखरखाव में भी प्रतापगढ़ आगार ने प्रदेश में अच्छा प्रदर्शन किया है। समय पर देखभाल और रखरखाव से बसों को हमेशा तैयार रखा गया। हर बस अहम है, इसलिए नियमित रखरखाव प्राथमिकता रही।

