पूर्णिया में शख्स ने फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली। परिजन के अनुसार वो पिछले कुछ दिनों से आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान थे। परिजन ने कहा कि करण ऋषि परिवार के बड़े और जिम्मेदार सदस्य थे। उनके चार बेटे और दो बेटियां हैं। इनमें तीन बेटों और एक बेटी की शादी हो चुकी है। कुछ ही साल पहले पिता ईशर ऋषि की मौत हो गई थी। वे इसके बाद से काफी परेशान रहते थे। घर के बढ़ते खर्च के कारण आर्थिक और मानसिक परेशानी बढ़ती चली जा रही थी। मृतक की पहचान लक्षमिनिया गांव निवासी करण ऋषि (55) के रूप में हुई है। घटना सरसी थाना क्षेत्र के लक्षमिनिया गांव की है।
खान भी नहीं खाया था परिजन कहते हैं कि काफी कहने के बाद भी थाली में रखा खाना नहीं खाया। उन्हें लगा कि भूख नहीं होगी, भूख लगने पर खा लेंगे। इस वजह से थाली कमरे में रखकर चले आए। शाम होने पर कमरे का दरवाजा लगा हुआ पाया। काफी आवाज देने पर भी अंदर से कोई हलचल नहीं आई, तो खिड़की से झांकने पर देखा कि वे फंदे के सहारे कमरे में झूल रहे हैं। घर के दूसरे सदस्य और आसपास के लोग घर में जुटे। कमरे का दरवाजा तोड़ सभी कमरे में दाखिल हुए, मगर तब उनकी मौत हो चुकी थी। शव को फंदे से उतारा गया और पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।
लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलते ही सरसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए पूर्णिया जीएमसीएच भेज दिया। इस मामले को लेकर सरसी थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और आत्महत्या के पीछे की वजह पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पूर्णिया में शख्स ने फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली। परिजन के अनुसार वो पिछले कुछ दिनों से आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान थे। परिजन ने कहा कि करण ऋषि परिवार के बड़े और जिम्मेदार सदस्य थे। उनके चार बेटे और दो बेटियां हैं। इनमें तीन बेटों और एक बेटी की शादी हो चुकी है। कुछ ही साल पहले पिता ईशर ऋषि की मौत हो गई थी। वे इसके बाद से काफी परेशान रहते थे। घर के बढ़ते खर्च के कारण आर्थिक और मानसिक परेशानी बढ़ती चली जा रही थी। मृतक की पहचान लक्षमिनिया गांव निवासी करण ऋषि (55) के रूप में हुई है। घटना सरसी थाना क्षेत्र के लक्षमिनिया गांव की है।
खान भी नहीं खाया था परिजन कहते हैं कि काफी कहने के बाद भी थाली में रखा खाना नहीं खाया। उन्हें लगा कि भूख नहीं होगी, भूख लगने पर खा लेंगे। इस वजह से थाली कमरे में रखकर चले आए। शाम होने पर कमरे का दरवाजा लगा हुआ पाया। काफी आवाज देने पर भी अंदर से कोई हलचल नहीं आई, तो खिड़की से झांकने पर देखा कि वे फंदे के सहारे कमरे में झूल रहे हैं। घर के दूसरे सदस्य और आसपास के लोग घर में जुटे। कमरे का दरवाजा तोड़ सभी कमरे में दाखिल हुए, मगर तब उनकी मौत हो चुकी थी। शव को फंदे से उतारा गया और पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।
लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलते ही सरसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए पूर्णिया जीएमसीएच भेज दिया। इस मामले को लेकर सरसी थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और आत्महत्या के पीछे की वजह पता लगाने की कोशिश की जा रही है।


