पूर्णिया के कसबा थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर तेज रफ्तार कार की टक्कर से सड़क पार कर रहे 50 वर्षीय रमेश पासवान की मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर एनएच-27 जाम कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सड़क पार कर रहे रमेश पासवान को कार ने रौंदा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार दोपहर गुलाबबाग की ओर से आ रही तेज रफ्तार मारुति सुजुकी वैगनआर अनियंत्रित हो गई। कार का रजिस्ट्रेशन नंबर HR 55 AB 1802 बताया जा रहा है। कार चालक ने नियंत्रण खो दिया और सड़क पार कर रहे मरोचा गांव निवासी रमेश पासवान को टक्कर मार दी। इसके बाद कार सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल रमेश पासवान को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कसबा पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस पर घायल को सड़क पर छोड़ने का आरोप रमेश पासवान की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने शव को सड़क के बीच रखकर एनएच-27 पर आवागमन रोक दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि दुर्घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार चालक को हिरासत में ले लिया, लेकिन गंभीर रूप से घायल रमेश पासवान को सड़क पर ही छोड़ दिया। उनका कहना था कि यदि पुलिस घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाती, तो शायद उनकी जान बच सकती थी। इसी को लेकर ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। हाईवे की दोनों लेन पर लगी वाहनों की कतार एनएच-27 जाम होने से हाईवे की दोनों लेन पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आवागमन ठप होने के कारण दूर-दराज जाने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मुआवजे और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग सूचना मिलने पर कसबा थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन, अंचलाधिकारी निशांत कुमार और नगर परिषद कसबा के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि गोपाल यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर जाम हटाने का प्रयास किया। ग्रामीण मृतक के परिजनों के लिए उचित मुआवजे की घोषणा और कथित लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच व कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। अधिकारियों के समझाने के बावजूद काफी देर तक इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पूर्णिया के कसबा थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर तेज रफ्तार कार की टक्कर से सड़क पार कर रहे 50 वर्षीय रमेश पासवान की मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर एनएच-27 जाम कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सड़क पार कर रहे रमेश पासवान को कार ने रौंदा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार दोपहर गुलाबबाग की ओर से आ रही तेज रफ्तार मारुति सुजुकी वैगनआर अनियंत्रित हो गई। कार का रजिस्ट्रेशन नंबर HR 55 AB 1802 बताया जा रहा है। कार चालक ने नियंत्रण खो दिया और सड़क पार कर रहे मरोचा गांव निवासी रमेश पासवान को टक्कर मार दी। इसके बाद कार सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल रमेश पासवान को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कसबा पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस पर घायल को सड़क पर छोड़ने का आरोप रमेश पासवान की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने शव को सड़क के बीच रखकर एनएच-27 पर आवागमन रोक दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि दुर्घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार चालक को हिरासत में ले लिया, लेकिन गंभीर रूप से घायल रमेश पासवान को सड़क पर ही छोड़ दिया। उनका कहना था कि यदि पुलिस घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाती, तो शायद उनकी जान बच सकती थी। इसी को लेकर ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। हाईवे की दोनों लेन पर लगी वाहनों की कतार एनएच-27 जाम होने से हाईवे की दोनों लेन पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आवागमन ठप होने के कारण दूर-दराज जाने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मुआवजे और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग सूचना मिलने पर कसबा थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन, अंचलाधिकारी निशांत कुमार और नगर परिषद कसबा के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि गोपाल यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर जाम हटाने का प्रयास किया। ग्रामीण मृतक के परिजनों के लिए उचित मुआवजे की घोषणा और कथित लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच व कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। अधिकारियों के समझाने के बावजूद काफी देर तक इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

