Udaipur Panchayat Election 2026: उदयपुर में पंचायतीराज चुनाव के प्रथम चरण में गुरुवार को जिले की 10 पंचायत समितियों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान होगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जिला परिषद के 25 वार्डों और पंचायत समिति सदस्यों के 160 निर्वाचन क्षेत्रों में चुनावी मुकाबले का फैसला मतपेटियों में बंद हो जाएगा। प्रथम चरण में कुल 7 लाख 32 हजार 667 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान के लिए 826 केंद्र बनाए गए हैं।
भींडर में सबसे ज्यादा मतदाता, वल्लभनगर में सर्वाधिक बूथ
प्रथम चरण में मतदाताओं की संख्या के लिहाज से भींडर पंचायत समिति सबसे आगे है। यहां 100 मतदान केंद्रों पर 97,764 मतदाता वोट डाल सकेंगे। इनमें 49,382 पुरुष और 48,382 महिला मतदाता हैं। दूसरी ओर, मतदान केंद्रों की संख्या के मामले में वल्लभनगर सबसे आगे है। यहां 104 केंद्रों पर 86,118 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मावली में 95 मतदान केंद्रों पर 94,535, फलासिया में 94 केंद्रों पर 72,935 और झाड़ोल में 91 केंद्रों पर 71,380 मतदाता हैं। घासा पंचायत समिति में 85 केंद्रों पर 85,025 मतदाता मतदान करेंगे। कुराबड़ में 77 केंद्रों पर 70,383, गिर्वा में 68 केंद्रों पर 65,433, ओगणा में 57 केंद्रों पर 41,906 और नाई में 55 केंद्रों पर 47,188 मतदाता पंजीकृत हैं।
पंचायत समिति सदस्य के लिए 435 प्रत्याशी मैदान में
प्रथम चरण में जिला परिषद के 25 वार्डों के लिए 65 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। वहीं, पंचायत समिति सदस्यों के 160 निर्वाचन क्षेत्रों में 435 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। पंचायत समिति वार्डों में भींडर में सर्वाधिक 59 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इसके बाद फलासिया में 49, नाई में 46, झाड़ोल में 44 और गिर्वा व वल्लभनगर में 43-43 प्रत्याशी मैदान में हैं। मावली में 41, घासा और ओगणा में 39-39 तथा कुराबड़ में 32 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
महिला मतदाताओं की भी बड़ी भागीदारी
प्रथम चरण में कुल 7,32,667 मतदाताओं में 3,70,654 पुरुष और 3,62,011 महिला मतदाता हैं। इसके अलावा दो ट्रांसजेंडर मतदाता भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या में अंतर महज 8,643 है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के चुनावी परिणामों में महिला मतदाताओं की भागीदारी भी अहम भूमिका निभा सकती है।
उपसरपंच चुनाव की तारीखें तय, सुबह 10 बजे शुरू होगी चुनावी प्रक्रिया
पंचायतीराज चुनाव के तहत अब ग्राम पंचायतों में उपसरपंच चुनने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने उपसरपंच निर्वाचन के लिए चरणवार तारीखों के साथ समय-सारणी जारी कर दी है। इसके अनुसार पहले चरण में 25 अक्टूबर, दूसरे चरण में 31 अक्टूबर, तीसरे चरण में 6 नवंबर और चौथे चरण में 17 नवंबर को उपसरपंचों का चुनाव कराया जाएगा। चुनावी प्रक्रिया सुबह 10 बजे बैठक शुरू होने के साथ प्रारंभ होगी। नामांकन, जांच, चुनाव चिह्न आवंटन और जरूरत पड़ने पर मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव राजेश वर्मा ने इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (कलक्टरों) को निर्देश जारी किए हैं। वार्ड पंचों के निर्वाचन की घोषणा के बाद नवनिर्वाचित पंचों और सरपंच की बैठक होगी, जिसमें उपसरपंच का चुनाव किया जाएगा।
सुबह 9 बजे से पहले चस्पा करना होगा नोटिस
उपसरपंच चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने से पहले बैठक के समय और स्थान की सूचना देना अनिवार्य होगा। आयोग के निर्देशानुसार सुबह 9 बजे से पहले बैठक का नोटिस जारी करना होगा। इसे पंचायत कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया जाएगा। यदि पंचायत कार्यालय नहीं है या चुनाव पंचायत मुख्यालय से अलग स्थान पर कराया जा रहा है, तो नोटिस किसी ऐसे स्थान पर लगाया जाएगा, जहां वह आसानी से दिखाई दे। साथ ही, बैठक के समय और स्थान की जानकारी उपस्थित सरपंच एवं पंचों को भी देनी होगी।
एक घंटे में नामांकन, फिर जांच और चुनाव चिह्न
आयोग की ओर से जारी समय-सारणी के अनुसार सुबह 10 बजे बैठक शुरू होगी। इसके बाद सुबह 11 बजे तक नामांकन पत्र प्रस्तुत किए जा सकेंगे। सुबह 11:30 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच होगी। इसके बाद सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच प्रत्याशियों की सूची तैयार कर चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। यदि उपसरपंच पद के लिए मतदान की आवश्यकता होती है, तो दोपहर 12 से 1 बजे के बीच मतदान कराया जाएगा। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।
दस पंचायत समिति क्षेत्रों में आज मतदान, पोलिंग पार्टियां केंद्रों पर पहुंचीं
पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए बुधवार को मतदान दलों को अंतिम प्रशिक्षण देने के बाद निर्धारित केंद्रों के लिए रवाना किया गया। गुरुवार को जिले के 10 पंचायत समिति क्षेत्रों में मतदान होगा। मतदान की तैयारियों के तहत प्रशासन ने कार्मिकों को निर्वाचन प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत कराया, वहीं पुलिस एवं सुरक्षा कार्मिकों को शांतिपूर्ण, निर्भीक और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
नगर निगम के सुखाड़िया रंगमंच सभागार और फतह स्कूल परिसर में आयोजित अंतिम प्रशिक्षण में जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल ने मतदान दलों को आपसी समन्वय, अनुशासन और समयबद्धता के साथ काम करने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने के निर्देश दिए। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने कहा कि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और मतदान के लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना पुलिस एवं सुरक्षा बलों की अहम जिम्मेदारी है।
सामग्री वितरण के बाद वाहनों से हुए रवाना
पहले चरण के मतदान के लिए बुधवार को सुखाड़िया रंगमंच सभागार और फतह स्कूल परिसर में मतदान कार्मिकों का अंतिम प्रशिक्षण हुआ। प्रशिक्षण के बाद राजस्थान कृषि महाविद्यालय और पीएमश्री राजकीय फतह विद्यालय परिसर में अलग-अलग काउंटरों से मतदान दलों को निर्वाचन सामग्री वितरित की गई। इसके बाद दल अपने-अपने आवंटित वाहनों से संबंधित मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुए।
पंचायतीराज चुनाव: तृतीय चरण में तीसरे दिन 45 नामांकन दाखिल
पंचायतीराज चुनाव के तीसरे चरण के लिए जिले की चार पंचायत समितियों में नामांकन प्रक्रिया जारी है। नामांकन के तीसरे दिन बुधवार को कुल 45 उम्मीदवारों ने 45 नामांकन पत्र दाखिल किए। जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल ने बताया कि पंचायत समिति कल्याणपुर में बुधवार को 12 उम्मीदवारों ने 12, खेरवाड़ा में 3 उम्मीदवारों ने 3, नयागांव में 8 उम्मीदवारों ने 8 तथा ऋषभदेव में सर्वाधिक 22 उम्मीदवारों ने 22 नामांकन पत्र दाखिल किए। इस प्रकार चार पंचायत समितियों में अब तक कुल 49 नामांकन पत्र दाखिल हुए हैं। इनमें कल्याणपुर में 13, खेरवाड़ा में 3, नयागांव में 11 और ऋषभदेव में 22 नामांकन पत्र जमा हुए हैं। तृतीय चरण के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर है।
पंचायतीराज चुनाव: मतदान वाले क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश
पंचायतीराज चुनाव-2026 में मतदान के दिन संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने तीनों चरणों के मतदान कार्यक्रम के अनुसार अवकाश घोषित किया है। वहीं, निजी और सार्वजनिक प्रतिष्ठानों, दुकानों तथा औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी मतदान के लिए सवैतनिक अवकाश दिया जाएगा। प्रथम चरण में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए 22 अक्टूबर और पंच-सरपंच चुनाव के लिए 24 अक्टूबर को अवकाश रहेगा। यह अवकाश झाड़ोल, फलासिया, कुराबड़, वल्लभनगर, गिर्वा, ओगणा, भींडर, नाई, मावली और घासा पंचायत समिति क्षेत्रों में लागू होगा।
जिन स्कूलों, कार्यालयों और संस्थानों में मतदान प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी या जहां मतदान दलों के ठहरने की व्यवस्था की गई है, वहां निर्धारित अवधि के लिए अवकाश रहेगा। प्रथम चरण में 21 से 25 अक्टूबर, द्वितीय चरण में 27 से 31 अक्टूबर और तृतीय चरण में 2 से 6 नवंबर तक संबंधित संस्थान बंद रहेंगे।

