पूर्णिया में सोमवार को जिला स्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता 2026-27 की शुरुआत हुई। यह प्रतियोगिता खेल विभाग, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और जिला प्रशासन की ओर से आयोजित की जा रही है। सामरोह में जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला खेल पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी और प्रशिक्षु आईएएस भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान जिला पदाधिकारी ने छोटे स्कूली बच्चों को मंच पर बुलाया और उन्हें दीप जलाने में शामिल किया। प्रतियोगिता में खेल भावना और निष्पक्षता पर विशेष जोर दिया गया। पूर्णिया अब प्रमंडलीय खेलों की मेजबानी के लिए भी तैयार है। जिला और प्रमंडल स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन जिला अधिकारी अंशुल कुमार ने बताया कि बिहार के सभी जिलों की तरह पूर्णिया में भी खेल प्रतियोगिता का उद्घाटन सत्र शुरू हो चुका है। इस प्रतियोगिता में जिले के सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों के छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता के अंतर्गत फुटबॉल, वॉलीबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स और इनसे जुड़ी विधाएं आयोजित की जा रही है। जिला स्तर के बाद प्रमंडल स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिसके लिए पूर्णिया को एथलेटिक्स विधा की मेजबानी का अवसर मिला है। इसके पश्चात विजयी प्रतिभागी राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे। राष्ट्रीय एवं ओलंपिक स्तर के लिए प्रतिभा खोज बिहार सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए डीएम ने कहा कि यह हर साल आयोजित होने वाला एक ऐसा मंच है, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से प्रतिभावान खिलाड़ियों को तराशने का काम करता है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय और ओलंपिक स्तर के लिए तैयार करना है। खिलाड़ियों के लिए संदेश: खेल भावना और 100 फीसदी योगदान जिला पदाधिकारी ने आगे कहा कि सभी खिलाड़ियों को खेल भावना और टीम स्पिरिट के साथ खेलना चाहिए। खेल में जाति, धर्म या किसी भी प्रकार के भेदभाव की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। सभी प्रतिभागी अपना 100 फीसदी योगदान देने पर ध्यान केंद्रित करें। पूर्णिया में सोमवार को जिला स्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता 2026-27 की शुरुआत हुई। यह प्रतियोगिता खेल विभाग, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और जिला प्रशासन की ओर से आयोजित की जा रही है। सामरोह में जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला खेल पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी और प्रशिक्षु आईएएस भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान जिला पदाधिकारी ने छोटे स्कूली बच्चों को मंच पर बुलाया और उन्हें दीप जलाने में शामिल किया। प्रतियोगिता में खेल भावना और निष्पक्षता पर विशेष जोर दिया गया। पूर्णिया अब प्रमंडलीय खेलों की मेजबानी के लिए भी तैयार है। जिला और प्रमंडल स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन जिला अधिकारी अंशुल कुमार ने बताया कि बिहार के सभी जिलों की तरह पूर्णिया में भी खेल प्रतियोगिता का उद्घाटन सत्र शुरू हो चुका है। इस प्रतियोगिता में जिले के सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों के छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता के अंतर्गत फुटबॉल, वॉलीबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स और इनसे जुड़ी विधाएं आयोजित की जा रही है। जिला स्तर के बाद प्रमंडल स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिसके लिए पूर्णिया को एथलेटिक्स विधा की मेजबानी का अवसर मिला है। इसके पश्चात विजयी प्रतिभागी राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे। राष्ट्रीय एवं ओलंपिक स्तर के लिए प्रतिभा खोज बिहार सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए डीएम ने कहा कि यह हर साल आयोजित होने वाला एक ऐसा मंच है, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से प्रतिभावान खिलाड़ियों को तराशने का काम करता है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय और ओलंपिक स्तर के लिए तैयार करना है। खिलाड़ियों के लिए संदेश: खेल भावना और 100 फीसदी योगदान जिला पदाधिकारी ने आगे कहा कि सभी खिलाड़ियों को खेल भावना और टीम स्पिरिट के साथ खेलना चाहिए। खेल में जाति, धर्म या किसी भी प्रकार के भेदभाव की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। सभी प्रतिभागी अपना 100 फीसदी योगदान देने पर ध्यान केंद्रित करें।

