एटा पुलिस, सर्विलांस टीम और साइबर सेल ने मिलकर 155 महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनकी कीमत करीब 27 लाख रुपए बताई गई है। यह फोन केंद्र सरकार के CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर मिले हैं। एटा पुलिस ने इन मोबाइल फोन को पुलिस लाइन में उनके मालिकों को सौंप दिया। अपने फोन पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने पुलिस के काम की तारीफ की। अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडे ने शुक्रवार दोपहर 1:30 बजे यह जानकारी दी। एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामरन जी के निर्देश पर गुम हुए मोबाइल फोन ढूंढने के लिए पूरे जिले में अभियान चलाया जा रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडे की देखरेख में सर्विलांस, साइबर सेल और एटा पुलिस ने थानों के साथ मिलकर काम किया। उन्होंने CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर अलग-अलग कंपनियों के 155 मोबाइल फोन बरामद किए। इनकी कीमत 27 लाख रुपए है। एटा पुलिस अब तक कुल 1088 मोबाइल फोन बरामद कर चुकी है। बरामद किए गए मोबाइल फोन में विभिन्न कंपनियों के मॉडल शामिल हैं। इनमें iQOO के 4, Oppo के 31, Tecno के 2, Poco के 3, Motorola के 7, Realme के 22, Redmi के 15, Lava के 4, OnePlus के 6, Vivo के 27, Samsung के 26, Infinix के 3, Nothing के 1, iTel के 3 और Nova के 1 मोबाइल फोन हैं। गुम हुए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ढूंढने के लिए CEIR पोर्टल का इस्तेमाल ऐसे कर सकते हैं: 1. सबसे पहले पोर्टल की वेबसाइट https://www.ceir.gov.in/General/index.jsp पर जाएं। 2. वहां “Block Stolen/Lost Mobile” का विकल्प चुनें। 3. अपने मोबाइल का IMEI नंबर, सिम की जानकारी और शिकायत संख्या भरें। 4. थाने से जानकारी की पुष्टि होने के बाद मोबाइल को ट्रैक करने की कार्रवाई शुरू की जाती है। 5. जब आपका मोबाइल मिल जाए, तो उसे “Unblock Found Mobile” विकल्प से अनब्लॉक कर दें। 6. मोबाइल गुम होने के पश्चात साइबर अपराध की संभावना बढ़ जाती है, अतः संबंधित सिम क तुरंत बंद कराकर दोबारा री-इश्यू (Reissue) कराएं, जिससे किसी भी प्रकार के दुरुपयोग क संभावना समाप्त हो जाए। 7. मोबाइल खरीदते समय उसका IMEI नंबर नोट कर सुरक्षित रखें। 8. यदि मोबाइल गुम/चोरी हो जाए तो तुरंत निकटतम थाना या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें। 9. किसी भी अनजान व्यक्ति या लिंक पर व्यक्तिगत जानकारी या बैंकिंग डिटेल साझा न करें। 10. गुमशुदा मोबाइल की रिपोर्ट थाना पुलिस व CEIR पोर्टल दोनों पर दर्ज करें ताकि ट्रैकिंग शीघ्र आरंभ हो सके।

