पुराने केस में HAM जिलाध्यक्ष अरेस्ट:सीतामढ़ी कोर्ट में जमानत के कागज मिले तो पीआर बांड पर रिहा

पुराने केस में HAM जिलाध्यक्ष अरेस्ट:सीतामढ़ी कोर्ट में जमानत के कागज मिले तो पीआर बांड पर रिहा

सीतामढ़ी में हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के जिला अध्यक्ष सफीउद्दीन फलाही को पुलिस ने एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया। फलाही का दावा है कि वह इस केस में पहले से जमानत पर थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें हथकड़ी लगाकर कोर्ट में पेश किया गया। वहां केस के रिकॉर्ड की जांच में जमानत से जुड़े कागजात मिलने के बाद उन्हें पीआर बांड पर रिहा कर दिया गया। रात 12 बजे पैतृक गांव पहुंची पुलिस फलाही के अनुसार, रुन्नीसैदपुर थाना की आईओ रितु कुमारी पुलिस टीम के साथ उनके पैतृक गांव बाजपट्टी पहुंचीं। रात करीब 12 बजे पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। उनका आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें पूरी रात थाने की हाजत में रखा गया। हथकड़ी लगाकर कोर्ट ले जाने का आरोप फलाही ने बताया कि सुबह उन्हें हाथों में हथकड़ी लगाकर सीतामढ़ी कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया। उनका कहना है कि उन्होंने पुलिस को पहले ही बताया था कि वह मामले में जमानत पर हैं, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। कोर्ट में पेशी के दौरान फलाही के वकील और उनके भाई आजम मलिक ने पुलिस से केस के रिकॉर्ड की दोबारा जांच कराने को कहा। इसके बाद रिकॉर्ड रूम में केस से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई। रिकॉर्ड रूम में मिले जमानत के कागजात फलाही के मुताबिक, रिकॉर्ड की जांच के दौरान उनकी जमानत से संबंधित कागजात मिल गए। जमानत की स्थिति स्पष्ट होने के बाद उनकी हथकड़ी खोल दी गई और उन्हें पीआर बांड पर रिहा कर दिया गया। सीतामढ़ी पुलिस का कहना है कि फलाही को गिरफ्तार करने पहुंची टीम को उन्होंने जमानत से जुड़े कोई कागजात नहीं दिखाए थे। इसी वजह से उन्हें हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में कागजात मिलने के बाद रिहाई पुलिस के अनुसार, कोर्ट के रिकॉर्ड रूम से जमानत के कागजात मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट हुई। इसके बाद सफीउद्दीन फलाही को पीआर बांड पर रिहा कर दिया गया। HAM जिला अध्यक्ष ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस कार्रवाई में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सीतामढ़ी में हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के जिला अध्यक्ष सफीउद्दीन फलाही को पुलिस ने एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया। फलाही का दावा है कि वह इस केस में पहले से जमानत पर थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें हथकड़ी लगाकर कोर्ट में पेश किया गया। वहां केस के रिकॉर्ड की जांच में जमानत से जुड़े कागजात मिलने के बाद उन्हें पीआर बांड पर रिहा कर दिया गया। रात 12 बजे पैतृक गांव पहुंची पुलिस फलाही के अनुसार, रुन्नीसैदपुर थाना की आईओ रितु कुमारी पुलिस टीम के साथ उनके पैतृक गांव बाजपट्टी पहुंचीं। रात करीब 12 बजे पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। उनका आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें पूरी रात थाने की हाजत में रखा गया। हथकड़ी लगाकर कोर्ट ले जाने का आरोप फलाही ने बताया कि सुबह उन्हें हाथों में हथकड़ी लगाकर सीतामढ़ी कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया। उनका कहना है कि उन्होंने पुलिस को पहले ही बताया था कि वह मामले में जमानत पर हैं, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। कोर्ट में पेशी के दौरान फलाही के वकील और उनके भाई आजम मलिक ने पुलिस से केस के रिकॉर्ड की दोबारा जांच कराने को कहा। इसके बाद रिकॉर्ड रूम में केस से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई। रिकॉर्ड रूम में मिले जमानत के कागजात फलाही के मुताबिक, रिकॉर्ड की जांच के दौरान उनकी जमानत से संबंधित कागजात मिल गए। जमानत की स्थिति स्पष्ट होने के बाद उनकी हथकड़ी खोल दी गई और उन्हें पीआर बांड पर रिहा कर दिया गया। सीतामढ़ी पुलिस का कहना है कि फलाही को गिरफ्तार करने पहुंची टीम को उन्होंने जमानत से जुड़े कोई कागजात नहीं दिखाए थे। इसी वजह से उन्हें हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में कागजात मिलने के बाद रिहाई पुलिस के अनुसार, कोर्ट के रिकॉर्ड रूम से जमानत के कागजात मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट हुई। इसके बाद सफीउद्दीन फलाही को पीआर बांड पर रिहा कर दिया गया। HAM जिला अध्यक्ष ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस कार्रवाई में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।  

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