शाजापुर में भारतीय किसान संघ की तहसील इकाई ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। यह धरना मंगलवार से जारी है और बुधवार को भी किसानों का प्रदर्शन जारी रहा। किसान इस साल सोयाबीन की फसल में पीला मोजेक रोग से हुए नुकसान और साल 2025 की फसल बीमा राशि में आई गड़बड़ी को लेकर नाराज हैं। उनका कहना है कि फसल खराब होने के बावजूद कई किसानों को उम्मीद के मुताबिक बीमा राशि नहीं मिली है। किसानों ने क्या कहा? भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस साल सोयाबीन की फसल में पीला मोजेक रोग फैल रहा है। इससे किसानों की फसल पर असर पड़ रहा है और उत्पादन घटने की आशंका है। किसानों की मांग है कि प्रशासन खेतों में फसल का सही सर्वे कराए और वास्तविक नुकसान के आधार पर उन्हें राहत और बीमा राशि दे। उन्होंने यह भी बताया कि साल 2025 में भी सोयाबीन की फसल खराब हुई थी। तब फसल बीमा की राशि बांटने में कई गड़बड़ी सामने आई थीं। कई किसानों को शिकायत है कि उन्हें जितना नुकसान हुआ, उसके हिसाब से बीमा राशि नहीं मिली। किसानों का आरोप है कि सर्वे और बीमा भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। भारतीय किसान संघ ने प्रशासन से मांग की है कि पिछले साल की बीमा राशि में हुई गड़बड़ी की जांच की जाए। साथ ही, जो किसान इसके हकदार हैं, उन्हें उचित बीमा राशि दी जाए। इसके अलावा, इस साल पीला मोजेक से असर पड़ी सोयाबीन की फसल का निष्पक्ष और सही सर्वे कराया जाए। किसान संघ ने साफ किया है कि जब तक किसानों की समस्याओं का सही समाधान नहीं होता, तब तक कलेक्टर कार्यालय के बाहर उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

