तमिलनाडु में कांग्रेस और TVK के बीच 2029 में पीएम पद की उम्मीदवारी को लेकर विवाद बढ़ गया। इस बीच सोमवार को कांग्रेस विधायक थरहाई कथबर्ट की विधानसभा में सीट बदल दी गई है। अब वो विधानसभा में विपक्ष के साथ उनकी बेंच पर बैठेंगे। रविवार को ही राज्य के पर्यटन मंत्री एस. राजेश कुमार ने राहुल गांधी को 2029 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अगर TVK ने राहुल गांधी का समर्थन नहीं किया, तो मंत्रिमंडल में शामिल कांग्रेस के नेता मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। टीवीके के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री आधव अर्जुन ने पहले कहा था कि देश का पीएम तमिलनाडु के किसी नेता के पास होना चाहिए। उनके बयान को पार्टी प्रमुख विजय को प्रधानमंत्री पद के संभावित दावेदार के तौर पर पेश किए जाने से जोड़कर देखा जा रहा है। MOTN सर्वे के बाद शुरू हुआ विवाद 27 अगस्त को इंडिया टुडे ने अपना MOTN (मूड ऑफ द नेशन) सर्वे जारी किया। उस सर्वे के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी अभी भी प्रधानमंत्री पद की रेस में लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। सर्वे में 48.7% लोगों ने उन्हें अपनी पहली पसंद बताया। वहीं, राहुल गांधी 27.1% के साथ दूसरे नंबर पर हैं। लेकिन 9.2% लोगों ने विजय को पीएम पद के लिए अपनी पहली पसंद बताया था। DMK ने कहा- कल्पना की कोई सीमा नहीं डीएमके नेता आरएस भारती ने सोमवार को टीवीके पर तंज कसते हुए कहा कि कल्पना की कोई सीमा नहीं होती। वहीं, कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने विजय को 2029 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की महत्वाकांक्षा को खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बनने के लिए 272 सांसदों की सीटें हासिल करनी होती हैं। वहीं, कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने MOTN के सर्वे को फर्जी बताया है। डीएमके नेता टी के एस एलंगोवन ने सोमवार को राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करने पर कांग्रेस के रुख का समर्थन किया, न कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय को। DMK नेता एलंगोवन ने कहा कि कांग्रेस देश की एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी है और उसने वर्षों तक देश पर शासन किया है। टीवीके विजय को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करने की इच्छा कैसे रख सकता है। अब तक दक्षिण भारत से सिर्फ दो प्रधानमंत्री आजादी के बाद से अब तक भारत को दक्षिण भारत से दो प्रधानमंत्री मिले हैं। इनमें पी. वी. नरसिम्हा राव (आंध्र प्रदेश) और एच. डी. देवेगौड़ा (कर्नाटक) शामिल हैं। पी. वी. नरसिम्हा राव ने 1991 से 1996 तक और एच. डी. देवेगौड़ा ने 1996 से 1997 तक देश का नेतृत्व किया था।
पीएम उम्मीदवारी पर कांग्रेस और TVK में विवाद:मंत्रियों ने विजय को प्रधानमंत्री का दावेदार बताया; कांग्रेस विधायक को तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष की बेंच पर बैठाया

