गयाजी में पितृपक्ष मेले को लेकर पुलिस अलर्ट मोड में हैं। सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। विष्णु पद मंदिर और मेला क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक एआई तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। अस्थायी थाने से पूरे क्षेत्र में 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। स्मार्ट सर्विलांस से हर गतिविधि पर नजर एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि तकनीक के इस्तेमाल से सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत और सटीक हो गई है। मेला परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से हाईटेक कर दिया गया है। इसके लिए विष्णु पद मंदिर के अंदर एक अस्थायी थाना बनाया गया है। इस थाने में पुलिस पदाधिकारियों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। पूरे मेला क्षेत्र में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन सभी कैमरों का लाइव डिस्प्ले नियंत्रण कक्ष में देखा जा सकता है। सुरक्षा को और असरदार बनाने के लिए इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। भीड़ बढ़ते ही तुरंत मिलेगा अलर्ट एआई कैमरे मेला क्षेत्र में लोगों की संख्या की गिनती यानी ‘हेड काउंट’ लगातार करते रहते हैं। किस जगह पर कितने लोग मौजूद हैं, इसका रियल टाइम डेटा कंट्रोल रूम को मिलता रहता है। अगर किसी स्थान पर क्षमता से अधिक भीड़ जमा होती है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देता है। अलर्ट मिलते ही वॉकी-टॉकी के जरिए संबंधित क्षेत्र में तैनात पुलिस अधिकारियों और मजिस्ट्रेट को सूचना भेजी जाती है। इसके बाद मौके पर अतिरिक्त बल भेजकर भीड़ को तुरंत नियंत्रित कर लिया जाता है। संदेह के आधार पर संदिग्धों की पहचान एआई तकनीक केवल भीड़ ही नहीं, बल्कि संदिग्ध आचरण वाले व्यक्तियों पर भी नजर रखती है। यदि कोई व्यक्ति असाधारण व्यवहार करता है या चोरी की मंशा से घूमता है। तो सिस्टम उसे तुरंत पहचान लेता है। चोरी या अपराध की नीयत से घूमने वालों की पहचान होते ही पुलिस को रियल टाइम अलर्ट भेजा जाता है। इसके बाद पास में मौजूद पुलिसकर्मी संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ करते हैं। खोए बच्चों को ढूंढना हुआ आसान मेले में बच्चों के खो जाने की समस्या से निपटने में यह तकनीक काफी मददगार साबित हो रही है। यदि कोई बच्चा खो जाता है, तो उसका हुलिया या कपड़ों के रंग का ब्योरा सिस्टम में दर्ज किया जाता है।
इसके बाद एआई सिस्टम सभी 500 कैमरों में उस हुलिए से मेल खाते बच्चे की तलाश शुरू कर देता है। कुछ ही समय में बच्चा किस जगह पर मौजूद है, उसकी सटीक लोकेशन पता चल जाती है। इससे बच्चों को सुरक्षित ढूंढकर उनके परिजनों से मिलाना बेहद आसान हो गया है। चोरी की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई यदि मेले में किसी का मोबाइल या अन्य सामान चोरी होता है, तो एआई कैमरों की मदद से संदिग्ध का फोटो तुरंत सामने आ जाता है। सिस्टम यह भी ट्रैक कर लेता है कि आरोपी किस दिशा में भागा है। इस मूवमेंट ट्रैकिंग की मदद से ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारी त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को तुरंत धर दबोचते हैं।
सिटी एसपी सुशील कुमार ने बताया कि एआई तकनीक के उपयोग से पुलिस कार्यप्रणाली अधिक स्मार्ट और त्वरित हुई है। इससे सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में अभूतपूर्व सहायता मिल रही है। गयाजी में पितृपक्ष मेले को लेकर पुलिस अलर्ट मोड में हैं। सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। विष्णु पद मंदिर और मेला क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक एआई तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। अस्थायी थाने से पूरे क्षेत्र में 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। स्मार्ट सर्विलांस से हर गतिविधि पर नजर एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि तकनीक के इस्तेमाल से सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत और सटीक हो गई है। मेला परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से हाईटेक कर दिया गया है। इसके लिए विष्णु पद मंदिर के अंदर एक अस्थायी थाना बनाया गया है। इस थाने में पुलिस पदाधिकारियों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। पूरे मेला क्षेत्र में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन सभी कैमरों का लाइव डिस्प्ले नियंत्रण कक्ष में देखा जा सकता है। सुरक्षा को और असरदार बनाने के लिए इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। भीड़ बढ़ते ही तुरंत मिलेगा अलर्ट एआई कैमरे मेला क्षेत्र में लोगों की संख्या की गिनती यानी ‘हेड काउंट’ लगातार करते रहते हैं। किस जगह पर कितने लोग मौजूद हैं, इसका रियल टाइम डेटा कंट्रोल रूम को मिलता रहता है। अगर किसी स्थान पर क्षमता से अधिक भीड़ जमा होती है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देता है। अलर्ट मिलते ही वॉकी-टॉकी के जरिए संबंधित क्षेत्र में तैनात पुलिस अधिकारियों और मजिस्ट्रेट को सूचना भेजी जाती है। इसके बाद मौके पर अतिरिक्त बल भेजकर भीड़ को तुरंत नियंत्रित कर लिया जाता है। संदेह के आधार पर संदिग्धों की पहचान एआई तकनीक केवल भीड़ ही नहीं, बल्कि संदिग्ध आचरण वाले व्यक्तियों पर भी नजर रखती है। यदि कोई व्यक्ति असाधारण व्यवहार करता है या चोरी की मंशा से घूमता है। तो सिस्टम उसे तुरंत पहचान लेता है। चोरी या अपराध की नीयत से घूमने वालों की पहचान होते ही पुलिस को रियल टाइम अलर्ट भेजा जाता है। इसके बाद पास में मौजूद पुलिसकर्मी संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ करते हैं। खोए बच्चों को ढूंढना हुआ आसान मेले में बच्चों के खो जाने की समस्या से निपटने में यह तकनीक काफी मददगार साबित हो रही है। यदि कोई बच्चा खो जाता है, तो उसका हुलिया या कपड़ों के रंग का ब्योरा सिस्टम में दर्ज किया जाता है।
इसके बाद एआई सिस्टम सभी 500 कैमरों में उस हुलिए से मेल खाते बच्चे की तलाश शुरू कर देता है। कुछ ही समय में बच्चा किस जगह पर मौजूद है, उसकी सटीक लोकेशन पता चल जाती है। इससे बच्चों को सुरक्षित ढूंढकर उनके परिजनों से मिलाना बेहद आसान हो गया है। चोरी की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई यदि मेले में किसी का मोबाइल या अन्य सामान चोरी होता है, तो एआई कैमरों की मदद से संदिग्ध का फोटो तुरंत सामने आ जाता है। सिस्टम यह भी ट्रैक कर लेता है कि आरोपी किस दिशा में भागा है। इस मूवमेंट ट्रैकिंग की मदद से ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारी त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को तुरंत धर दबोचते हैं।
सिटी एसपी सुशील कुमार ने बताया कि एआई तकनीक के उपयोग से पुलिस कार्यप्रणाली अधिक स्मार्ट और त्वरित हुई है। इससे सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में अभूतपूर्व सहायता मिल रही है।

