अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के बासमती गांव की एक महिला रविवार को पश्चिम बंगाल के चांदपुर पोठीमारी स्थित गंगा कैनाल में स्नान करने के दौरान तेज धार में बहकर लापता हो गई। महिला की पहचान बासमती गांव निवासी श्याम सुंदर पंडित की पत्नी सरस्वती देवी के रूप में हुई है। घटना के बाद काफी देर तक स्थानीय लोगों ने महिला की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। चांदपुर कैनाल के आसपास रहने वाले लोग और गोताखोर महिला को खोजने में जुटे हुए हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद बासमती गांव में भी परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। गहरे पानी में जाने के बाद तेज धार में हुईं लापता बताया गया कि विश्वकर्मा पूजा को लेकर श्याम सुंदर पंडित रविवार सुबह अपनी पत्नी सरस्वती देवी को मोटरसाइकिल पर बैठाकर पश्चिम बंगाल के चांदपुर पोठीमारी स्थित गंगा कैनाल में स्नान करने गए थे। दोनों धार्मिक स्वभाव के बताए जाते हैं। स्नान के दौरान सरस्वती देवी गहरे पानी की ओर चली गईं। इसी दौरान वह गंगा की तेज धार की चपेट में आ गईं और देखते ही देखते पानी में बह गईं। पत्नी को बहते देख श्याम सुंदर पंडित ने शोर मचाया। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और महिला की तलाश शुरू की, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद सरस्वती देवी का पता नहीं चल पाया। गांव में खबर पहुंचते ही घर पर जुटे परिजन और ग्रामीण घटना के बाद श्याम सुंदर पंडित ने इसकी सूचना बासमती गांव में अपने परिजनों को दी। महिला के नदी में बहने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंच गए। परिजनों ने बताया कि श्याम सुंदर पंडित और सरस्वती देवी काफी धार्मिक प्रवृत्ति के थे। विश्वकर्मा पूजा को लेकर दोनों रविवार सुबह गंगा स्नान के लिए घर से निकले थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि धार्मिक स्नान परिवार के लिए इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा। सरस्वती देवी के लापता होने के बाद से घर में मातम पसरा हुआ है। तीन बच्चों के सिर से उठा मां का साया सरस्वती देवी के तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और एक बेटी शामिल हैं। मां के लापता होने के बाद बच्चों समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर, बरसात के कारण गंगा उफान पर है और चांदपुर पोठीमारी स्थित गंगा कैनाल में जलस्तर काफी बढ़ा हुआ बताया जा रहा है। पानी का बहाव भी तेज है, जिससे महिला की तलाश में जुटे लोगों को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोग और गोताखोर लगातार कैनाल में महिला की खोज कर रहे हैं। कैनाल में धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग स्नान करने पहुंचते हैं। ऐसे में तेज बहाव और बढ़े जलस्तर के बीच स्नान करने को लेकर सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल सरस्वती देवी का कोई सुराग नहीं मिला है और तलाश जारी है। अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के बासमती गांव की एक महिला रविवार को पश्चिम बंगाल के चांदपुर पोठीमारी स्थित गंगा कैनाल में स्नान करने के दौरान तेज धार में बहकर लापता हो गई। महिला की पहचान बासमती गांव निवासी श्याम सुंदर पंडित की पत्नी सरस्वती देवी के रूप में हुई है। घटना के बाद काफी देर तक स्थानीय लोगों ने महिला की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। चांदपुर कैनाल के आसपास रहने वाले लोग और गोताखोर महिला को खोजने में जुटे हुए हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद बासमती गांव में भी परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। गहरे पानी में जाने के बाद तेज धार में हुईं लापता बताया गया कि विश्वकर्मा पूजा को लेकर श्याम सुंदर पंडित रविवार सुबह अपनी पत्नी सरस्वती देवी को मोटरसाइकिल पर बैठाकर पश्चिम बंगाल के चांदपुर पोठीमारी स्थित गंगा कैनाल में स्नान करने गए थे। दोनों धार्मिक स्वभाव के बताए जाते हैं। स्नान के दौरान सरस्वती देवी गहरे पानी की ओर चली गईं। इसी दौरान वह गंगा की तेज धार की चपेट में आ गईं और देखते ही देखते पानी में बह गईं। पत्नी को बहते देख श्याम सुंदर पंडित ने शोर मचाया। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और महिला की तलाश शुरू की, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद सरस्वती देवी का पता नहीं चल पाया। गांव में खबर पहुंचते ही घर पर जुटे परिजन और ग्रामीण घटना के बाद श्याम सुंदर पंडित ने इसकी सूचना बासमती गांव में अपने परिजनों को दी। महिला के नदी में बहने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंच गए। परिजनों ने बताया कि श्याम सुंदर पंडित और सरस्वती देवी काफी धार्मिक प्रवृत्ति के थे। विश्वकर्मा पूजा को लेकर दोनों रविवार सुबह गंगा स्नान के लिए घर से निकले थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि धार्मिक स्नान परिवार के लिए इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा। सरस्वती देवी के लापता होने के बाद से घर में मातम पसरा हुआ है। तीन बच्चों के सिर से उठा मां का साया सरस्वती देवी के तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और एक बेटी शामिल हैं। मां के लापता होने के बाद बच्चों समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर, बरसात के कारण गंगा उफान पर है और चांदपुर पोठीमारी स्थित गंगा कैनाल में जलस्तर काफी बढ़ा हुआ बताया जा रहा है। पानी का बहाव भी तेज है, जिससे महिला की तलाश में जुटे लोगों को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोग और गोताखोर लगातार कैनाल में महिला की खोज कर रहे हैं। कैनाल में धार्मिक आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग स्नान करने पहुंचते हैं। ऐसे में तेज बहाव और बढ़े जलस्तर के बीच स्नान करने को लेकर सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल सरस्वती देवी का कोई सुराग नहीं मिला है और तलाश जारी है।

