खगड़िया में पसराहा रेलवे स्टेशन पर रविवार, 30 अगस्त को पूर्वोत्तर बिहार रेल उपभोक्ता संघर्ष समिति ने एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना दिया। यह धरना विभिन्न एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव और यात्री सुविधाओं से जुड़ी मांगों को लेकर आयोजित किया गया। इसमें समिति के पदाधिकारी, सदस्य और स्थानीय लोग शामिल हुए। समिति के संयोजक सचिदानंद सिंह ने बताया कि पसराहा स्टेशन कटिहार-बरौनी रेलखंड का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद यहां बहुत कम ट्रेनों का ठहराव होता है। समिति के आंकड़ों के अनुसार, रेलवे को इस स्टेशन से प्रतिवर्ष लगभग 7 से 8 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। समिति ने कैपिटल एक्सप्रेस, हाटेबाजार एक्सप्रेस, कटिहार-टाटा एक्सप्रेस और आम्रपाली एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों के पसराहा स्टेशन पर ठहराव की मांग की है। समिति का तर्क है कि इन ट्रेनों के रुकने से न केवल रेलवे के राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि आसपास की दर्जनों पंचायतों की लगभग 5 लाख आबादी को भी आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त, समिति ने कटिहार-जमालपुर के बीच ईएमयू/डीएमयू ट्रेन चलाने की भी मांग की है। साथ ही, कटिहार-नवगछिया-खगड़िया-हसनपुर-रोसड़ा घाट होते हुए समस्तीपुर अथवा दरभंगा के लिए एक इंटरसिटी एक्सप्रेस चलाने का भी आग्रह किया गया है। समिति ने शनिवार को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी खगड़िया, पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक हाजीपुर, मंडल रेल प्रबंधक सोनपुर, रेल आरक्षी अधीक्षक कटिहार व खगड़िया, एसडीओ गोगरी और स्टेशन अधीक्षक पसराहा को सौंपा था। रविवार को भी स्टेशन परिसर में धरना जारी रहा, और समिति ने रेलवे से इन मांगों पर सकारात्मक पहल करने की उम्मीद जताई है। खगड़िया में पसराहा रेलवे स्टेशन पर रविवार, 30 अगस्त को पूर्वोत्तर बिहार रेल उपभोक्ता संघर्ष समिति ने एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना दिया। यह धरना विभिन्न एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव और यात्री सुविधाओं से जुड़ी मांगों को लेकर आयोजित किया गया। इसमें समिति के पदाधिकारी, सदस्य और स्थानीय लोग शामिल हुए। समिति के संयोजक सचिदानंद सिंह ने बताया कि पसराहा स्टेशन कटिहार-बरौनी रेलखंड का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद यहां बहुत कम ट्रेनों का ठहराव होता है। समिति के आंकड़ों के अनुसार, रेलवे को इस स्टेशन से प्रतिवर्ष लगभग 7 से 8 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। समिति ने कैपिटल एक्सप्रेस, हाटेबाजार एक्सप्रेस, कटिहार-टाटा एक्सप्रेस और आम्रपाली एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों के पसराहा स्टेशन पर ठहराव की मांग की है। समिति का तर्क है कि इन ट्रेनों के रुकने से न केवल रेलवे के राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि आसपास की दर्जनों पंचायतों की लगभग 5 लाख आबादी को भी आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त, समिति ने कटिहार-जमालपुर के बीच ईएमयू/डीएमयू ट्रेन चलाने की भी मांग की है। साथ ही, कटिहार-नवगछिया-खगड़िया-हसनपुर-रोसड़ा घाट होते हुए समस्तीपुर अथवा दरभंगा के लिए एक इंटरसिटी एक्सप्रेस चलाने का भी आग्रह किया गया है। समिति ने शनिवार को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी खगड़िया, पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक हाजीपुर, मंडल रेल प्रबंधक सोनपुर, रेल आरक्षी अधीक्षक कटिहार व खगड़िया, एसडीओ गोगरी और स्टेशन अधीक्षक पसराहा को सौंपा था। रविवार को भी स्टेशन परिसर में धरना जारी रहा, और समिति ने रेलवे से इन मांगों पर सकारात्मक पहल करने की उम्मीद जताई है।

