पश्चिम चंपारण में सड़क हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। इस साल जनवरी से सितंबर तक बेतिया और बगहा पुलिस जिले में कुल 233 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इन हादसों में 213 लोगों की मौत हुई। वहीं, सोमवार देर शाम से मंगलवार सुबह तक हुए तीन अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की जान चली गई। तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी सड़क हादसों की प्रमुख वजह बन रही है। 24 घंटे के भीतर तीन हादसे, तीन लोगों की मौत सोमवार देर शाम मझौलिया थाना क्षेत्र के थरेसरी चौक के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसे में मझरिया वार्ड नंबर-2 निवासी राजमिस्त्री सुरेंद्र कुमार (29) की मौत हो गई। सोमवार रात बेतिया-अरेराज मुख्य सड़क पर ट्रैक्टर और ई-रिक्शा की आमने-सामने टक्कर हो गई। इसमें जगदीशपुर थाना क्षेत्र के महुअवा निवासी असलम अंसारी का 17 वर्षीय बेटा असरुद्दीन अंसारी गंभीर रूप से घायल हो गया। वह इंटर का छात्र था। बेहतर इलाज के लिए पटना ले जाने के दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह इसी सड़क पर जगदीशपुर थाना क्षेत्र में होंडा एजेंसी के पास अज्ञात वाहन ने पुरनाडीह वार्ड नंबर-10 निवासी 69 वर्षीय मोतीलाल सहनी को टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौत हो गई। बेतिया पुलिस जिले में 155 हादसों में 156 की मौत परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से सितंबर तक बेतिया पुलिस जिले में 155 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 156 लोगों की मौत हुई। 63 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि 29 लोगों को मामूली चोटें आईं। थानावार आंकड़ों में ट्रैफिक थाना क्षेत्र में सबसे अधिक 132 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 143 लोगों की मौत हुई और 55 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। ट्रैफिक थाना का क्षेत्राधिकार पूरे पुलिस जिले में है। मझौलिया थाना क्षेत्र में 15 दुर्घटनाओं में नौ लोगों की मौत और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए। गौनाहा में दो दुर्घटनाओं में दो लोगों की जान गई। लौरिया और शिकारपुर थाना क्षेत्रों में भी सड़क हादसों में लोगों की मौत हुई। बगहा में 78 दुर्घटनाओं में 57 लोगों की गई जान बगहा पुलिस जिले में जनवरी से सितंबर के बीच 78 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 57 लोगों की मौत हुई। 38 लोग गंभीर और 13 लोग मामूली रूप से घायल हुए। बगहा ट्रैफिक थाना क्षेत्र में सबसे अधिक 55 दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 53 लोगों की मौत हुई और 17 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। धनहा थाना क्षेत्र में आठ दुर्घटनाओं में आठ लोगों की जान गई। वाल्मीकिनगर में पांच दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें तीन लोगों की मौत हुई। वहीं, चौतरवा थाना क्षेत्र में आठ दुर्घटनाएं हुईं। खतरनाक स्थलों की पहचान, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई जिला परिवहन पदाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। दुर्घटनाओं की दृष्टि से खतरनाक स्थलों को चिह्नित किया गया है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने लोगों से वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने और तेज रफ्तार व लापरवाही से बचने की अपील की। डीटीओ ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन के साथ प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। थोड़ी सी सावधानी कई जिंदगियां बचा सकती है। पश्चिम चंपारण में सड़क हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। इस साल जनवरी से सितंबर तक बेतिया और बगहा पुलिस जिले में कुल 233 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इन हादसों में 213 लोगों की मौत हुई। वहीं, सोमवार देर शाम से मंगलवार सुबह तक हुए तीन अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की जान चली गई। तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी सड़क हादसों की प्रमुख वजह बन रही है। 24 घंटे के भीतर तीन हादसे, तीन लोगों की मौत सोमवार देर शाम मझौलिया थाना क्षेत्र के थरेसरी चौक के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसे में मझरिया वार्ड नंबर-2 निवासी राजमिस्त्री सुरेंद्र कुमार (29) की मौत हो गई। सोमवार रात बेतिया-अरेराज मुख्य सड़क पर ट्रैक्टर और ई-रिक्शा की आमने-सामने टक्कर हो गई। इसमें जगदीशपुर थाना क्षेत्र के महुअवा निवासी असलम अंसारी का 17 वर्षीय बेटा असरुद्दीन अंसारी गंभीर रूप से घायल हो गया। वह इंटर का छात्र था। बेहतर इलाज के लिए पटना ले जाने के दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह इसी सड़क पर जगदीशपुर थाना क्षेत्र में होंडा एजेंसी के पास अज्ञात वाहन ने पुरनाडीह वार्ड नंबर-10 निवासी 69 वर्षीय मोतीलाल सहनी को टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौत हो गई। बेतिया पुलिस जिले में 155 हादसों में 156 की मौत परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से सितंबर तक बेतिया पुलिस जिले में 155 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 156 लोगों की मौत हुई। 63 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि 29 लोगों को मामूली चोटें आईं। थानावार आंकड़ों में ट्रैफिक थाना क्षेत्र में सबसे अधिक 132 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 143 लोगों की मौत हुई और 55 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। ट्रैफिक थाना का क्षेत्राधिकार पूरे पुलिस जिले में है। मझौलिया थाना क्षेत्र में 15 दुर्घटनाओं में नौ लोगों की मौत और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए। गौनाहा में दो दुर्घटनाओं में दो लोगों की जान गई। लौरिया और शिकारपुर थाना क्षेत्रों में भी सड़क हादसों में लोगों की मौत हुई। बगहा में 78 दुर्घटनाओं में 57 लोगों की गई जान बगहा पुलिस जिले में जनवरी से सितंबर के बीच 78 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 57 लोगों की मौत हुई। 38 लोग गंभीर और 13 लोग मामूली रूप से घायल हुए। बगहा ट्रैफिक थाना क्षेत्र में सबसे अधिक 55 दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 53 लोगों की मौत हुई और 17 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। धनहा थाना क्षेत्र में आठ दुर्घटनाओं में आठ लोगों की जान गई। वाल्मीकिनगर में पांच दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें तीन लोगों की मौत हुई। वहीं, चौतरवा थाना क्षेत्र में आठ दुर्घटनाएं हुईं। खतरनाक स्थलों की पहचान, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई जिला परिवहन पदाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। दुर्घटनाओं की दृष्टि से खतरनाक स्थलों को चिह्नित किया गया है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने लोगों से वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने और तेज रफ्तार व लापरवाही से बचने की अपील की। डीटीओ ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन के साथ प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। थोड़ी सी सावधानी कई जिंदगियां बचा सकती है।

