दरभंगा के बहेड़ी थाना क्षेत्र के रोड़ेबाजी के दौरान एक राहगीर की मौत हुई थी। इस मामले में सिविल कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश उपेंद्र कुमार की अदालत ने सुनवाई की है। अभियुक्त मो. आजाद को गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। अदालत ने सजा की अवधि निर्धारित करने के बिंदु पर सुनवाई और निर्णय के लिए 25 अगस्त की तिथि तय की है। मामले में लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि 13 जून 2024 की रात करीब 9 बजे बहेड़ी में एक मकान की छत से अभियुक्त ने रोड़ेबाजी की थी। इसी दौरान वहां से गुजर रहे बहेड़ी निवासी राजकपुर शर्मा को पत्थर लग गया। इससे उनके सिर में गंभीर चोट आई थी।
इलाज के दौरान हुई थी मौत घटना के बाद घायल राजकपुर शर्मा को तत्काल बहेड़ी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच रेफर किया गया। डीएमसीएच में उपचार के बाद भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर किया गया था। इलाज के दौरान पीएमसीएच में राजकपुर शर्मा की मौत हो गई थी।
मृतक के भाई ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी मृतक के चचेरे भाई सुरेश शर्मा के आवेदन पर बहेड़ी थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने करीब 2 महीने में जांच पूरी कर अभियुक्त के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र समर्पित कर दिया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी दिलीप कुमार साह ने मामले के अनुसंधानकर्ता, चिकित्सक समेत कुल सात गवाहों की गवाही अदालत में कराई। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने बुधवार को मामले में अपना निर्णय सुनाया। दरभंगा के बहेड़ी थाना क्षेत्र के रोड़ेबाजी के दौरान एक राहगीर की मौत हुई थी। इस मामले में सिविल कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश उपेंद्र कुमार की अदालत ने सुनवाई की है। अभियुक्त मो. आजाद को गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। अदालत ने सजा की अवधि निर्धारित करने के बिंदु पर सुनवाई और निर्णय के लिए 25 अगस्त की तिथि तय की है। मामले में लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि 13 जून 2024 की रात करीब 9 बजे बहेड़ी में एक मकान की छत से अभियुक्त ने रोड़ेबाजी की थी। इसी दौरान वहां से गुजर रहे बहेड़ी निवासी राजकपुर शर्मा को पत्थर लग गया। इससे उनके सिर में गंभीर चोट आई थी।
इलाज के दौरान हुई थी मौत घटना के बाद घायल राजकपुर शर्मा को तत्काल बहेड़ी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच रेफर किया गया। डीएमसीएच में उपचार के बाद भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर किया गया था। इलाज के दौरान पीएमसीएच में राजकपुर शर्मा की मौत हो गई थी।
मृतक के भाई ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी मृतक के चचेरे भाई सुरेश शर्मा के आवेदन पर बहेड़ी थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने करीब 2 महीने में जांच पूरी कर अभियुक्त के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र समर्पित कर दिया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी दिलीप कुमार साह ने मामले के अनुसंधानकर्ता, चिकित्सक समेत कुल सात गवाहों की गवाही अदालत में कराई। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने बुधवार को मामले में अपना निर्णय सुनाया।


