शाजापुर जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालय मुल्लाखेड़ी में महिला शिक्षिका की जगह उसके पति द्वारा बच्चों को पढ़ाने के मामले में शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी शाजापुर ने स्कूल में पदस्थ सहायक शिक्षक यास्मीन सुल्ताना और प्रधानाध्यापक फरकुन्दा बी को निलंबित कर दिया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। 11 सितंबर को मांगा था जवाब मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा केंद्र शाजापुर ने 11 सितंबर को संबंधित शिक्षकों से जवाब मांगा था। यास्मीन सुल्ताना पर आरोप था कि वे अपनी जगह अपने पति से लगातार बच्चों को पढ़वा रही थीं। विभाग की जांच में उनका लिखित जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। प्रधानाध्यापक पर भी लगे थे आरोप प्रधानाध्यापक फरकुन्दा बी पर स्कूल में बाहरी व्यक्ति से शिक्षण कार्य करवाने सहित कई अन्य गड़बड़ियों के आरोप लगे थे। जिला शिक्षा केंद्र ने शुरुआती जांच के बाद मामला विकासखंड स्रोत समन्वयक, जनपद केंद्र शाजापुर को जांच के लिए भेजा था। 22 सितंबर को मिली जांच रिपोर्ट में प्रधानाध्यापक के खिलाफ लगाए गए आरोप क्रमांक 1 से 3 सही पाए गए। जांच के दौरान उनका जवाब भी संतोषजनक नहीं माना गया। सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश के अनुसार, दोनों शिक्षकों का यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के प्रावधानों के खिलाफ है। इसे गलत आचरण माना गया है। इसके चलते मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन के दौरान यहां रहेगा मुख्यालय निलंबन अवधि में यास्मीन सुल्ताना और फरकुन्दा बी का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, विकासखंड शाजापुर तय किया गया है। आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान दोनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

