पटना में टेलिग्राम और व्हाट्सएप के जरिए अश्लील और यौन शोषण से जुड़े वीडियो-फोटो की खरीद-बिक्री के मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, बिहार और पटना साइबर थाना की संयुक्त टीम ने 20 अगस्त 2026 को पालीगंज थाना क्षेत्र में छापेमारी कर आरोपी अशोक कुमार को गिरफ्तार किया। अशोक कुमार पालीगंज का रहने वाला है। उसके पिता का नाम सहदेव यादव है। पुलिस को शिकायत मिली थी कि नाबालिगों और अन्य लोगों से संबंधित अश्लील एवं यौन शोषण की सामग्री Telegram और WhatsApp के माध्यम से साझा की जा रही है। इन वीडियो और फोटो की खरीद-बिक्री भी की जा रही थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तकनीकी जानकारी जुटाई और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। आरोपी की यूजर आईडी व लिंक से जुड़े साक्ष्य मिले छापेमारी के दौरान पुलिस ने अशोक कुमार को चिन्हित कर उससे पूछताछ की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के पास से 2 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बरामद मोबाइल की तकनीकी जांच शुरू की तो व्हाट्सएप ग्रुप और टेलिग्राम यूजर आईडी और लिंक से जुड़े साक्ष्य मिले। जांच में अश्लील और यौन शोषण से जुड़ी सामग्री की खरीद-बिक्री से संबंधित कई संदेश भी मिले हैं। भुगतान से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी पुलिस के हाथ लगे हैं। यूपीआई के जरिए पैसे की लेन-देन होती थी शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी टेलिग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से अश्लील वीडियो की खरीद-बिक्री करता था और इसके बदले UPI या फोन के माध्यम से पैसे लेता था। पुलिस के अनुसार, प्रत्येक वीडियो के लिए करीब 20 रुपए तक की राशि ली जाती थी। बरामद मोबाइल फोन की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गतिविधि से और कितने लोग जुड़े हैं और किन-किन सोशल मीडिया अकाउंट और ग्रुप का इस्तेमाल किया जा रहा था। साथ ही डिजिटल लेन-देन की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। पटना में टेलिग्राम और व्हाट्सएप के जरिए अश्लील और यौन शोषण से जुड़े वीडियो-फोटो की खरीद-बिक्री के मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, बिहार और पटना साइबर थाना की संयुक्त टीम ने 20 अगस्त 2026 को पालीगंज थाना क्षेत्र में छापेमारी कर आरोपी अशोक कुमार को गिरफ्तार किया। अशोक कुमार पालीगंज का रहने वाला है। उसके पिता का नाम सहदेव यादव है। पुलिस को शिकायत मिली थी कि नाबालिगों और अन्य लोगों से संबंधित अश्लील एवं यौन शोषण की सामग्री Telegram और WhatsApp के माध्यम से साझा की जा रही है। इन वीडियो और फोटो की खरीद-बिक्री भी की जा रही थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तकनीकी जानकारी जुटाई और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। आरोपी की यूजर आईडी व लिंक से जुड़े साक्ष्य मिले छापेमारी के दौरान पुलिस ने अशोक कुमार को चिन्हित कर उससे पूछताछ की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के पास से 2 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बरामद मोबाइल की तकनीकी जांच शुरू की तो व्हाट्सएप ग्रुप और टेलिग्राम यूजर आईडी और लिंक से जुड़े साक्ष्य मिले। जांच में अश्लील और यौन शोषण से जुड़ी सामग्री की खरीद-बिक्री से संबंधित कई संदेश भी मिले हैं। भुगतान से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी पुलिस के हाथ लगे हैं। यूपीआई के जरिए पैसे की लेन-देन होती थी शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी टेलिग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से अश्लील वीडियो की खरीद-बिक्री करता था और इसके बदले UPI या फोन के माध्यम से पैसे लेता था। पुलिस के अनुसार, प्रत्येक वीडियो के लिए करीब 20 रुपए तक की राशि ली जाती थी। बरामद मोबाइल फोन की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गतिविधि से और कितने लोग जुड़े हैं और किन-किन सोशल मीडिया अकाउंट और ग्रुप का इस्तेमाल किया जा रहा था। साथ ही डिजिटल लेन-देन की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

