पटना मेट्रो के रुकनपुरा स्टेशन पर निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। अंडरग्राउंड स्टेशन के मजबूत ढांचे के लिए डायफ्राम वॉल (डी-वॉल) का निर्माण किया जा रहा है। इसी क्रम में साइट पर बड़े-बड़े स्टील री-इन्फोर्समेंट केज को क्रेन की मदद से उठाकर निर्धारित स्थान पर लगाया जा रहा है। भारी क्रेन से स्टील केज की हो रही सटीक फिटिंग मेट्रो स्टेशन के अंडरग्राउंड हिस्से को मजबूत बनाने में डायफ्राम वॉल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके लिए तैयार किए गए विशाल स्टील केज को भारी क्षमता वाली क्रेन से सावधानीपूर्वक उठाया जाता है। इसके बाद इंजीनियरों और तकनीकी टीम की निगरानी में इन्हें तय स्थान पर स्थापित किया जाता है। अंडरग्राउंड स्टेशन की मजबूत नींव तैयार होगी री-इन्फोर्समेंट केज स्थापित होने के बाद डी-वॉल निर्माण की अगली प्रक्रिया शुरू होती है। धीरे-धीरे यही संरचना अंडरग्राउंड स्टेशन की दीवारों और पूरे ढांचे को मजबूती प्रदान करेगी। निर्माण के प्रत्येक चरण में स्टील संरचनाओं की सही स्थिति और मजबूती सुनिश्चित की जा रही है। मोइन-उल-हक स्टेडियम से जंक्शन तक अप लाइन टनल तैयार वहीं, मोइन-उल-हक स्टेडियम मेट्रो स्टेशन से पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन तक अप लाइन में करीब 5.2 किलोमीटर अंडरग्राउंड टनलिंग का काम पूरा हो गया है। PC-03 के तहत 9वें टनल बोरिंग मशीन (TBM) ब्रेकथ्रू के साथ ये उपलब्धि हासिल हुई। इस उपलब्धि के साथ TBM-1 ने इस हिस्से में अपनी टनलिंग यात्रा पूरी कर ली। मोइन-उल-हक से पटना जंक्शन तक अंडरग्राउंड कॉरिडोर तैयार होने से राजधानी के प्रमुख हिस्सों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में काम आगे बढ़ा है। जू स्टेशन का डिजाइन बदलेगा दूसरी ओर पटना जू के पास मेट्रो का स्टेशन बन रहा है। इसके डिजाइन में बदलाव हो रहा है। अधिकारियों के मुताबि, पटना जू के पास बने मेट्रो शाफ्ट में सुरंग बनाने के लिए चार टीबीएम नवंबर में डाली जाएगी। यहां से दो टीबीएम पूरब दिशा की ओर निकलकर पटना जंक्शन की तरफ अप-डाउन सुरंग बनाएगी। दो टीबीएम पश्चिम दिशा में रूकनपुरा स्टेशन तक अप-डाउन सुरंग बनाते हुए जाएगी। पटना मेट्रो के रुकनपुरा स्टेशन पर निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। अंडरग्राउंड स्टेशन के मजबूत ढांचे के लिए डायफ्राम वॉल (डी-वॉल) का निर्माण किया जा रहा है। इसी क्रम में साइट पर बड़े-बड़े स्टील री-इन्फोर्समेंट केज को क्रेन की मदद से उठाकर निर्धारित स्थान पर लगाया जा रहा है। भारी क्रेन से स्टील केज की हो रही सटीक फिटिंग मेट्रो स्टेशन के अंडरग्राउंड हिस्से को मजबूत बनाने में डायफ्राम वॉल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके लिए तैयार किए गए विशाल स्टील केज को भारी क्षमता वाली क्रेन से सावधानीपूर्वक उठाया जाता है। इसके बाद इंजीनियरों और तकनीकी टीम की निगरानी में इन्हें तय स्थान पर स्थापित किया जाता है। अंडरग्राउंड स्टेशन की मजबूत नींव तैयार होगी री-इन्फोर्समेंट केज स्थापित होने के बाद डी-वॉल निर्माण की अगली प्रक्रिया शुरू होती है। धीरे-धीरे यही संरचना अंडरग्राउंड स्टेशन की दीवारों और पूरे ढांचे को मजबूती प्रदान करेगी। निर्माण के प्रत्येक चरण में स्टील संरचनाओं की सही स्थिति और मजबूती सुनिश्चित की जा रही है। मोइन-उल-हक स्टेडियम से जंक्शन तक अप लाइन टनल तैयार वहीं, मोइन-उल-हक स्टेडियम मेट्रो स्टेशन से पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन तक अप लाइन में करीब 5.2 किलोमीटर अंडरग्राउंड टनलिंग का काम पूरा हो गया है। PC-03 के तहत 9वें टनल बोरिंग मशीन (TBM) ब्रेकथ्रू के साथ ये उपलब्धि हासिल हुई। इस उपलब्धि के साथ TBM-1 ने इस हिस्से में अपनी टनलिंग यात्रा पूरी कर ली। मोइन-उल-हक से पटना जंक्शन तक अंडरग्राउंड कॉरिडोर तैयार होने से राजधानी के प्रमुख हिस्सों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में काम आगे बढ़ा है। जू स्टेशन का डिजाइन बदलेगा दूसरी ओर पटना जू के पास मेट्रो का स्टेशन बन रहा है। इसके डिजाइन में बदलाव हो रहा है। अधिकारियों के मुताबि, पटना जू के पास बने मेट्रो शाफ्ट में सुरंग बनाने के लिए चार टीबीएम नवंबर में डाली जाएगी। यहां से दो टीबीएम पूरब दिशा की ओर निकलकर पटना जंक्शन की तरफ अप-डाउन सुरंग बनाएगी। दो टीबीएम पश्चिम दिशा में रूकनपुरा स्टेशन तक अप-डाउन सुरंग बनाते हुए जाएगी।

