पटना नगर निगम की 12वीं साधारण बोर्ड बैठक शुक्रवार को मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में 4 प्रस्ताव पर मुहर लगी। कई जगह स्ट्रीट लाइट खराब होने को लेकर के पार्षदों ने हंगामा भी किया। वार्ड 7 के पार्षद अमर कुमार ने अटल पथ और सर्विस लेन पर लाइटें न जलने का मुद्दा उठाया। कई पार्षद फर्श पर बैठकर हंगामा करने लगे। स्ट्रीट लाइट को लेकर नयी एजेंसी के लिए टेंडर जारी हुआ, लेकिन नई एजेंसी के चयन के लिए निकाले गए टेंडर प्रक्रिया में आए सभी पांचों तकनीकी बिड्स को विभाग ने अयोग्य घोषित कर दिया है। बैठक में नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने आश्वस्त किया कि यदि आगामी 7 से 10 दिनों में विभाग से स्पष्ट मार्गदर्शन नहीं मिला, तो निगम नया टेंडर जारी करेगा। लीज की संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने पर सहमति बनी वहीं, लीज की संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने पर सहमति बनी। राजेंद्र नगर, श्रीकृष्णपुरी, पीआईटी कॉलोनी कंकड़बाग, बेउर, मौर्य लोक परिसर और ट्रांसपोर्ट नगर में निगम की लीज पर दी गई जमीन, भवन और फ्लैट को फ्री-होल्ड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। हालांकि, इसके लिए शुल्क और संभावित राजस्व का विस्तृत ब्योरा तैयार करने को कहा गया है। इस मुद्दे पर 18 अगस्त को विशेष बैठक होगी। 35 जगहों पर लगेंगी हाईमास्ट लाइटें शहर की रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 35 स्थानों पर हाईमास्ट लाइट लगाने की स्वीकृति दी गई। इन लाइटों को हुडको के सीएसआर फंड से लगाया जाएगा। वहीं, हर वार्ड के लिए कचरा गाड़ी खरीदने को लेकर भी बात हुई। इस पर नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि विभाग की ओर से सभी पार्षदों को 15 लाख रुपए दिए गए हैं तो उसी से गाड़ी खरीद ली जाए। इसपर दो ई रिक्शा खरीदने की बात हुई। म्यूटेशन के मामले में पार्षद-कार्यपालक अधिकारी आमने-सामने अजीमाबाद अंचल में म्यूटेशन के आवेदनों को बिना ठोस कारण लंबे समय तक लंबित रखने, निरस्त करने पर वार्ड 60 की पार्षद शोभा देवी ने बैठक में नाराजगी जताई। उन्होंने अंचल में बिचौलियों के बढ़ते प्रभाव का आरोप लगाया। इसके बाद अजीमाबाद अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि 35 दिनों से अधिक किसी भी मामले को लंबित न रखने का सख्त निर्देश जारी किया गया है। वहीं, पटना साहिब गुरुद्वारा के पास जलजमाव को लेकर स्थायी समाधान के लिए 11 करोड़ और 5 करोड़ रुपये के दो अलग-अलग एस्टीमेट तैयार किए गए हैं। पांच इलाकों में लगेंगे हाई-यील्ड ट्यूबवेल जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर करने के लिए पांच स्थानों पर हाई-यील्ड ट्यूबवेल लगाने का निर्णय लिया गया। भंवर पोखर, अटल पार्क, सदाकत आश्रम, गंगा विहार कॉलोनी और एसडीओ ऑफिस परिसर में ये ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। प्रत्येक ट्यूबवेल पर करीब 1.35 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। विभागीय दिशा-निर्देश मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। तीन आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर करीब 72.34 करोड़ की पेनाल्टी बैठक में सफाई व्यवस्था की भी समीक्षा हुई। 30 जुलाई से 6 अगस्त के बीच सफाईकर्मियों की हड़ताल के दौरान पर्याप्त कर्मचारी और चालक उपलब्ध नहीं कराने तथा अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करने के मामले में तीन आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर कार्रवाई की गई है। वर्चुअस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एम4 सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और मॉर्यन कार्स ऑटो सर्विसेज को नोटिस जारी किया गया है। इन पर करीब 72.34 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है। पार्षदों ने एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। हड़ताल के दौरान सफाई अभियान की सराहना बोर्ड सदस्यों ने हड़ताल के दौरान सीमित संसाधनों में शहर की सफाई व्यवस्था संभालने के लिए नगर निगम की टीम की सराहना की। मुख्य सड़कों के अलावा अस्पताल, बस स्टैंड, व्यावसायिक इलाकों और अधिक भीड़ वाले स्थानों पर चलाए गए विशेष सफाई अभियान की भी प्रशंसा की गई। वार्डों की समस्याओं पर भी हुई चर्चा बैठक में पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड की सड़क, नाला, सफाई, नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों से जुड़ी समस्याएं उठाईं। संबंधित अधिकारियों ने समस्याओं की जानकारी देते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। बोर्ड ने शहर में विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पार्षदों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया। पटना नगर निगम की 12वीं साधारण बोर्ड बैठक शुक्रवार को मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में 4 प्रस्ताव पर मुहर लगी। कई जगह स्ट्रीट लाइट खराब होने को लेकर के पार्षदों ने हंगामा भी किया। वार्ड 7 के पार्षद अमर कुमार ने अटल पथ और सर्विस लेन पर लाइटें न जलने का मुद्दा उठाया। कई पार्षद फर्श पर बैठकर हंगामा करने लगे। स्ट्रीट लाइट को लेकर नयी एजेंसी के लिए टेंडर जारी हुआ, लेकिन नई एजेंसी के चयन के लिए निकाले गए टेंडर प्रक्रिया में आए सभी पांचों तकनीकी बिड्स को विभाग ने अयोग्य घोषित कर दिया है। बैठक में नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने आश्वस्त किया कि यदि आगामी 7 से 10 दिनों में विभाग से स्पष्ट मार्गदर्शन नहीं मिला, तो निगम नया टेंडर जारी करेगा। लीज की संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने पर सहमति बनी वहीं, लीज की संपत्तियों को फ्री-होल्ड करने पर सहमति बनी। राजेंद्र नगर, श्रीकृष्णपुरी, पीआईटी कॉलोनी कंकड़बाग, बेउर, मौर्य लोक परिसर और ट्रांसपोर्ट नगर में निगम की लीज पर दी गई जमीन, भवन और फ्लैट को फ्री-होल्ड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। हालांकि, इसके लिए शुल्क और संभावित राजस्व का विस्तृत ब्योरा तैयार करने को कहा गया है। इस मुद्दे पर 18 अगस्त को विशेष बैठक होगी। 35 जगहों पर लगेंगी हाईमास्ट लाइटें शहर की रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 35 स्थानों पर हाईमास्ट लाइट लगाने की स्वीकृति दी गई। इन लाइटों को हुडको के सीएसआर फंड से लगाया जाएगा। वहीं, हर वार्ड के लिए कचरा गाड़ी खरीदने को लेकर भी बात हुई। इस पर नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि विभाग की ओर से सभी पार्षदों को 15 लाख रुपए दिए गए हैं तो उसी से गाड़ी खरीद ली जाए। इसपर दो ई रिक्शा खरीदने की बात हुई। म्यूटेशन के मामले में पार्षद-कार्यपालक अधिकारी आमने-सामने अजीमाबाद अंचल में म्यूटेशन के आवेदनों को बिना ठोस कारण लंबे समय तक लंबित रखने, निरस्त करने पर वार्ड 60 की पार्षद शोभा देवी ने बैठक में नाराजगी जताई। उन्होंने अंचल में बिचौलियों के बढ़ते प्रभाव का आरोप लगाया। इसके बाद अजीमाबाद अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि 35 दिनों से अधिक किसी भी मामले को लंबित न रखने का सख्त निर्देश जारी किया गया है। वहीं, पटना साहिब गुरुद्वारा के पास जलजमाव को लेकर स्थायी समाधान के लिए 11 करोड़ और 5 करोड़ रुपये के दो अलग-अलग एस्टीमेट तैयार किए गए हैं। पांच इलाकों में लगेंगे हाई-यील्ड ट्यूबवेल जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर करने के लिए पांच स्थानों पर हाई-यील्ड ट्यूबवेल लगाने का निर्णय लिया गया। भंवर पोखर, अटल पार्क, सदाकत आश्रम, गंगा विहार कॉलोनी और एसडीओ ऑफिस परिसर में ये ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। प्रत्येक ट्यूबवेल पर करीब 1.35 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। विभागीय दिशा-निर्देश मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। तीन आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर करीब 72.34 करोड़ की पेनाल्टी बैठक में सफाई व्यवस्था की भी समीक्षा हुई। 30 जुलाई से 6 अगस्त के बीच सफाईकर्मियों की हड़ताल के दौरान पर्याप्त कर्मचारी और चालक उपलब्ध नहीं कराने तथा अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करने के मामले में तीन आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर कार्रवाई की गई है। वर्चुअस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एम4 सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और मॉर्यन कार्स ऑटो सर्विसेज को नोटिस जारी किया गया है। इन पर करीब 72.34 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है। पार्षदों ने एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। हड़ताल के दौरान सफाई अभियान की सराहना बोर्ड सदस्यों ने हड़ताल के दौरान सीमित संसाधनों में शहर की सफाई व्यवस्था संभालने के लिए नगर निगम की टीम की सराहना की। मुख्य सड़कों के अलावा अस्पताल, बस स्टैंड, व्यावसायिक इलाकों और अधिक भीड़ वाले स्थानों पर चलाए गए विशेष सफाई अभियान की भी प्रशंसा की गई। वार्डों की समस्याओं पर भी हुई चर्चा बैठक में पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड की सड़क, नाला, सफाई, नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों से जुड़ी समस्याएं उठाईं। संबंधित अधिकारियों ने समस्याओं की जानकारी देते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। बोर्ड ने शहर में विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पार्षदों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया।


