पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में तैनात एक्साइज इंस्पेक्टर हरसिमरन सिंह ने चंडीगढ़ पुलिस पर शराब ठेके पर काम करने वाले लोगों के साथ मिलकर बदसलूकी और हैरासमेंट करने के आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि शराब ठेके के कारिंदों ने उनका पीछा किया। उनकी गाड़ी रोककर चाबी छीन ली। जब पुलिस को बुलाया तो पुलिस ने भी उनका साथ दिया और एक्साइज इंस्पेक्टर का आईकार्ड देखकर भी उन्हें जाने नहीं दिया। हरसिमरन सिंह का आरोप है कि सेक्टर-24 पुलिस ने उन्हें पूरी रात चौकी में बैठाए रखा। किसी से बात भी नहीं करने दी। सुबह जब छोड़ा तो कहा कि दोबारा पूछताछ के लिए आना होगा। एक्साइज इंस्पेक्टर ने इसकी शिकायत चंडीगढ़ DC और SSP से की। SSP ने SP सिटी को जांच सौंपते हुए कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं, इस मामले में सेक्टर-24 पुलिस का कहना है कि हरसिमरन के साथ कोई बदसलूकी नहीं हुई। पूछताछ और वेरिफिकेशन के बाद उन्हें जाने दिया था। पूरे मामले को 6 पॉइंट्स में जानिए… पंजाब एक्साइज कमिश्नर ने DC-SSP से की बात घटना की जानकारी मिलने के बाद पंजाब एक्साइज विभाग के कमिश्नर जतिंदर सिंह ने चंडीगढ़ DC निशांत यादव और SSP कंवरदीप कौर से फोन पर बात की। उन्होंने पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पंजाब एक्साइज विभाग के डिप्टी कमिश्नर खुशदिल संधू और एक्साइज ऑफिसर शेखर गर्ग के साथ हरसिमरन सिंह खुद चंडीगढ़ DC निशांत यादव से मिलने पहुंचे। उन्होंने डीसी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, डीसी ने उनकी बात सुनने के बाद शिकायत SSP को भेजकर मामले में कार्रवाई के लिए कहा। इसके बाद SSP की ओर से शिकायत को SP सिटी को मार्क किया गया। पीड़ित ने SSP को लिखित शिकायत ये 3 बातें कहीं चौकी इंचार्ज बोले- उनसे किसी ने बदसलूकी नहीं की वहीं, सेक्टर-24 चौकी के इंचार्ज कुलदीप सिंह ने आरोपों से अलग पुलिस का पक्ष बताया है। उन्होंने कहा कि सूचना मिलने पर पुलिस PU पहुंची और गाड़ी ड्राइवर से पूछताछ की। उसने खुद को पंजाब एक्साइज विभाग का इंस्पेक्टर बताया और कहा कि उसकी ड्यूटी फतेहगढ़ साहिब में है। उससे आईकार्ड मांगा गया तो उसने जो आईकार्ड दिखाया, वह 2023 तक का था। चौकी इंचार्ज ने बताया- उससे पूछा गया कि वह कहां रहता है तो उसने PU में रहने की बात कही, लेकिन उसके पास PU से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं था। इसके बाद उसने अपना घर सेक्टर-40 में भी बताया। उसने आधार कार्ड भी दिखाया, जिसमें सेक्टर-40 का पता था।

