पंजाबी सिनेमा से अपने अभिनय करियर की शुरुआत कर आज बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री तक अपनी पहचान बना चुकी मोहाली की बेटी और मशहूर अभिनेत्री वामिका गब्बी अपने एक विवादित बयान को लेकर चौतरफा घिर गई हैं। पंजाबी फिल्मों को लेकर दिए गए उनके एक बयान ने पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री और सोशल मीडिया पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में जब वामिका से उन प्रोजेक्ट्स के बारे में पूछा गया जो उन्होंने सिर्फ पैसों के लिए किए थे, तो उन्होंने बेबाकी से कुबूल किया कि उन्होंने कई पंजाबी फिल्में केवल पैसों और इंडस्ट्री में बने रहने (Survival) के लिए की थीं, क्योंकि उस समय उनके पास कोई और विकल्प नहीं था और न ही उन किरदारों को करने में उनका दिल या कोई खास दिलचस्पी थी। वामिका के इस बयान के सामने आते ही पंजाबी सिनेमा प्रेमियों और फिल्म समीक्षकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिस पंजाबी इंडस्ट्री ने बाल कलाकार से सीधे बतौर मुख्य अभिनेत्री ब्रेक देकर वामिका को बॉलीवुड तक का रास्ता दिखाया, आज वही अदाकारा इतनी जल्दी अपने पांव पीछे खींचकर उसी सिनेमा का अनादर कर रही है। हालांकि ये इंटरव्यू 2 साल पुराना है। लेकिन, ट्रोलरों ने इसे अब फिर से वायरल कर वामिका के बयान को गलत बताया है। ट्रोलर कह रहे हैं कि वामिका को हनी सिंह, अमरिंदर गिल जैसे कलाकारों का आभारी होना चाहिए, जिनके कारण उन्हें ये मुकाम मिला। लेकिन, इसके उलट वामिका ने शोहरत हासिल करने के लिए पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री को ही कटघरे में ला खड़ा किया। ‘सर्वाइव करना था, इसलिए बिना दिल के कीं पंजाबी फिल्में’- वामिका का विवादित बयान इंटरव्यू के दौरान पूछे गए सवाल पर वामिका गब्बी ने बिना किसी झिझक के कहा: “अ फ्यू पंजाबी फिल्म्स आई हैव डन एंड आल्सो बिकॉज़ आई डिडन्ट हैव एनी अदर फिल्म्स। एंड इट्स नॉट लाइक जस्ट फॉर मनी, बट कुछ और था ही नहीं। तो सर्वाइव तो करना ही है ना, तो वो कर लिया जिसमें इतना दिल नहीं था। इतना मजे कैरेक्टर में इतना कुछ था नहीं बस है, तो कर लिया। लेकिन अब नहीं करना।” ट्रोलर्स का कहना है कि वामिका के इस कुबूलनामे से साफ झलकता है कि जिन पंजाबी फिल्मों के दम पर उन्होंने स्टारडम हासिल किया, उनके प्रति उनका रुझान महज एक मजबूरी और आर्थिक जरूरत तक ही सीमित था। ‘तू मेरा 22 मैं तेरा 22’ से मिली थी बतौर एक्ट्रेस बनाई पहचान वामिका गब्बी ने ‘जब वी मेट’ जैसी कई बड़ी हिंदी फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में काम जरूर किया था, लेकिन बतौर मुख्य अभिनेत्री उन्हें पहला बड़ा ब्रेक पंजाबी सिनेमा से ही मिला था। डेब्यू फिल्म: साल 2013 में आई सुपरहिट पंजाबी फिल्म ‘तू मेरा 22 मैं तेरा 22’ से उन्होंने लीड एक्ट्रेस के रूप में कदम रखा था, जिसमें उनके साथ पंजाबी सिंगर-एक्टर अमरिंदर गिल और यो यो हनी सिंह मुख्य भूमिका में थे। प्रमुख पंजाबी फिल्में: इसके बाद वामिका ने ‘इश्क बरांडी’, ‘निक्का जैलदार 2’, ‘निक्का जैलदार 3’, ‘प्रौणा’, ‘नाडू खान’, ‘दिल दीयां गल्लां’, ‘दूरबीन’ और ‘गल वक्कड़ी’ जैसी एक से बढ़कर एक कई कमर्शियल सुपरहिट फिल्मों में काम किया। पंजाबी सिनेमा से पैन इंडिया स्टार बनने तक का सफर
पंजाबी इंडस्ट्री में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने के बाद वामिका ने साउथ इंडियन सिनेमा और फिर हिंदी वेब सीरीज व फिल्मों में अपने पैर पसारे। प्रमुख पैन इंडिया प्रोजेक्ट्स: ‘ग्रहण’, ’83’, ‘खुफिया’, ‘जवान’ (कैमियो) और ‘बचक माफ’ जैसी बड़ी फिल्मों व वेब सीरीज के जरिए वामिका की पहचान पैन इंडिया लेवल पर बेहद मजबूत हुई। ईमानदार कुबूलनामा या एहसानफरामोशी? सोशल मीडिया पर बंटी राय वामिका गब्बी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है: एक वर्ग का कहना: कई फैंस और समीक्षकों का मानना है कि वामिका जिस पंजाबी सिनेमा की बदौलत आज इस मुकाम पर पहुंची हैं, आज उसी को ‘सिर्फ पैसों के लिए किया काम’ बताकर वह एहसान फरामोश साबित हो रही हैं और अपने शुरुआती दौर को भूल चुकी हैं। दूसरा वर्ग: वहीं कुछ लोगों का मानना है कि वामिका ने किसी बनावटीपन के बिना एक कलाकार के तौर पर अपनी जिंदगी के स्ट्रगल फेज को लेकर एक बेहद ईमानदार कुबूलियत की है, जिसे सकारात्मक रूप से देखा जाना चाहिए। फिलहाल, वामिका गब्बी का यह बयान पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है और अब देखना यह होगा कि पंजाबी सिनेमा के दिग्गज कलाकार और निर्माता इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
पंजाबी फिल्मों पर बयान देकर घिरीं वामिका गब्बी:बोलीं-‘सिर्फ पैसों के लिए कीं फिल्में, दिल से काम करने का नहीं मन; अब हो रहीं ट्रोल


