न बाइट दी, न पोस्टर लगने दिया… स्मृति ईरानी के दौरे में ऐसा क्या हुआ? ऐसे समझीं सियासत और समीकरण

न बाइट दी, न पोस्टर लगने दिया… स्मृति ईरानी के दौरे में ऐसा क्या हुआ? ऐसे समझीं सियासत और समीकरण

रायपुर@संतराम साहू। Smriti Irani Chhattisgarh visit: प्रदेश प्रभारी बनने के बाद पहली बार दो दिन के दौरे पर आईं स्मृति ईरानी ने प्रदेश भाजपा के कुनबे को समेटकर नेताओं की सियासत समझने का प्रयास किया। इन दो दिनों में अनुशासन का ऐसा पाठ पढ़ाया कि अब किसी नेता को दूसरे किसी नेता का बैनर-पोस्टर लगवाने के लिए सोचना होगा। बैठकों का दौर ऐसा चला कि सुबह 10 बजे से शुरू हुई बैठक शाम पांच बजे तक चलती रही। दिल्ली में ही एक-एक नेता की कुंडली भी तैयार कर लाई थी। जो भी नेता बढ़ा-चढ़ाकर बताने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें तत्काल टोकते हुए कहा कि गलत मत बताएं ये देखिए पिछले कुछ दिनों में आपने क्या-क्या किया है।

ऐसे समझी सियासत और समीकरण

पहले दिन स्मृति ईरानी ने प्रदेश के पूर्व विधायकों-मंत्रियों, सांसदों और पदाधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने जिस क्षेत्र से आए थे, वहां की सियासत के बारे में जानकारी ली। फिर भाजपा सरकार के मंत्रियों, विधायकों-सांसदों की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। उनकी समस्याएं सुनी। अगले दिन उन्होंने सबसे पहले विधायकों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने मंत्रियों के कामकाज में विधायकों को कितना सहयोग मिल रहा है यह जानने की कोशिश। इसके बाद मंत्रियों की बैठक ली। आखिर में कोर ग्रुप में बैठक ली।

ऐसा अनुशासन शायद पहली बार देखा नेताओं ने

प्रदेश प्रभारी अपनी बैठकों के दौरान अनुशासन का पालन भी नेताओं से खूब कराया। प्रदेश कार्यालय में बैठक में शामिल होने आ रहे मंत्री, सांसद और विधायक तक को पहली बार मुख्य गेट पर अपना काफिला रोककर पैदल ही कार्यालय में जाना पड़ा। सिर्फ मुख्यमंत्री की एक गाड़ी जिसमें मुख्यमंत्री सवार थे वही अंदर जाने दी गई।

बैठक में जो अपेक्षित वहीं अंदर, बाकी सब बाहर

प्रदेश कार्यालय के अंदर सिर्फ वहीं नेता और नेताओं के पीए को अंदर जाने दिया, जो बैठक में ही अपेक्षित थे। बाकी सभी को पंजीयन पंडाल के पास बैठने को कहा जा रहा था। जहां मीडिया का जमावड़ा था। इसके साथ ही ईरानी ने बैनर-पोस्टर लगाने नहीं दिया। वहीं, मीडिया से भी दूरी बनाए रखी। न बाइट दी और न ही प्रेस कान्फ्रेंस की।

हमारे कर्मयोगी कार्यकर्ता ही हमारी सच्ची पूंजी : ईरानी

ईरानी ने कहा, यह दो दिवसीय चिंतन का यह अवसर आत्ममंथन, अपनी प्राथमिकताओं को पुनः रेखांकित करने और उस संकल्प को दोहराने का है, जिसने भारतीय जनसंघ से लेकर आज विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनने तक हमारे हर कदम को दिशा दी है। उन्होंने कहा, भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता कर्मयोगी है उनके कर्मयोग से ही संगठन हमेशा मजबूत होता है।

सोशल मीडिया जमीनी स्पर्श का विकल्प नहीं

ईरानी ने कहा, आज तकनीक का युग है, सोशल मीडिया पर संवाद जरूरी है, लेकिन वह कभी ज़मीनी स्पर्श का विकल्प नहीं हो सकता। हमें गांव-गांव, पारा-टोला और बस्तर से लेकर सरगुजा तक जन-जन से सघन संपर्क साधना होगा।

प्रदेश प्रभारी के मार्गदर्शन से विश्वास मजबूत हुआ : किरण देव

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दो दिवसीय प्रवास में हम सबको महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिला है। प्रदेश प्रभारी एवं सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू ने लगभग 12 श्रेणियों की बैठकें ली हैं।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ अभियान की समीक्षा भी बैठक के दौरान हुई, जिसके आगामी कार्यक्रम पर बिन्दुवार चर्चा हुई। इसके साथ ही कांग्रेस के लिए कहा कि उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे ने प्रधानमंत्री के लिए जिस भाषा का इस्तेमाल किया है उससे संस्कारहीन लोगों से क्या उम्मीद कर सकते हैं।

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