एफएनजी पर छिजारसी पर लगने वाले रोजाना के जाम से करीब तीन लाख लोगों को राहत दिलाने के लिए 12 लेन का फ्लाईओवर बनाने की तैयारी है। यह फ्लाईओवर छह-छह लेन के दो हिस्सों में बनाया जाएगा। प्राधिकरण ने इसकी तकनीकी जांच पूरी कर ली है। फ्लाईओवर की लंबाई करीब 1200 मीटर होगी। यह छिजारसी चौक के आगे से शुरू होकर इंदिरापुरम में सीआईएसएफ ग्राउंड के पास तक जाएगा। रास्ते में एनएच-9 और डीएमई के ऊपर से फ्लाईओवर निकालने की योजना है। करीब 2 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से भी अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होगा। इससे नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के लोगों को फायदा मिलेगा।
तीन कंपनियां सोमवार को देंगी प्रेजेंटेशन
जीएम एसपी सिंह ने बताया कि फ्लाईओवर के प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले तीन कंपनियां सोमवार को प्राधिकरण के अधिकारियों के सामने प्रेजेंटेशन देंगी। कंपनियां परियोजना से जुड़ी तकनीकी जानकारी और निर्माण की योजना प्रस्तुत करेंगी। प्रेजेंटेशन के बाद अधिकारियों की ओर से सभी प्रस्तावों का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद फ्लाईओवर की डिजाइन और निर्माण से जुड़ा अंतिम फैसला लिया जाएगा। 2013 में भी बनी थी योजना
छिजारसी पर फ्लाईओवर बनाने की कवायद नई नहीं है। 2013 में भी छिजारसी चौक से एनएच-9 तक फ्लाईओवर बनाने की योजना तैयार हुई थी। उस समय एनएचएआई से अनापत्ति नहीं मिलने के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद एनएच-9 के चौड़ीकरण के चलते योजना ठंडे बस्ते में चली गई। अब एक बार फिर बढ़ते यातायात और जाम को देखते हुए प्राधिकरण ने नए सिरे से परियोजना पर काम शुरू किया है। एफएनजी पर बढ़ता यातायात बना चुनौती
एफएनजी मार्ग नोएडा और गाजियाबाद के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। रोजाना बड़ी संख्या में वाहन यहां से गुजरते हैं। छिजारसी पर सड़क की क्षमता कम पड़ने और आसपास अतिक्रमण के कारण पीक आवर में लंबा जाम लगता है। प्राधिकरण का मानना है कि नया फ्लाईओवर बनने के बाद इस मार्ग पर यातायात का दबाव कम होगा और लाखों लोगों को रोजाना जाम से राहत मिल सकेगी।

