नोएडा में बनने वाली सबसे ऊंची एलिवेटेड रोड की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) आईआईटी रुड़की ने नोएडा प्राधिकरण को सौंप दी है। करीब 2 किलोमीटर लंबी और 20 मीटर ऊंची इस एलिवेटेड रोड के निर्माण पर करीब 350 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। अब प्राधिकरण की तकनीकी टीम डीपीआर का अध्ययन करेगी। इसके बाद आईआईटी रुड़की और तकनीकी टीम के साथ बैठक कर रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी ने बताया कि डीपीआर में जरूरत के मुताबिक कुछ संशोधन किए जा सकते हैं। यदि बड़े संशोधन की जरूरत नहीं हुई, तब भी आईआईटी रुड़की और तकनीकी टीम के साथ बैठक की जाएगी। इसके बाद परियोजना का अंतिम बजट तैयार किया जाएगा। मेजेंटा मेट्रो लाइन के ऊपर से गुजरेगी रोड प्रस्तावित एलिवेटेड रोड करीब छह लेन की होगी। यह मेजेंटा मेट्रो लाइन के ऊपर से गुजरेगी। इसे चिल्ला एलिवेटेड रोड के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है। डीपीआर में एलिवेटेड रोड पर चार बोल्ट बनाए जाने का प्रस्ताव है। प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक रिपोर्ट में बड़े बदलाव की संभावना कम है। सेक्टर-94 के पास पुश्ता रोड पर उतरेगी प्राधिकरण के जीएम एसपी सिंह के मुताबिक एलिवेटेड रोड सेक्टर-94 के पास पुश्ता रोड पर उतरेगी। इसके बाद इसे जेवर एयरपोर्ट की ओर जाने वाली एलिवेटेड रोड से जोड़ने की योजना है। इससे चिल्ला एलिवेटेड रोड, नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के बीच सीधा सड़क संपर्क तैयार होगा। एयरपोर्ट जाने वालों को कई सिग्नल से मिलेगी राहत परियोजना पूरी होने के बाद जेवर एयरपोर्ट की ओर से आने वाले वाहनों को एलिवेटेड रोड के जरिए सीधे दिल्ली की तरफ जाने का रास्ता मिलेगा। वहीं दिल्ली और नोएडा से एयरपोर्ट जाने वाले वाहनों को शहर के कई प्रमुख चौराहों और सिग्नल से गुजरने की जरूरत कम होगी। इससे सफर का समय घटाने और प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। डीपीआर के बाद तैयार होगा फाइनल बजट आईआईटी रुड़की की डीपीआर मिलने के बाद अब प्राधिकरण स्तर पर इसकी तकनीकी जांच शुरू होगी। संशोधन और तकनीकी सुझावों पर आईआईटी रुड़की के साथ बैठक के बाद परियोजना का अंतिम बजट तैयार किया जाएगा। इसके बाद निर्माण की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। करीब 350 करोड़ रुपए की इस परियोजना से दिल्ली-नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के बीच सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर करने की योजना है।

