CJI सूर्यकांत को चीफ गेस्ट बनाए जाने को लेकर छात्रों और पूर्व छात्रों के विरोध के बीच बेंगलुरु के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी ने 12 सितंबर को होने वाला अपना 34वां दीक्षांत समारोह रद्द कर दिया है। यूनिवर्सिटी ने 27 अगस्त को यह जानकारी दी। नोटिस में छात्रों के विरोध का जिक नहीं है। यूनिवर्सिटी ने कहा है कि समारोह रद्द होने के बावजूद स्टूडेंट्स को उनकी डिग्री दी जाएगी। स्टूडेंट अपनी डिग्री/सर्टिफिकेट कूरियर से मंगवा सकते हैं या विश्वविद्यालय परिसर से प्राप्त कर सकते हैं। 700 से ज्यादा छात्रों ने जताई थी आपत्ति NLSIU के 700 से ज्यादा मौजूदा छात्रों और पूर्व छात्रों ने CJI सूर्यकांत और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को दीक्षांत समारोह में आमंत्रित किए जाने पर आपत्ति जताई थी। छात्रों और पूर्व छात्रों की ओर से जारी बयान पर 700 से ज्यादा लोगों के हस्ताक्षर थे। इसमें 165 मौजूदा स्नातक छात्र, 409 वर्तमान छात्र और 128 पूर्व छात्र शामिल थे। उन्होंने BCI से NALSAR के छात्रों और शिक्षकों से बिना शर्त माफी मांगने की मांग भी की थी। मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ने बदला चीफ गेस्ट मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) ने भी 86वां दीक्षांत समारोह टाल दिया। पहले ये 2 अगस्त को होना था, लेकिन अब 22 अगस्त को होगा। संस्था ने पहले CJI सूर्यकांत को चीफ गेस्ट बनाया था, लेकिन अब उनकी जगह Tata Memorial Hospital के डायरेक्टर डॉ. सीएस प्रामेश को मुख्य अतिथि बनाया गया है। संस्थान ने इसके पीछे “अनदेखी परिस्थितियों” का हवाला दिया। संस्था को छात्रों के संभावित विरोध की चिंता थी। हैदराबाद के नालसार यूनिवर्सिटी में भी हुआ था विरोध हैदराबाद के नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ में भी CJI जस्टिस सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया जाना था। छात्रों के विरोध से नाराज होकर BCI ने 2026 बैच के सभी पास-आउट छात्रों के स्टेट बार काउंसिल में एनरोलमेंट पर रोक लगा दी थी। हालांकि, 85 मिनट के भीतर ही ये फैसला वापस ले लिया गया था। छात्र दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी CJI की टिप्पणियों और कार्रवाई से नाराज थे।
नेशनल लॉ स्कूल ने दीक्षांत समारोह किया रद्द:CJI सूर्यकांत चीफ गेस्ट थे, छात्रों ने हटाने की मांग की थी; पहले 3 इंस्टिट्यूट में विरोध हुआ

