नेपाल में आई बाढ़ के बाद पलामू जिले के हैदरनगर प्रखंड अंतर्गत बडंडा बरवाडीह गांव निवासी महेंद्र विश्वकर्मा (50) का कोई पता नहीं चल पा रहा है। महेंद्र नेपाल के बाणेश्वर हाइड्रो पावर प्लांट के निर्माण कार्य में फैब्रिकेटर के रूप में कार्यरत थे। बाढ़ के बाद से उनका मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा है, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है। महेंद्र कई महीनों से इस निर्माणाधीन प्लांट में काम कर रहे थे और प्रतिदिन अपने परिवार से फोन पर बात करते थे। परिजनों के अनुसार, बाढ़ वाले दिन से ही उनका फोन बंद आने लगा। परिवार ने कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। 290 भारतीयों के लापता होने की खबरों ने परिवार की बेचैनी और बढ़ा दी है। महेंद्र के परिजनों ने हाइड्रो पावर प्लांट के अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी मांगी। अधिकारियों ने बताया कि प्लांट में काम करने वाले सभी लोग सुरक्षित हैं। हालांकि, महेंद्र से सीधे बात न हो पाने के कारण परिवार को किसी अनहोनी की आशंका सता रही है। परिजनों का कहना है कि यदि वह सुरक्षित हैं, तो उनसे बात क्यों नहीं हो पा रही है। परिवार और गांव के लोग लगातार महेंद्र का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। गांव में भी इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है। महेंद्र के परिजनों ने भारत सरकार और संबंधित हाइड्रो पावर कंपनी के अधिकारियों से महेंद्र विश्वकर्मा का जल्द पता लगाकर उनकी सकुशल वापसी सुनिश्चित कराने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने भी स्थानीय प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और नेपाल प्रशासन व कंपनी से समन्वय स्थापित कर महेंद्र की जानकारी जुटाने की मांग की है। पंचायत के मुखिया सुदर्शन राम ने भी अधिकारियों से संपर्क कर महेंद्र का पता लगाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आग्रह किया है। नेपाल में आई बाढ़ के बाद पलामू जिले के हैदरनगर प्रखंड अंतर्गत बडंडा बरवाडीह गांव निवासी महेंद्र विश्वकर्मा (50) का कोई पता नहीं चल पा रहा है। महेंद्र नेपाल के बाणेश्वर हाइड्रो पावर प्लांट के निर्माण कार्य में फैब्रिकेटर के रूप में कार्यरत थे। बाढ़ के बाद से उनका मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा है, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है। महेंद्र कई महीनों से इस निर्माणाधीन प्लांट में काम कर रहे थे और प्रतिदिन अपने परिवार से फोन पर बात करते थे। परिजनों के अनुसार, बाढ़ वाले दिन से ही उनका फोन बंद आने लगा। परिवार ने कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। 290 भारतीयों के लापता होने की खबरों ने परिवार की बेचैनी और बढ़ा दी है। महेंद्र के परिजनों ने हाइड्रो पावर प्लांट के अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी मांगी। अधिकारियों ने बताया कि प्लांट में काम करने वाले सभी लोग सुरक्षित हैं। हालांकि, महेंद्र से सीधे बात न हो पाने के कारण परिवार को किसी अनहोनी की आशंका सता रही है। परिजनों का कहना है कि यदि वह सुरक्षित हैं, तो उनसे बात क्यों नहीं हो पा रही है। परिवार और गांव के लोग लगातार महेंद्र का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। गांव में भी इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है। महेंद्र के परिजनों ने भारत सरकार और संबंधित हाइड्रो पावर कंपनी के अधिकारियों से महेंद्र विश्वकर्मा का जल्द पता लगाकर उनकी सकुशल वापसी सुनिश्चित कराने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने भी स्थानीय प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और नेपाल प्रशासन व कंपनी से समन्वय स्थापित कर महेंद्र की जानकारी जुटाने की मांग की है। पंचायत के मुखिया सुदर्शन राम ने भी अधिकारियों से संपर्क कर महेंद्र का पता लगाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आग्रह किया है।

