संभल में सोशल मीडिया पोस्ट और बयानों के जरिए शांति व्यवस्था प्रभावित करने के मामले में पुलिस रिपोर्ट पर जारी नोटिस को लेकर शनिवार को 4 लोगों ने नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट में अपना पक्ष रखा। संभल हिंसा के आरोपी जफर अली, सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं पश्चिम क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल और AIMIM नेता शकील अहमद कोर्ट पहुंचे। राजेश सिंघल और शकील अहमद ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जबकि ममलूकुर्रहमान बर्क और जफर अली ने आपत्ति दाखिल की। अब सभी पक्षों को 9 अक्टूबर को सुना जाएगा। अलग-अलग समय पर कोर्ट पहुंचे चारों सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने शनिवार रात 7:30 बजे बताया कि चारों लोग अलग-अलग समय पर शाम करीब 4:30 बजे नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट पहुंचे थे। राजेश सिंघल और शकील अहमद ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। वहीं ममलूकुर्रहमान बर्क और जफर अली ने आपत्ति दाखिल की है। उन्होंने बताया कि आपत्तियों का अवलोकन किया जाएगा। सभी पक्षों को 9 अक्टूबर को सुनने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर 29 सितंबर को चारों को नोटिस जारी किया गया था। थाना संभल की रिपोर्ट पर राजेश सिंघल पुत्र जानकी प्रसाद निवासी कोट पूर्वी और जफर अली पुत्र हामिद अली निवासी कोट पूर्वी के खिलाफ धारा 126/135 बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई। वहीं थाना नखासा की रिपोर्ट पर ममलूकुर्रहमान बर्क पुत्र शफीकुर्रहमान बर्क निवासी दीपा सराय और शकील अहमद पुत्र जमील अहमद निवासी रुकनुद्दीन सराय, अशर्फी चौराहा के खिलाफ धारा 127/135 बीएनएस के तहत नोटिस जारी किया गया। छह महीने तक शांति बनाए रखने के लिए जमानत का प्रावधान नोटिस में संबंधित लोगों से न्यायालय में उपस्थित होकर कारण बताने को कहा गया था कि छह महीने तक परिशांति बनाए रखने के लिए 20 हजार रुपये की जमानत या इतनी ही धनराशि का स्वयं बंधपत्र क्यों न निष्पादित कराया जाए। पुलिस रिपोर्ट में जफर अली पर राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर कथित तौर पर भड़काऊ भाषण और बयान देने का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे दो समुदायों के बीच शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। पुलिस ने पूर्व में भी उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज होने और जेल में निरुद्ध रहने का उल्लेख किया है। रामलीला मंच से दिए बयान के बाद शुरू हुआ विवाद 23 सितंबर की रात करीब 12:30 बजे बहजोई से करीब 50 किलोमीटर दूर तहसील संभल के हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के रहटौल गांव में रामलीला मंच पर भाजपा नेता राजेश सिंघल के संबोधन के बाद विवाद बढ़ने की बात सामने आई थी। पुलिस कार्रवाई के आधार के रूप में दिए गए बयानों में उनके द्वारा हरिहर मंदिर और मस्जिद को लेकर टिप्पणी किए जाने का उल्लेख है। इसके बाद ममलूकुर्रहमान बर्क और AIMIM नेता शकील अहमद की ओर से भी बयान सामने आए। पुलिस ने इन बयानों और सोशल मीडिया गतिविधियों को आधार बनाकर चारों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई शुरू की है। अब 9 अक्टूबर को सभी पक्षों को सुनने के बाद नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट आगे की कार्रवाई तय करेगा।

