कानपुर में भारतीय कला संगम एकेडमी की ओर से शुक्रवार को पंडित दीन दयाल उपाध्याय सनातन धर्म विद्यालय, नवाबगंज के माधव स्मृति प्रांगण में ‘नृत्यप्रवाह’ (द फ्लो ऑफ डांस) शास्त्रीय नृत्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। डॉ. सुचारिता खन्ना के मार्गदर्शन में हुई सांस्कृतिक संध्या में कथक और भरतनाट्यम की मनोहारी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों ने भाव-भंगिमाओं, हस्तमुद्राओं, लयकारी और घुंघरुओं की झंकार के जरिए भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि संगीतांजलि सांस्कृतिक संस्थान की अध्यक्ष डॉ. रोचना विश्नोई रहीं। विद्यालय की प्रबंधक सीए नीतू सिंह और सह प्रबंधक उर्षमीना खेर भी मौजूद रहीं। डॉ. रोचना विश्नोई ने कहा कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य हमारी सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपरा का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय कला-संस्कृति से जोड़ने के साथ कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देते हैं। कार्यक्रम में भरतनाट्यम की नृत्यारंभ, तोडियामंगलम, मल्लारी, अलारिपु, जतिस्वरम, कीर्तनम और तिल्लाना जैसी प्रस्तुतियां हुईं। वहीं कथक के माध्यम से रामकथा का सजीव चित्रण किया गया। ‘राधा का उलाहना’ में राधा-कृष्ण के भावपूर्ण प्रसंग और ‘मेघ मल्हार की सुरमई छटा’ में वर्षा ऋतु की सुंदर अनुभूति को मंच पर प्रस्तुत किया गया। कलाकारों की साधना, अनुशासन और भावाभिव्यक्ति ने कार्यक्रम को यादगार बनाया। आयोजन के माध्यम से शास्त्रीय नृत्य के संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रसार का संदेश दिया गया।

