निविदा में कार्य पूरा करने की अवधि तीन माह निर्धारित की गई

निविदा में कार्य पूरा करने की अवधि तीन माह निर्धारित की गई

महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि बेतिया नगर निगम क्षेत्र के ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल किशुन बाग मंदिर परिसर के विकास और सौंदर्यीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। नगर निगम बोर्ड से स्वीकृत योजना के तहत सम्पूर्ण मंदिर परिसर की चहारदीवारी निर्माण के साथ पेबर ब्लॉक्स एवं टाइल्स लगाने की योजना को धरातल पर उतारने के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि इससे जिलाभर के लाखों लोगों धार्मिक आस्था के इस महत्वपूर्ण केंद्र को व्यवस्थित, सुरक्षित और आकर्षक स्वरूप मिलने की उम्मीद बढ़ गयी है। महापौर सिकारिया ने बताया कि नगर निगम द्वारा जारी निविदा विज्ञप्ति के अनुसार, योजना के लिए अनुमानित लागत 11 लाख 34 हजार 565 रुपये निर्धारित की गयी है। कार्य में ऐतिहासिक किशुन बाग मंदिर परिसर की चहारदीवारी के निर्माण के साथ परिसर में पेबर ब्लॉक्स एवं टाइल्स लगाने का काम शामिल है। योजना पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए बेहतर एवं साफ-सुथरा मार्ग उपलब्ध होने के साथ परिसर की सुरक्षा भी मजबूत होगी।नगर निगम की इस पहल को शहर के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण तथा विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलने वाली सुविधाओं का विस्तार होना निर्धारित किया गया है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि बेतिया नगर निगम क्षेत्र के ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल किशुन बाग मंदिर परिसर के विकास और सौंदर्यीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। नगर निगम बोर्ड से स्वीकृत योजना के तहत सम्पूर्ण मंदिर परिसर की चहारदीवारी निर्माण के साथ पेबर ब्लॉक्स एवं टाइल्स लगाने की योजना को धरातल पर उतारने के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि इससे जिलाभर के लाखों लोगों धार्मिक आस्था के इस महत्वपूर्ण केंद्र को व्यवस्थित, सुरक्षित और आकर्षक स्वरूप मिलने की उम्मीद बढ़ गयी है। महापौर सिकारिया ने बताया कि नगर निगम द्वारा जारी निविदा विज्ञप्ति के अनुसार, योजना के लिए अनुमानित लागत 11 लाख 34 हजार 565 रुपये निर्धारित की गयी है। कार्य में ऐतिहासिक किशुन बाग मंदिर परिसर की चहारदीवारी के निर्माण के साथ परिसर में पेबर ब्लॉक्स एवं टाइल्स लगाने का काम शामिल है। योजना पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए बेहतर एवं साफ-सुथरा मार्ग उपलब्ध होने के साथ परिसर की सुरक्षा भी मजबूत होगी।नगर निगम की इस पहल को शहर के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण तथा विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलने वाली सुविधाओं का विस्तार होना निर्धारित किया गया है।  

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