अररिया जिलाधिकारी के निर्देश पर शनिवार को एडीएम अजय कुमार ठाकुर ने अररिया जिला अवर निबंधन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री कराने आए लोगों से बातचीत कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही कार्यालय में चल रही पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था और फाइलों की जांच की। निरीक्षण का उद्देश्य रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान बनाना और लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाना था। पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था की ली जानकारी निरीक्षण के दौरान एडीएम ने पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था के कामकाज को समझा। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि रजिस्ट्री कराने आने वाले लोगों को किस तरह की सुविधाएं मिल रही हैं और प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। प्रशासन का जोर रजिस्ट्री प्रक्रिया को सुगम और पारदर्शी बनाने पर है। रजिस्ट्री कराने आए लोगों से लिया फीडबैक एडीएम अजय कुमार ठाकुर ने कार्यालय पहुंचे लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही फाइलों की जांच कर कार्यालय की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जनसुविधाओं को बेहतर बनाने की संभावनाओं पर भी ध्यान दिया गया। बिचौलियों की गतिविधियों पर भी नजर निरीक्षण के दौरान कार्यालय में बिचौलियों की भूमिका और गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि बिचौलियों के कारण जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। हालांकि, निरीक्षण के दौरान किसी बिचौलिये के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई। पारदर्शिता और बेहतर जनसुविधा पर जोर एडीएम अजय कुमार ठाकुर ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर निरीक्षण किया गया है। इसका उद्देश्य पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था में लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की संभावनाओं को तलाशना और कार्यालय में बिचौलियागिरी की स्थिति की जांच करना है। निरीक्षण के दौरान जिला अवर निबंधन पदाधिकारी बृज बिहारी शरण भी मौजूद थे। प्रशासन की इस पहल को जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, जनसुविधाओं में सुधार करने और कार्यालय की कार्यप्रणाली की निगरानी से जोड़कर देखा जा रहा है। अररिया जिलाधिकारी के निर्देश पर शनिवार को एडीएम अजय कुमार ठाकुर ने अररिया जिला अवर निबंधन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री कराने आए लोगों से बातचीत कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही कार्यालय में चल रही पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था और फाइलों की जांच की। निरीक्षण का उद्देश्य रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान बनाना और लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाना था। पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था की ली जानकारी निरीक्षण के दौरान एडीएम ने पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था के कामकाज को समझा। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि रजिस्ट्री कराने आने वाले लोगों को किस तरह की सुविधाएं मिल रही हैं और प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। प्रशासन का जोर रजिस्ट्री प्रक्रिया को सुगम और पारदर्शी बनाने पर है। रजिस्ट्री कराने आए लोगों से लिया फीडबैक एडीएम अजय कुमार ठाकुर ने कार्यालय पहुंचे लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही फाइलों की जांच कर कार्यालय की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जनसुविधाओं को बेहतर बनाने की संभावनाओं पर भी ध्यान दिया गया। बिचौलियों की गतिविधियों पर भी नजर निरीक्षण के दौरान कार्यालय में बिचौलियों की भूमिका और गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि बिचौलियों के कारण जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। हालांकि, निरीक्षण के दौरान किसी बिचौलिये के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई। पारदर्शिता और बेहतर जनसुविधा पर जोर एडीएम अजय कुमार ठाकुर ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर निरीक्षण किया गया है। इसका उद्देश्य पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था में लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की संभावनाओं को तलाशना और कार्यालय में बिचौलियागिरी की स्थिति की जांच करना है। निरीक्षण के दौरान जिला अवर निबंधन पदाधिकारी बृज बिहारी शरण भी मौजूद थे। प्रशासन की इस पहल को जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, जनसुविधाओं में सुधार करने और कार्यालय की कार्यप्रणाली की निगरानी से जोड़कर देखा जा रहा है।

