निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी आज से हड़ताल पर:यमुनानगर में बिजली घरों पर पुलिस तैनात, प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी आज से हड़ताल पर:यमुनानगर में बिजली घरों पर पुलिस तैनात, प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में यमुनानगर जिले के करीब 1500 कर्मचारी और अधिकारी 22 से 24 अक्टूबर तक तीन दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे। इससे जिले के 4.42 लाख बिजली उपभोक्ताओं को परेशानी हो सकती है। बिजली आपूर्ति में फाल्ट आने, टूटी तारों की मरम्मत और तकनीकी खराबी दूर करने में देरी होने की आशंका है। इसका असर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ दुकानों, उद्योगों, खेतों और बिजली से संचालित पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। हालांकि, प्रशासन ने निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने का दावा किया है। हड़ताल में नियमित कर्मचारियों के अलावा ठेके, डीसी रेट और हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत कार्यरत कर्मचारी भी शामिल होंगे। कर्मचारी नेताओं के अनुसार, एएलएम, एलएम, जेई, एसडीओ और एक्सईएन स्तर तक के अधिकारी भी हड़ताल में भाग लेंगे। जिले में करीब 1050 नियमित और 450 आउटसोर्सिंग कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके अलावा यूएचबीवीएन और यूएसबीवीएन के छह एक्सईएन, 17 एसडीओ और करीब 100 जेई हैं। 39 सब स्टेशन और 504 फीडरों की जिम्मेदारी जिले में बिजली आपूर्ति का नेटवर्क 39 सब स्टेशनों पर आधारित है। इनमें पांच सब स्टेशन 220 केवी, 20 सब स्टेशन 66 केवी, नौ सब स्टेशन 33 केवी और पांच सब स्टेशन 11 केवी क्षमता के हैं। जिले में कुल 504 बिजली फीडर हैं। हड़ताल के दौरान इनकी आपूर्ति बनाए रखना निगम के लिए चुनौती रहेगा। तकनीकी खराबी आने पर मरम्मत कार्य में देरी होने की आशंका है। निगम ने छुट्टी पर गए अधिकारियों और कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर बुलाया है। प्रशासन के अनुसार, बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारियों की सूची तैयार रखने और जरूरत के अनुसार उनकी ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली घरों पर पुलिस तैनात, ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त हड़ताल को लेकर डीसी प्रीति ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और यातायात सहित आवश्यक सेवाएं बाधित नहीं होनी चाहिए। सभी विभागों को सेवाओं का संचालन सुचारू रखने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी सुनिश्चित करने को कहा गया है। डीसी ने बिजली निगम के अधिकारियों को कर्मचारियों से बातचीत करने और तकनीकी कार्यों के लिए वैकल्पिक इंतजाम तैयार रखने के निर्देश दिए। हड़ताल के दौरान बिजली घरों पर पुलिस कर्मचारी तैनात रहेंगे। पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने कहा कि आवश्यक सेवाओं को बाधित करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिकायत के लिए 1950 और 112 नंबर जारी डीसी प्रीति ने कहा कि हड़ताल के दौरान बिजली या अन्य आवश्यक सेवाओं से संबंधित परेशानी होने पर आमजन टोल फ्री नंबर 1950 और डायल 112 पर सूचना दे सकते हैं। प्रशासन ने संबंधित विभागों को शिकायतों पर कार्रवाई करने और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

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