श्रावस्ती। नवरात्रि पर्व को लेकर प्रशासन तैयारियों को दुरुस्त करने में जुटा है, लेकिन नासिरगंज में बदहाल सड़क श्रद्धालुओं की चिंता का सबक बनी है। मां दुर्गा की प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा जिस मुख्य मार्ग से निकलनी है, वहां जगह-जगह गहरे गड्ढे, कीचड़ और जलभराव है। शुक्रवार सुबह 8:00 बजे स्थानीय लोगों के मुताबिक, विसर्जन यात्रा में करीब 10 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल होते हैं और सात से आठ स्थानों की दुर्गा प्रतिमाएं इसी रास्ते से गुजरती हैं। ऐसे में समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हुईं तो श्रद्धालुओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि महादेवा नासिरगंज और चंदनकोटिया ग्राम पंचायतों के बीच सीमा विवाद के चलते करीब 10 वर्षों से सड़क का निर्माण अधूरा पड़ा है। कुछ हिस्से में आरसीसी सड़क बनी है, जबकि बाकी मार्ग जर्जर है। हर घर जल योजना के तहत हुई खुदाई ने समस्या और बढ़ा दी है। बारिश होने पर सड़क पर पानी भर जाता है और गड्ढों के कारण राहगीरों के गिरकर चोटिल होने का खतरा बना रहता है। बदहाल रास्ते से बाजार का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासी आलोक गुप्ता ने बताया कि नासिरगंज चौराहे से अंदर की ओर जाने वाला मार्ग जुलूस का प्रमुख रास्ता है। दो ग्राम पंचायतों के बीच पड़ने के कारण आधी सड़क ठीक है, जबकि आधा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। गणेश पूजा के जुलूस के दौरान सड़क पर पानी भरने से श्रद्धालुओं को काफी परेशानी हुई थी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन से पहले मार्ग की मरम्मत कराई जाए। व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष विनोद गुप्ता ने बताया कि विसर्जन यात्रा में करीब 15 हजार श्रद्धालु शामिल होते हैं। रास्ते में सात से आठ स्थानों की प्रतिमाएं निकलती हैं। सड़क की बदहाली के साथ बिजली के तार नीचे लटक रहे हैं, नालियां चोक हैं और जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। नालियों का गंदा पानी सड़क पर बहने से श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि कई बार जिम्मेदारों के सामने समस्या उठाई गई और प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। विनोद गुप्ता, आलोक गुप्ता, बाबर, सैफ, अवधेश वर्मा और राजेश पटेल समेत स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नवरात्रि को देखते हुए सड़क के गड्ढे भरवाए जाएं, जलभराव दूर किया जाए, नालियों की सफाई कराई जाए और कूड़े का निस्तारण हो। साथ ही नीचे लटक रहे बिजली के तारों को ऊंचा कराया जाए।

