नालंदा- लोकाइन के बाद भूतही में भी बही जलधार:तीन प्रखंडों के किसानों में जगी उम्मीद, उदेरास्थान बराज से छोड़ा गया 3200 क्यूसेक पानी

नालंदा- लोकाइन के बाद भूतही में भी बही जलधार:तीन प्रखंडों के किसानों में जगी उम्मीद, उदेरास्थान बराज से छोड़ा गया 3200 क्यूसेक पानी

नालंदा की लोकाइन के बाद अब उसकी सहायक भूतही नदी में भी पानी की तेज धार बह निकली है। उदेरास्थान बराज से करीब 3200 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। लंबे समय से सूखी पड़ी नदियों में पानी लौटने से हिलसा, एकंगरसराय और करायपरसुराय प्रखंड के किसानों को बड़ी राहत मिली है। सूखे की मार से बेहाल अन्नदाताओं को अब अपनी फसलों की सिंचाई करने में काफी सहूलियत मिल रही है। खतरे के निशान से नीचे बहाव, तटबंध पूरी तरह सुरक्षित जल निस्सरण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता बाल्मीकि प्रसाद ने बताया कि लोकाइन नदी में वर्तमान में जलस्तर दो मीटर के आसपास है और पानी खतरे के निशान से नीचे बह रहा है। नदियों के सभी तटबंध पूरी तरह मजबूत और सुरक्षित हैं। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रमंडल के अधिकारी, तकनीकी कर्मी और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं। तटबंधों पर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है।
प्रशासनिक स्तर पर निगरानी तेज, ग्रामीणों से सतर्कता की अपील करायपरसुराय के अंचलाधिकारी प्रभात कुमार गोंड ने बताया कि स्थिति पर पैनी नजर रखने के लिए संबंधित क्षेत्रों में नोडल पदाधिकारियों और कर्मियों की तैनाती की गई है। सभी कर्मियों को तटबंधों में किसी भी प्रकार के कटाव, रिसाव या पानी का दबाव बढ़ने की सूचना तत्काल अंचल कार्यालय को देने का निर्देश दिया गया है। ताकि समय रहते पुख्ता कदम उठाए जा सकें। इसके साथ ही प्रशासन ने ग्रामीणों से नदियों और तटबंधों के समीप अनावश्यक रूप से न जाने तथा किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत अधिकारियों को देने की अपील की है। नालंदा की लोकाइन के बाद अब उसकी सहायक भूतही नदी में भी पानी की तेज धार बह निकली है। उदेरास्थान बराज से करीब 3200 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। लंबे समय से सूखी पड़ी नदियों में पानी लौटने से हिलसा, एकंगरसराय और करायपरसुराय प्रखंड के किसानों को बड़ी राहत मिली है। सूखे की मार से बेहाल अन्नदाताओं को अब अपनी फसलों की सिंचाई करने में काफी सहूलियत मिल रही है। खतरे के निशान से नीचे बहाव, तटबंध पूरी तरह सुरक्षित जल निस्सरण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता बाल्मीकि प्रसाद ने बताया कि लोकाइन नदी में वर्तमान में जलस्तर दो मीटर के आसपास है और पानी खतरे के निशान से नीचे बह रहा है। नदियों के सभी तटबंध पूरी तरह मजबूत और सुरक्षित हैं। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रमंडल के अधिकारी, तकनीकी कर्मी और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं। तटबंधों पर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है।
प्रशासनिक स्तर पर निगरानी तेज, ग्रामीणों से सतर्कता की अपील करायपरसुराय के अंचलाधिकारी प्रभात कुमार गोंड ने बताया कि स्थिति पर पैनी नजर रखने के लिए संबंधित क्षेत्रों में नोडल पदाधिकारियों और कर्मियों की तैनाती की गई है। सभी कर्मियों को तटबंधों में किसी भी प्रकार के कटाव, रिसाव या पानी का दबाव बढ़ने की सूचना तत्काल अंचल कार्यालय को देने का निर्देश दिया गया है। ताकि समय रहते पुख्ता कदम उठाए जा सकें। इसके साथ ही प्रशासन ने ग्रामीणों से नदियों और तटबंधों के समीप अनावश्यक रूप से न जाने तथा किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत अधिकारियों को देने की अपील की है।  

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