नालंदा- मुख्यालय को जानकारी न देकर ‘गर्लफ्रेंड’ दरोगा को बुलाया:शराब तस्करों से बीच रास्ते में ‘डील’, सिपाही मौत केस में महिला SI समेत 7 गिरफ्तार

नालंदा- मुख्यालय को जानकारी न देकर ‘गर्लफ्रेंड’ दरोगा को बुलाया:शराब तस्करों से बीच रास्ते में ‘डील’, सिपाही मौत केस में महिला SI समेत 7 गिरफ्तार

नालंदा में एक्साइज डिपार्टमेंट के एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो के सिपाही अजीत कुमार हत्याकांड में नई जानकारी सामने आई है। पुलिस और विभागीय जांच में सामने आया है कि गुरुवार को पटना मुख्यालय से आधिकारिक धावा दल को सिर्फ सूचना जुटाकर रिपोर्ट देने के लिए भेजा गया था। लेकिन जब अजीत कुमार को शराब तस्करों की जानकारी मिली तो उसने पुलिस मुख्यालय को सूचना न देकर अपनी कथित ‘प्रेमिका’ दरोगा पुष्पा को बुला लिया। नाम न छापने की रिक्वेस्ट पर एक पुलिसकर्मी की ओर से बताया गया कि जांच में सामने आया है कि अजीत और पुष्पा शराब तस्करों को बीच रास्ते में रोककर उनसे वसूली करना चाहते थे। इसी दौरान शराब तस्करों की गाड़ी का पीछा करने के दौरान साथी होमगार्ड जवान की ओर से राइफल से चलाई गई गोली लगने से अजीत की जान गई। घटना के बाद टीम की ओर से शराब तस्करों की गोलीबारी की झूठी कहानी बनाई गई। नालंदा एसपी हृदयकांत के मुताबिक, साक्ष्य छिपाने और झूठी कहानी रचने के आरोप में महिला सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी, दो होमगार्ड जवान, एक सिपाही और वाहन चालक समेत कुल सात लोगों की गिरफ्तारी की गई है। घटना से जुड़ी दो तस्वीरें देखिए अब जानिए, पुलिस की जांच में अब तक क्या सामने आया है? नियमों के मुताबिक, ईआईबी यानी एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो का मूल दायित्व शराब के अवैध धंधे से जुड़े इनपुट जुटाकर सीधे पटना स्थित मुख्यालय को सौंपना होता है। इसके बाद मुख्यालय उस सूचना को संबंधित जिले के एक्साइज एसपी को भेजता है, जहां से विधिवत सशस्त्र बल और दंडाधिकारी की मौजूदगी में टीम बनाकर छापेमारी की जाती है। लेकिन सिपाही अजीत कुमार ने इस पूरी सरकारी प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया। सटीक सूचना मिलने के बावजूद उसने मुख्यालय को रिपोर्ट करने के बजाय नालंदा में तैनात मद्यनिषेध दरोगा पुष्पा कुमारी से सीधे संपर्क साधा। दोनों के बीच पहले से काफी नजदीकी बातचीत और संपर्क था। आशंका जताई जा रही है कि शराब की खेप पकड़े जाने की पुख्ता जानकारी के बाद दोनों ने मिलकर बीच रास्ते में ही वाहन को रोककर भारी उगाही करने और मामला रफा-दफा करने की योजना बनाई थी। अवैध वसूली के पुराने खेल और संपत्ति की चर्चाएं मामले में नामजद दरोगा पुष्पा कुमारी का आचरण पहले से ही विवादों के घेरे में रहा है। स्थानीय स्तर पर और पुलिस सूत्रों के अनुसार हिलसा में पोस्टिंग के दौरान भी उस पर स्थानीय युवकों का फर्जी दस्ता बनाकर वाहनों की अवैध जांच और खुली वसूली कराने के आरोप लगे थे। इसके अलावा कई शराब माफियाओं से सीधे संबंध होने और गाड़ियों को सुरक्षित पार कराने यानी एस्कॉर्ट करने के एवज में बंधी-बंधाई रकम वसूलने की बातें भी सामने आ रही हैं। चर्चा यह भी है कि इसी अवैध कमाई के बलबूते उसने राजगीर में कीमती जमीनों की खरीद की थी। इस पूरे प्रकरण में दोनों के निजी जीवन से जुड़े पहलू भी चर्चा में हैं, जहां सिपाही अजीत कुमार की शादी साल 2024 में हुई थी, वहीं महिला दरोगा पुष्पा की ओर से पति से तलाक का मुकदमा दाखिल किए जाने की बातें सामने आई हैं। घटनास्थल की थ्योरी और मेडिकल साक्ष्यों की गुत्थी भी उलझी घटना 14 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे पावापुरी पुल के दक्षिण दौलाचक स्थित एनएच-20 की बताई जा रही है। पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, शराब लदे पिकअप का पीछा करने के दौरान ईआईबी की स्कॉर्पियो बीच में आ गई और दरोगा पुष्पा कुमारी के निर्देश पर होमगार्ड जवान रिशु कुमार ने फायरिंग कर दी। पुलिस का दावा है कि गोली गाड़ी के पिछले शीशे को भेदते हुए आगे बैठे अजीत के सिर में जा लगी। लेकिन मेडिकल और फॉरेंसिक साक्ष्य इस थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। पोस्टमॉर्टम और घाव की बनावट के अनुसार, गोली सिर के अगले हिस्से से भीतर दाखिल हुई और पिछले हिस्से को फाड़ते हुए बाहर निकली है। बैलिस्टिक विशेषज्ञों के अनुसार ये स्थिति तभी संभव है, जब गोली आगे से मारी गई हो। ऐसे में पीछे चल रही गाड़ी से चली गोली आगे से कैसे लग सकती है, ये गुत्थी अभी भी अनसुलझी है। एसआईटी का एक्शन: महिला दरोगा समेत 7 आरोपित गिरफ्तार मामले की गंभीरता को देखते हुए राजगीर एसडीपीओ संजीत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला दरोगा पुष्पा कुमारी, मद्यनिषेध सिपाही अनूप कुमार, होमगार्ड जवान रिशु कुमार, दीनानाथ और सन्नी कुमार के साथ-साथ निजी चालक पटना के खाजेकलां निवासी गौरव उर्फ निशांत और पटना के रामकृष्ण नगर निवासी शंकर कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। देर शाम सभी आरोपियों को सदर अस्पताल मेडिकल परीक्षण के लिए लाया गया। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने मौके से .303 बोर की राइफल, दो मिसफायर कारतूस, खोखा और स्कॉर्पियो वाहन जब्त कर वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिए हैं। नालंदा में एक्साइज डिपार्टमेंट के एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो के सिपाही अजीत कुमार हत्याकांड में नई जानकारी सामने आई है। पुलिस और विभागीय जांच में सामने आया है कि गुरुवार को पटना मुख्यालय से आधिकारिक धावा दल को सिर्फ सूचना जुटाकर रिपोर्ट देने के लिए भेजा गया था। लेकिन जब अजीत कुमार को शराब तस्करों की जानकारी मिली तो उसने पुलिस मुख्यालय को सूचना न देकर अपनी कथित ‘प्रेमिका’ दरोगा पुष्पा को बुला लिया। नाम न छापने की रिक्वेस्ट पर एक पुलिसकर्मी की ओर से बताया गया कि जांच में सामने आया है कि अजीत और पुष्पा शराब तस्करों को बीच रास्ते में रोककर उनसे वसूली करना चाहते थे। इसी दौरान शराब तस्करों की गाड़ी का पीछा करने के दौरान साथी होमगार्ड जवान की ओर से राइफल से चलाई गई गोली लगने से अजीत की जान गई। घटना के बाद टीम की ओर से शराब तस्करों की गोलीबारी की झूठी कहानी बनाई गई। नालंदा एसपी हृदयकांत के मुताबिक, साक्ष्य छिपाने और झूठी कहानी रचने के आरोप में महिला सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी, दो होमगार्ड जवान, एक सिपाही और वाहन चालक समेत कुल सात लोगों की गिरफ्तारी की गई है। घटना से जुड़ी दो तस्वीरें देखिए अब जानिए, पुलिस की जांच में अब तक क्या सामने आया है? नियमों के मुताबिक, ईआईबी यानी एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो का मूल दायित्व शराब के अवैध धंधे से जुड़े इनपुट जुटाकर सीधे पटना स्थित मुख्यालय को सौंपना होता है। इसके बाद मुख्यालय उस सूचना को संबंधित जिले के एक्साइज एसपी को भेजता है, जहां से विधिवत सशस्त्र बल और दंडाधिकारी की मौजूदगी में टीम बनाकर छापेमारी की जाती है। लेकिन सिपाही अजीत कुमार ने इस पूरी सरकारी प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया। सटीक सूचना मिलने के बावजूद उसने मुख्यालय को रिपोर्ट करने के बजाय नालंदा में तैनात मद्यनिषेध दरोगा पुष्पा कुमारी से सीधे संपर्क साधा। दोनों के बीच पहले से काफी नजदीकी बातचीत और संपर्क था। आशंका जताई जा रही है कि शराब की खेप पकड़े जाने की पुख्ता जानकारी के बाद दोनों ने मिलकर बीच रास्ते में ही वाहन को रोककर भारी उगाही करने और मामला रफा-दफा करने की योजना बनाई थी। अवैध वसूली के पुराने खेल और संपत्ति की चर्चाएं मामले में नामजद दरोगा पुष्पा कुमारी का आचरण पहले से ही विवादों के घेरे में रहा है। स्थानीय स्तर पर और पुलिस सूत्रों के अनुसार हिलसा में पोस्टिंग के दौरान भी उस पर स्थानीय युवकों का फर्जी दस्ता बनाकर वाहनों की अवैध जांच और खुली वसूली कराने के आरोप लगे थे। इसके अलावा कई शराब माफियाओं से सीधे संबंध होने और गाड़ियों को सुरक्षित पार कराने यानी एस्कॉर्ट करने के एवज में बंधी-बंधाई रकम वसूलने की बातें भी सामने आ रही हैं। चर्चा यह भी है कि इसी अवैध कमाई के बलबूते उसने राजगीर में कीमती जमीनों की खरीद की थी। इस पूरे प्रकरण में दोनों के निजी जीवन से जुड़े पहलू भी चर्चा में हैं, जहां सिपाही अजीत कुमार की शादी साल 2024 में हुई थी, वहीं महिला दरोगा पुष्पा की ओर से पति से तलाक का मुकदमा दाखिल किए जाने की बातें सामने आई हैं। घटनास्थल की थ्योरी और मेडिकल साक्ष्यों की गुत्थी भी उलझी घटना 14 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे पावापुरी पुल के दक्षिण दौलाचक स्थित एनएच-20 की बताई जा रही है। पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, शराब लदे पिकअप का पीछा करने के दौरान ईआईबी की स्कॉर्पियो बीच में आ गई और दरोगा पुष्पा कुमारी के निर्देश पर होमगार्ड जवान रिशु कुमार ने फायरिंग कर दी। पुलिस का दावा है कि गोली गाड़ी के पिछले शीशे को भेदते हुए आगे बैठे अजीत के सिर में जा लगी। लेकिन मेडिकल और फॉरेंसिक साक्ष्य इस थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। पोस्टमॉर्टम और घाव की बनावट के अनुसार, गोली सिर के अगले हिस्से से भीतर दाखिल हुई और पिछले हिस्से को फाड़ते हुए बाहर निकली है। बैलिस्टिक विशेषज्ञों के अनुसार ये स्थिति तभी संभव है, जब गोली आगे से मारी गई हो। ऐसे में पीछे चल रही गाड़ी से चली गोली आगे से कैसे लग सकती है, ये गुत्थी अभी भी अनसुलझी है। एसआईटी का एक्शन: महिला दरोगा समेत 7 आरोपित गिरफ्तार मामले की गंभीरता को देखते हुए राजगीर एसडीपीओ संजीत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला दरोगा पुष्पा कुमारी, मद्यनिषेध सिपाही अनूप कुमार, होमगार्ड जवान रिशु कुमार, दीनानाथ और सन्नी कुमार के साथ-साथ निजी चालक पटना के खाजेकलां निवासी गौरव उर्फ निशांत और पटना के रामकृष्ण नगर निवासी शंकर कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। देर शाम सभी आरोपियों को सदर अस्पताल मेडिकल परीक्षण के लिए लाया गया। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने मौके से .303 बोर की राइफल, दो मिसफायर कारतूस, खोखा और स्कॉर्पियो वाहन जब्त कर वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिए हैं।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *