नामांतरण घोटाले से गड्ढों तक:कांग्रेस ने निगम कमिश्नर को घेरा:2 महीने बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं, घटिया पेंचवर्क करने वाले ठेकेदारों पर पेनल्टी की मांग

नामांतरण घोटाले से गड्ढों तक:कांग्रेस ने निगम कमिश्नर को घेरा:2 महीने बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं, घटिया पेंचवर्क करने वाले ठेकेदारों पर पेनल्टी की मांग

इंदौर नगर निगम की कार्यप्रणाली और शहर में नागरिकों को हो रही परेशानियों को लेकर गुरुवार को शहर कांग्रेस ने आज नेता प्रतिपत्र सोनिला मिमरोट के नेतृत्व में निगम कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने नामांतरण घोटाले, सड़कों के गड्ढों, टैक्स भुगतान में चेक पर रोक, नगर निगम के बगीचे में अंतिम संस्कार और कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित पांच प्रमुख मुद्दे उठाए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नामांतरण घोटाले का खुलासा हुए दो महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, बारिश के बाद शहर की सड़कों पर दोबारा उभरे गड्ढों को लेकर भी निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। कांग्रेस ने कहा कि निगम के राजस्व विभाग में सामने आया नामांतरण घोटाला बेहद गंभीर है। पूर्व में निगम की ओर से जांच कमेटी गठित कर 15 दिन में रिपोर्ट देने और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही गई थी, लेकिन दो महीने से ज्यादा समय बीतने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। ज्ञापन में कहा गया कि जिन अधिकारियों की आईडी से नामांतरण संबंधी पूरा खेल हुआ, उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। केवल यह कहकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता कि अधिकारी को अपनी आईडी के इस्तेमाल की जानकारी नहीं थी। कांग्रेस ने जांच रिपोर्ट का इंतजार करने के बजाय तत्काल जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की मांग की। स्वच्छ शहर अब गड्ढों वाले शहर के रूप में पहचाना जा रहा कांग्रेस ने शहर की खराब सड़कों को लेकर भी निगम को घेरा। उसका कहना है कि बारिश से पहले लाखों रुपए खर्च कर सड़कों का पेंचवर्क कराया गया था, लेकिन बारिश के बाद उन्हीं सड़कों पर दोबारा गड्ढे हो गए। कांग्रेस ने इसे पिछली बार हुए पेंचवर्क की गुणवत्ता पर सवाल बताया। ज्ञापन में मांग की गई कि जिन ठेकेदारों ने पहले पेंचवर्क किया था, उन्हीं से बिना अतिरिक्त भुगतान के दोबारा गड्ढे भरवाए जाएं और घटिया काम के लिए उन पर पेनल्टी लगाई जाए। कांग्रेस का कहना है कि गड्ढों के कारण वाहन चालकों को परेशानी हो रही है और कई जगह दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। एक लाख तक के टैक्स पर चेक से भुगतान की रोक हटाएं राजस्व विभाग के अपर आयुक्त आकाश सिंह द्वारा एक लाख रुपए से कम के टैक्स भुगतान के लिए चेक स्वीकार नहीं किए जाने के आदेश पर भी कांग्रेस ने आपत्ति जताई। कांग्रेस का आरोप है कि यह नीतिगत फैसला है और अपर आयुक्त अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर ऐसा निर्णय नहीं ले सकते। ज्ञापन में इसे महापौर परिषद के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप बताया गया। कांग्रेस ने यह आदेश तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए अपर आयुक्त आकाश सिंह के खिलाफ सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की मांग भी की। साथ ही मामले की जानकारी राज्य सरकार को भेजने और इसे उनकी गोपनीय चरित्रावली में दर्ज करने की मांग रखी। निगम के बगीचे में अंतिम संस्कार पर कार्रवाई की मांग नेमी नगर स्थित नगर निगम के बगीचे में अंतिम संस्कार किए जाने की घटना को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए। कांग्रेस ने कहा कि सार्वजनिक उद्यान में इस तरह अंतिम संस्कार होना गंभीर लापरवाही है। ज्ञापन में संबंधित उपयंत्री, उद्यान दरोगा और जोनल अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने की मांग की गई। इसके साथ ही रहवासी संघ के पदाधिकारियों और अंतिम संस्कार करने वाले लोगों के खिलाफ जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ के मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग भी की गई। 2 हजार मस्टर कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग कांग्रेस ने नगर निगम के करीब 2 हजार मस्टर कर्मचारियों के विनियमितीकरण का मुद्दा भी उठाया। पार्टी ने कहा कि निगम में पहले से कर्मचारियों की कमी है और जो कर्मचारी लंबे समय से काम कर रहे हैं, उनके हित में जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने सभी पात्र मस्टर कर्मचारियों की वरीयता सूची प्रकाशित कर जल्द विनियमित करने की मांग की। साथ ही पूर्व में विनियमित किए गए 3709 कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के अनुसार डीए का लाभ देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई। कांग्रेस की प्रमुख मांगें – नामांतरण घोटाले में जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई। – दोबारा उभरे सड़क के गड्ढों का पेंचवर्क कराया जाए। – घटिया पेंचवर्क करने वाले ठेकेदारों से बिना अतिरिक्त भुगतान दोबारा काम कराया जाए।
संबंधित ठेकेदारों पर पेनल्टी लगाई जाए। – एक लाख रुपए से कम के टैक्स भुगतान पर चेक की रोक का आदेश वापस लिया जाए।
आदेश जारी करने वाले अपर आयुक्त आकाश सिंह के खिलाफ कार्रवाई की जाए। – नेमी नगर के निगम उद्यान में अंतिम संस्कार की घटना में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो। – 2 हजार मस्टर कर्मचारियों की वरीयता सूची जारी कर उन्हें विनियमित किया जाए। – पूर्व में विनियमित 3709 कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के अनुसार डीए का लाभ दिया जाए।

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