नवादा में 10 कट्ठा जमीन का 40 साल पुराना विवाद:2 हत्याओं के बाद 7 दोषियों को उम्रकैद; आर्म्स एक्ट में भी 3 साल की सजा

नवादा में 10 कट्ठा जमीन का 40 साल पुराना विवाद:2 हत्याओं के बाद 7 दोषियों को उम्रकैद; आर्म्स एक्ट में भी 3 साल की सजा

नवादा के काशीचक प्रखंड स्थित दौलाचक गांव में करीब 10 कट्ठा जमीन को लेकर चार दशक से चला आ रहा विवाद अब न्यायिक फैसले तक पहुंच गया है। इस विवाद में अब तक दो लोगों की हत्या हो चुकी है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय उमेश कुमार की अदालत ने मामले में सात आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस जमीन विवाद में पहली हत्या वर्ष 2004 में भागीरथ सिंह की हुई थी। इस मामले में त्रिपुरारी सिंह और उनके पिता रामपदारथ सिंह ने करीब सात साल जेल में बिताए थे। बाद में रामपदारथ सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। 2022 में त्रिपुरारी सिंह को मारी गई गोली इसी जमीन विवाद के चलते वर्ष 2022 में त्रिपुरारी सिंह की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना 28 अप्रैल 2022 की शाम की है। त्रिपुरारी सिंह चिमनी भट्ठा के पास से गुजर रहे थे, तभी आरोपियों ने गोलीबारी कर दी। वारदात के बाद आरोपी मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे। मृतक की बहन रानी देवी के बयान पर काशीचक थाना में कांड संख्या 103/22 दर्ज किया गया था। सात दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने अवधेश सिंह, उमेश सिंह, अरुण कुमार, श्रवण कुमार, कुंदन कुमार, अजय सिंह और तुलन कुमार को हत्या का दोषी ठहराया। सभी सात दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। प्रत्येक पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। आर्म्स एक्ट में भी तीन साल की सजा अदालत ने आर्म्स एक्ट के तहत भी प्रत्येक दोषी को तीन वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक अजीत कुमार ने मामले में पैरवी की। सजा के बाद परिजनों को बच्चों के भविष्य की चिंता फैसले के बाद दोषियों के परिजनों ने अपने परिवारों की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। कुमकुम देवी ने अपने बेटे तुलन कुमार को साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया। गुड्डी देवी ने पति उमेश सिंह की सजा के बाद पांच बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जताई। जानकी देवी ने पति अवधेश सिंह और बेटों अरुण व कुंदन की सजा के बाद बच्चों की परवरिश में आने वाली परेशानियों की बात कही। वहीं मुन्नी देवी ने पति अजय सिंह की सजा के बाद बेटियों की शादी और परिवार के आर्थिक संकट का जिक्र किया। परिजनों ने फैसले के खिलाफ आगे न्याय की उम्मीद जताई है। नवादा के काशीचक प्रखंड स्थित दौलाचक गांव में करीब 10 कट्ठा जमीन को लेकर चार दशक से चला आ रहा विवाद अब न्यायिक फैसले तक पहुंच गया है। इस विवाद में अब तक दो लोगों की हत्या हो चुकी है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय उमेश कुमार की अदालत ने मामले में सात आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस जमीन विवाद में पहली हत्या वर्ष 2004 में भागीरथ सिंह की हुई थी। इस मामले में त्रिपुरारी सिंह और उनके पिता रामपदारथ सिंह ने करीब सात साल जेल में बिताए थे। बाद में रामपदारथ सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। 2022 में त्रिपुरारी सिंह को मारी गई गोली इसी जमीन विवाद के चलते वर्ष 2022 में त्रिपुरारी सिंह की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना 28 अप्रैल 2022 की शाम की है। त्रिपुरारी सिंह चिमनी भट्ठा के पास से गुजर रहे थे, तभी आरोपियों ने गोलीबारी कर दी। वारदात के बाद आरोपी मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे। मृतक की बहन रानी देवी के बयान पर काशीचक थाना में कांड संख्या 103/22 दर्ज किया गया था। सात दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने अवधेश सिंह, उमेश सिंह, अरुण कुमार, श्रवण कुमार, कुंदन कुमार, अजय सिंह और तुलन कुमार को हत्या का दोषी ठहराया। सभी सात दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। प्रत्येक पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। आर्म्स एक्ट में भी तीन साल की सजा अदालत ने आर्म्स एक्ट के तहत भी प्रत्येक दोषी को तीन वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक अजीत कुमार ने मामले में पैरवी की। सजा के बाद परिजनों को बच्चों के भविष्य की चिंता फैसले के बाद दोषियों के परिजनों ने अपने परिवारों की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। कुमकुम देवी ने अपने बेटे तुलन कुमार को साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया। गुड्डी देवी ने पति उमेश सिंह की सजा के बाद पांच बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जताई। जानकी देवी ने पति अवधेश सिंह और बेटों अरुण व कुंदन की सजा के बाद बच्चों की परवरिश में आने वाली परेशानियों की बात कही। वहीं मुन्नी देवी ने पति अजय सिंह की सजा के बाद बेटियों की शादी और परिवार के आर्थिक संकट का जिक्र किया। परिजनों ने फैसले के खिलाफ आगे न्याय की उम्मीद जताई है।  

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