नवादा में वज्रपात से 6 लोगों मौत:नवादा में रजौली में धान रोपनी के दौरान 3 मजदूरों की गई जान, मेसकौर में 2 और रोह में 1 की मौत

नवादा में वज्रपात से 6 लोगों मौत:नवादा में रजौली में धान रोपनी के दौरान 3 मजदूरों की गई जान, मेसकौर में 2 और रोह में 1 की मौत

नवादा जिले में पिछले 12 घंटे के अंदर आकाशीय बिजली गिरने से छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पांच पुरुष और एक युवती शामिल है।रजौली थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में धान की रोपनी के दौरान एक ही गांव के तीन मजदूरों की वज्रपात से मौत हो गई।मृतकों की पहचान सीतामढ़ी थाना क्षेत्र के मधेशरा गांव निवासी रामप्रीत मांझी के पुत्र 25 वर्षीय राजेंद्र मांझी,ललक मांझी के पुत्र 60 वर्षीय मनी मांझी और इंद्र मांझी के पुत्र 25 वर्षीय इंद्रजीत मांझी है। 350 किलोमीटर दूर से मजदूरी करने आए थे 12 मजदूरभूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी केंद्र सरकार ने रेल अधिनियम, 1989 की धारा 2 के खंड (37A) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस परियोजना को विशेष रेल परियोजना घोषित किया है। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण-2) हितेंद्र गोयल के हस्ताक्षर से जारी आदेश के बाद परियोजना को अब प्रशासनिक और कानूनी आधार मिल गया है। अधिसूचना के साथ ही रेलवे के निर्माण संगठन के रिकॉर्ड में भूमि से संबंधित फाइल संख्या W/207/CON/NJP/LAND/KNE-JAG दर्ज कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगले चरण में विस्तृत भू-सर्वेक्षण, प्रभावित गांवों और पंचायतों की पहचान तथा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। यह 51.632 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन सीमांचल और पूर्वोत्तर भारत के बीच एक वैकल्पिक एवं मजबूत रेल कॉरिडोर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। परियोजना के धरातल पर उतरने से क्षेत्र में रेल संपर्क बेहतर होने के साथ यात्री और माल परिवहन को भी गति मिलने की उम्मीद है। राजपत्र में अधिसूचना के प्रकाशन के बाद अब लोगों की नजर जमीन के सर्वे और वास्तविक निर्माण कार्य शुरू होने की तारीख पर टिकी है। मृतक के भाई मिथिलेश कुमार ने बताया कि करीब 350 किलोमीटर दूर से 12 मजदूर मजदूरी करने के लिए रजौली थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव आए थे। मंगलवार को सभी अलग-अलग स्थानों पर धान की रोपनी कर रहे थे। एक खेत में दो चचेरे भाई और उनके चाचा काम कर रहे थे। इसी दौरान तेज बारिश और बादलों की गड़गड़ाहट शुरू हुई। तीनों लोग खुले स्थान से निकलकर सुरक्षित जगह जाने की कोशिश कर रहे थे,तभी अचानक आकाशीय बिजली तीनों पर गिर गई। हादसे में तीनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। साथ काम कर रहे मजदूरों ने तीनों को बिजली गिरने के बाद जमीन पर गिरते हुए दूर से देखा। सरकारी सहायता नहीं मिलने का आरोप, अधिकारियों की कार्यशैली पर उठे सवाल मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्हें तत्काल मिलने वाली सरकारी आर्थिक सहायता नहीं दी गई। परिजनों के अनुसार पारिवारिक लाभ योजना के तहत मिलने वाली 20 हजार रुपये की राशि भी तत्काल उपलब्ध नहीं कराई गई। इतना ही नहीं, शवों को सीतामढ़ी स्थित गांव ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस भी नहीं मिल सकी। परिजनों ने रजौली के प्रखंड विकास पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि खेत मालिकों ने जरूर मदद की। ग्रामीणों का आरोप है कि अक्सर सड़क जाम या प्रदर्शन के बाद ही अधिकारी मौके पर पहुंचकर सरकारी लाभ देते हैं। ऐसे में दूसरे जिले से मजदूरी करने आए गरीब परिवारों को भी समय पर सरकारी सहायता मिलनी चाहिए थी। पत्नी-बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
आकाशीय बिजली की चपेट में आने से इंद्रजीत मांझी की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इंद्रजीत अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी को छोड़ गए हैं। करीब पांच वर्ष पहले हिंदू रीति-रिवाज से उनकी शादी हुई थी। वह परिवार के सबसे बड़े पुत्र थे और पूरे परिवार का सहारा बने हुए थे। दो भाइयों में बड़ा होने के कारण मजदूरी कर पत्नी, बच्चों, माता-पिता और छोटे भाई का भरण-पोषण करते थे। अचानक हुई मौत से पत्नी, माता-पिता और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

परिवार के कमाने वाले सदस्य की मौत
आकाशीय बिजली गिरने से मनी मांझी की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मनी मांझी अपने पीछे पत्नी, तीन बेटे और एक बेटी को छोड़ गए हैं। उन्होंने अपने चारों बच्चों की शादी कर दी थी। उम्र के इस पड़ाव पर भी वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। वह घर के प्रमुख कमाने वाले सदस्य थे और पत्नी समेत पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अचानक उनकी मौत से पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मेसकौर दो की मौत,रोह में एक की
मृतकों की पहचान मेसकौर प्रखंड के लक्ष्मीपुर गांव निवासी राम चौहान की 8 वर्षीय पुत्री सुमित्रा कुमारी, ढिबरा गांव निवासी कामता यादव के 16 वर्षीय पुत्र नवनीत कुमार और रोह प्रखंड क्षेत्र के छनौन गांव निवासी रघुनंदन रविदास के 10 वर्षीय पुत्र प्रिंस कुमार के रूप में की गई है। घटना के बाद संबंधित गांवों में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन की ओर से घटना की जानकारी जुटाई जा रही है। नवादा जिले में पिछले 12 घंटे के अंदर आकाशीय बिजली गिरने से छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पांच पुरुष और एक युवती शामिल है।रजौली थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में धान की रोपनी के दौरान एक ही गांव के तीन मजदूरों की वज्रपात से मौत हो गई।मृतकों की पहचान सीतामढ़ी थाना क्षेत्र के मधेशरा गांव निवासी रामप्रीत मांझी के पुत्र 25 वर्षीय राजेंद्र मांझी,ललक मांझी के पुत्र 60 वर्षीय मनी मांझी और इंद्र मांझी के पुत्र 25 वर्षीय इंद्रजीत मांझी है। 350 किलोमीटर दूर से मजदूरी करने आए थे 12 मजदूरभूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी केंद्र सरकार ने रेल अधिनियम, 1989 की धारा 2 के खंड (37A) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस परियोजना को विशेष रेल परियोजना घोषित किया है। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण-2) हितेंद्र गोयल के हस्ताक्षर से जारी आदेश के बाद परियोजना को अब प्रशासनिक और कानूनी आधार मिल गया है। अधिसूचना के साथ ही रेलवे के निर्माण संगठन के रिकॉर्ड में भूमि से संबंधित फाइल संख्या W/207/CON/NJP/LAND/KNE-JAG दर्ज कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगले चरण में विस्तृत भू-सर्वेक्षण, प्रभावित गांवों और पंचायतों की पहचान तथा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। यह 51.632 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन सीमांचल और पूर्वोत्तर भारत के बीच एक वैकल्पिक एवं मजबूत रेल कॉरिडोर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। परियोजना के धरातल पर उतरने से क्षेत्र में रेल संपर्क बेहतर होने के साथ यात्री और माल परिवहन को भी गति मिलने की उम्मीद है। राजपत्र में अधिसूचना के प्रकाशन के बाद अब लोगों की नजर जमीन के सर्वे और वास्तविक निर्माण कार्य शुरू होने की तारीख पर टिकी है। मृतक के भाई मिथिलेश कुमार ने बताया कि करीब 350 किलोमीटर दूर से 12 मजदूर मजदूरी करने के लिए रजौली थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव आए थे। मंगलवार को सभी अलग-अलग स्थानों पर धान की रोपनी कर रहे थे। एक खेत में दो चचेरे भाई और उनके चाचा काम कर रहे थे। इसी दौरान तेज बारिश और बादलों की गड़गड़ाहट शुरू हुई। तीनों लोग खुले स्थान से निकलकर सुरक्षित जगह जाने की कोशिश कर रहे थे,तभी अचानक आकाशीय बिजली तीनों पर गिर गई। हादसे में तीनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। साथ काम कर रहे मजदूरों ने तीनों को बिजली गिरने के बाद जमीन पर गिरते हुए दूर से देखा। सरकारी सहायता नहीं मिलने का आरोप, अधिकारियों की कार्यशैली पर उठे सवाल मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्हें तत्काल मिलने वाली सरकारी आर्थिक सहायता नहीं दी गई। परिजनों के अनुसार पारिवारिक लाभ योजना के तहत मिलने वाली 20 हजार रुपये की राशि भी तत्काल उपलब्ध नहीं कराई गई। इतना ही नहीं, शवों को सीतामढ़ी स्थित गांव ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस भी नहीं मिल सकी। परिजनों ने रजौली के प्रखंड विकास पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि खेत मालिकों ने जरूर मदद की। ग्रामीणों का आरोप है कि अक्सर सड़क जाम या प्रदर्शन के बाद ही अधिकारी मौके पर पहुंचकर सरकारी लाभ देते हैं। ऐसे में दूसरे जिले से मजदूरी करने आए गरीब परिवारों को भी समय पर सरकारी सहायता मिलनी चाहिए थी। पत्नी-बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
आकाशीय बिजली की चपेट में आने से इंद्रजीत मांझी की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इंद्रजीत अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी को छोड़ गए हैं। करीब पांच वर्ष पहले हिंदू रीति-रिवाज से उनकी शादी हुई थी। वह परिवार के सबसे बड़े पुत्र थे और पूरे परिवार का सहारा बने हुए थे। दो भाइयों में बड़ा होने के कारण मजदूरी कर पत्नी, बच्चों, माता-पिता और छोटे भाई का भरण-पोषण करते थे। अचानक हुई मौत से पत्नी, माता-पिता और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

परिवार के कमाने वाले सदस्य की मौत
आकाशीय बिजली गिरने से मनी मांझी की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मनी मांझी अपने पीछे पत्नी, तीन बेटे और एक बेटी को छोड़ गए हैं। उन्होंने अपने चारों बच्चों की शादी कर दी थी। उम्र के इस पड़ाव पर भी वह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। वह घर के प्रमुख कमाने वाले सदस्य थे और पत्नी समेत पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अचानक उनकी मौत से पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मेसकौर दो की मौत,रोह में एक की
मृतकों की पहचान मेसकौर प्रखंड के लक्ष्मीपुर गांव निवासी राम चौहान की 8 वर्षीय पुत्री सुमित्रा कुमारी, ढिबरा गांव निवासी कामता यादव के 16 वर्षीय पुत्र नवनीत कुमार और रोह प्रखंड क्षेत्र के छनौन गांव निवासी रघुनंदन रविदास के 10 वर्षीय पुत्र प्रिंस कुमार के रूप में की गई है। घटना के बाद संबंधित गांवों में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन की ओर से घटना की जानकारी जुटाई जा रही है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *