नवादा के पकरीबरावां थाना क्षेत्र से जुड़े हत्या मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नवम आनंद भूषण की अदालत ने पति-पत्नी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सजा पाने वालों में पकरीबरावां थाना क्षेत्र के धमौल निवासी विपिन ठाकुर और उसकी पत्नी सुशीला देवी शामिल हैं। सोने के दौरान चाकू से काट दी गई नश अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक राम प्रसाद लाल ने पक्ष रखा। यह मामला पकरीबरावां थाना कांड संख्या 314/23 से संबंधित है। अभियोजन के अनुसार, 9 जुलाई 2023 को विभीषण शर्मा अपने घर की छत पर सोए हुए थे। इसी दौरान दोनों आरोपितों ने मिलकर उन पर चाकू से हमला कर दिया। पहले चाकू से उनके हाथ की नस काट दी गई और इसके बाद शरीर पर चाकू से कई वार किए गए। गंभीर रूप से घायल विभीषण को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतक की पत्नी राखी कुमारी ने पकरीबरावां थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में अपने भैसुर विपिन ठाकुर और उसकी पत्नी सुशीला देवी को आरोपित बनाया गया था। आरोपित पक्ष का पहले हुआ था विवाद अभियोजन के अनुसार, घटना से पहले आरोपित पक्ष का परिवार के अन्य सदस्यों के साथ विवाद और मारपीट भी हुई थी। इसी दौरान मृतक की पत्नी राखी कुमारी ने विपिन को पकड़ा और पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायल विभीषण शर्मा को पकरीबरावां पीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत में सबूत और गवाहों के बयान पेश किए। इन सबूतों के आधार पर अदालत ने विपिन ठाकुर और सुशीला देवी को हत्या का दोषी पाया। इसके बाद दोनों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और अर्थदंड भी लगाया गया। फैसले के बाद मृतक के परिजनों में न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। नवादा के पकरीबरावां थाना क्षेत्र से जुड़े हत्या मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नवम आनंद भूषण की अदालत ने पति-पत्नी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सजा पाने वालों में पकरीबरावां थाना क्षेत्र के धमौल निवासी विपिन ठाकुर और उसकी पत्नी सुशीला देवी शामिल हैं। सोने के दौरान चाकू से काट दी गई नश अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक राम प्रसाद लाल ने पक्ष रखा। यह मामला पकरीबरावां थाना कांड संख्या 314/23 से संबंधित है। अभियोजन के अनुसार, 9 जुलाई 2023 को विभीषण शर्मा अपने घर की छत पर सोए हुए थे। इसी दौरान दोनों आरोपितों ने मिलकर उन पर चाकू से हमला कर दिया। पहले चाकू से उनके हाथ की नस काट दी गई और इसके बाद शरीर पर चाकू से कई वार किए गए। गंभीर रूप से घायल विभीषण को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतक की पत्नी राखी कुमारी ने पकरीबरावां थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में अपने भैसुर विपिन ठाकुर और उसकी पत्नी सुशीला देवी को आरोपित बनाया गया था। आरोपित पक्ष का पहले हुआ था विवाद अभियोजन के अनुसार, घटना से पहले आरोपित पक्ष का परिवार के अन्य सदस्यों के साथ विवाद और मारपीट भी हुई थी। इसी दौरान मृतक की पत्नी राखी कुमारी ने विपिन को पकड़ा और पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायल विभीषण शर्मा को पकरीबरावां पीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत में सबूत और गवाहों के बयान पेश किए। इन सबूतों के आधार पर अदालत ने विपिन ठाकुर और सुशीला देवी को हत्या का दोषी पाया। इसके बाद दोनों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और अर्थदंड भी लगाया गया। फैसले के बाद मृतक के परिजनों में न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

