नवादा में झांसा देकर ठगी करने वाले 5 ठग गिरफ्तार:8 मोबाइल के साथ पकड़े गए, खुद को क्लर्क-मैनेजर बताकर फंसाते थे

नवादा में झांसा देकर ठगी करने वाले 5 ठग गिरफ्तार:8 मोबाइल के साथ पकड़े गए, खुद को क्लर्क-मैनेजर बताकर फंसाते थे

नवादा में पुलिस ने सस्ते लोन का झांसा देकर ठगी करने वाले पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के मीरचक चमर टोली से इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से आठ मोबाइल फोन भी मिले हैं। एसडीपीओ सुजय विद्यार्थी और थाना अध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि पुलिस को ठगी की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई और उनके निर्देश पर एक टीम बनाई गई। टीम ने मीरचक चमर टोली में छापेमारी की। ऑनलाइन लोन देने का झांसा देते थे छापेमारी के दौरान पांच साइबर अपराधी पकड़े गए। उनके पास से आठ एंड्रॉयड मोबाइल और फर्जी सिम कार्ड भी जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मीरचक चमर टोली निवासी जोगिंदर दास (केदार रविदास का बेटा), गौतम कुमार (अरविंद रविदास का बेटा), टुनटुन रविदास (राजेंद्र रविदास का बेटा), प्रकाश रविदास (काली रविदास का बेटा) और धर्मेंद्र रविदास (नरेश रविदास का बेटा) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस और दूसरी कंपनियों के नाम पर ऑनलाइन लोन देने का झांसा देते थे। प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठग लेते थे पैसे वे कस्टमर डेटा और फेसबुक से नंबर लेकर लोगों को फोन करते थे। ग्राहकों को भरोसा दिलाने के लिए ठग कभी बैंक मैनेजर तो कभी दूसरे स्टाफ बनकर बात करते थे। जब कोई ग्राहक उनके जाल में फंस जाता था, तो वे लोन देने के बहाने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और ईमेल आईडी मांगते थे। इसके बाद उनसे प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे ठग लेते थे। आरोपियों ने बताया कि वे इस तरह कई लोगों से ठगी कर चुके हैं। एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर वारिसलीगंज थाना प्रभारी पंकज कुमार सैनी लगातार छापेमारी कर रहे हैं। पुलिस वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में फैले ठगी के नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश कर रही है। नवादा में पुलिस ने सस्ते लोन का झांसा देकर ठगी करने वाले पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के मीरचक चमर टोली से इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से आठ मोबाइल फोन भी मिले हैं। एसडीपीओ सुजय विद्यार्थी और थाना अध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि पुलिस को ठगी की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई और उनके निर्देश पर एक टीम बनाई गई। टीम ने मीरचक चमर टोली में छापेमारी की। ऑनलाइन लोन देने का झांसा देते थे छापेमारी के दौरान पांच साइबर अपराधी पकड़े गए। उनके पास से आठ एंड्रॉयड मोबाइल और फर्जी सिम कार्ड भी जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मीरचक चमर टोली निवासी जोगिंदर दास (केदार रविदास का बेटा), गौतम कुमार (अरविंद रविदास का बेटा), टुनटुन रविदास (राजेंद्र रविदास का बेटा), प्रकाश रविदास (काली रविदास का बेटा) और धर्मेंद्र रविदास (नरेश रविदास का बेटा) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस और दूसरी कंपनियों के नाम पर ऑनलाइन लोन देने का झांसा देते थे। प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठग लेते थे पैसे वे कस्टमर डेटा और फेसबुक से नंबर लेकर लोगों को फोन करते थे। ग्राहकों को भरोसा दिलाने के लिए ठग कभी बैंक मैनेजर तो कभी दूसरे स्टाफ बनकर बात करते थे। जब कोई ग्राहक उनके जाल में फंस जाता था, तो वे लोन देने के बहाने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और ईमेल आईडी मांगते थे। इसके बाद उनसे प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे ठग लेते थे। आरोपियों ने बताया कि वे इस तरह कई लोगों से ठगी कर चुके हैं। एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर वारिसलीगंज थाना प्रभारी पंकज कुमार सैनी लगातार छापेमारी कर रहे हैं। पुलिस वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में फैले ठगी के नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश कर रही है।  

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