नर्मदापुरम संभाग आयुक्त कार्यालय की बिल्डिंग में स्थित MPRDC ऑफिस के सामने बुधवार दोपहर एक मजदूर ने भुगतान नहीं मिलने पर हंगामा कर दिया। करीब 15 मिनट तक वह ऑफिस के बरामदे में जमीन पर लेटा रहा और बकाया राशि देने की मांग करता रहा। इस दौरान उसने आत्मघाती कदम उठाने की धमकी भी दी। हंगामा बढ़ने पर पुलिस को बुलाया गया। घटनाक्रम के करीब एक घंटे बाद मजदूर का भुगतान कर दिया गया। 16 मजदूरों को तवा पुल पर लगाया था MPRDC के अनुसार, मजदूर की पहचान निमसाड़िया निवासी मनोहर केवट के रूप में हुई है। मनोहर समेत 16 मजदूरों को आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से तवा पुल पर भारी वाहनों को रोकने के लिए तैनात किया गया था। सभी मजदूरों ने 16 जून से 31 जुलाई तक ड्यूटी की थी। 15 मजदूरों को भुगतान, मनोहर का IFSC गलत होने से अटका वेतन नहीं मिलने पर मजदूरों ने कुछ समय के लिए काम बंद कर दिया था। बाद में 16 में से 15 मजदूरों के बैंक खातों में भुगतान कर दिया गया। मनोहर का IFSC कोड गलत होने के कारण उसका भुगतान पेंडिंग रह गया। करीब 17,563 रुपए का डेढ़ महीने का भुगतान अटकने के बाद वह कई दिनों से MPRDC कार्यालय के चक्कर लगा रहा था। बुधवार दोपहर करीब 3 बजे वह पहले ऑफिस के गेट के सामने कागज बिछाकर बैठा और बाद में बरामदे में जमीन पर लेट गया। पुलिस पहुंची, कर्मचारियों और लोगों की भीड़ जुटी मजदूर के हंगामे के दौरान कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई। आत्मघाती कदम उठाने की धमकी देने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मजदूर को अपने साथ ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने उसके नशे में होने की बात कही, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। IFSC सुधारकर बैंक को भेजा भुगतान MPRDC के डिवीजनल मैनेजर अनिरुद्ध बंसल ने बताया कि मजदूरों की राशि बैंक को भेजी गई थी। मनोहर का IFSC कोड गलत होने के कारण उसका भुगतान रुक गया था। IFSC सही कर राशि दोबारा बैंक को भेजी गई और बुधवार को ही उसका करीब 17,563 रुपए का भुगतान कर दिया गया।

