‘नदी में डूबने से हुई थी मौत,मौसेरे भाइयों ने छिपाया’:किशनगंज में13 वर्षीय मेनका की मौत का खुलासा,CCTV फुटेज में दिखे थे तीनों

‘नदी में डूबने से हुई थी मौत,मौसेरे भाइयों ने छिपाया’:किशनगंज में13 वर्षीय मेनका की मौत का खुलासा,CCTV फुटेज में दिखे थे तीनों

किशनगंज पुलिस ने 13 वर्षीय मेनका कुमारी की मौत के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि किशोरी की मौत नदी में डूबने से हुई थी। घटना के बाद उसके दो मौसेरे भाइयों ने डर और घबराहट के कारण सच्चाई छिपा ली थी। गोताखोरों और डॉग स्क्वॉड ने जुटाए साक्ष्य पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर मामले की गहन जांच की गई। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ-साथ गोताखोरों, डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम की मदद से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए गए। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण में सामने आया कि मेनका अपने दो मौसेरे भाइयों आयुष (10 वर्ष) और प्रिंस (15 वर्ष) के साथ नदी किनारे गई थी, लेकिन वापस केवल दोनों लड़के लौटे थे। दोनों भाई बार-बार बदल रहे थे बयान पुलिस पूछताछ के दौरान दोनों भाई बार-बार बयान बदल रहे थे। तकनीकी साक्ष्यों और परिजनों की मौजूदगी में पूछताछ करने पर उन्होंने पूरी घटना बताई। दोनों ने बताया कि वे लोग नदी में स्नान करने गए थे। इस दौरान मेनका नदी किनारे बने बांध से पानी में छलांग लगा रही थी। कई बार वह सुरक्षित बाहर निकल आई, लेकिन एक बार गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए भाइयों को पहले लगा कि वह मजाक कर रही है। जब तक उन्हें स्थिति की गंभीरता समझ आई, तब तक वह गहरे पानी में समा चुकी थी। दोनों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। जांच में यह भी सामने आया कि नदी से मिट्टी निकाले जाने के कारण कहीं पानी की गहराई 3 से 4 फीट तो कहीं 10 से 30 फीट तक थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं मिले। श्वासनली, फेफड़ों और पेट में रेत व मिट्टी के कण मिलने के बाद चिकित्सकों ने मौत का कारण डूबना बताया। पुलिस ने वैज्ञानिक जांच, सीसीटीवी फुटेज, एफएसएल रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर मामले का पटाक्षेप कर दिया है। साथ ही प्रारंभिक जांच में संभावित लापरवाही की भी जांच कराई जा रही है। किशनगंज पुलिस ने 13 वर्षीय मेनका कुमारी की मौत के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि किशोरी की मौत नदी में डूबने से हुई थी। घटना के बाद उसके दो मौसेरे भाइयों ने डर और घबराहट के कारण सच्चाई छिपा ली थी। गोताखोरों और डॉग स्क्वॉड ने जुटाए साक्ष्य पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर मामले की गहन जांच की गई। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ-साथ गोताखोरों, डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम की मदद से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए गए। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण में सामने आया कि मेनका अपने दो मौसेरे भाइयों आयुष (10 वर्ष) और प्रिंस (15 वर्ष) के साथ नदी किनारे गई थी, लेकिन वापस केवल दोनों लड़के लौटे थे। दोनों भाई बार-बार बदल रहे थे बयान पुलिस पूछताछ के दौरान दोनों भाई बार-बार बयान बदल रहे थे। तकनीकी साक्ष्यों और परिजनों की मौजूदगी में पूछताछ करने पर उन्होंने पूरी घटना बताई। दोनों ने बताया कि वे लोग नदी में स्नान करने गए थे। इस दौरान मेनका नदी किनारे बने बांध से पानी में छलांग लगा रही थी। कई बार वह सुरक्षित बाहर निकल आई, लेकिन एक बार गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए भाइयों को पहले लगा कि वह मजाक कर रही है। जब तक उन्हें स्थिति की गंभीरता समझ आई, तब तक वह गहरे पानी में समा चुकी थी। दोनों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। जांच में यह भी सामने आया कि नदी से मिट्टी निकाले जाने के कारण कहीं पानी की गहराई 3 से 4 फीट तो कहीं 10 से 30 फीट तक थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं मिले। श्वासनली, फेफड़ों और पेट में रेत व मिट्टी के कण मिलने के बाद चिकित्सकों ने मौत का कारण डूबना बताया। पुलिस ने वैज्ञानिक जांच, सीसीटीवी फुटेज, एफएसएल रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर मामले का पटाक्षेप कर दिया है। साथ ही प्रारंभिक जांच में संभावित लापरवाही की भी जांच कराई जा रही है।  

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