कैमूर जिले के कुदरा में दुर्गावती नदी उफान पर है। कुदरा को रामपुर से जोड़ने वाले एक अस्थायी पुल (छलका) पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। इसी छलके को पार करते समय दो बच्चे तेज बहाव की चपेट में आ गए। इस हादसे में एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि दूसरे को ग्रामीणों ने बचा लिया। पढ़ाई कर घर लौट रहे थे लोग जान जोखिम में डालकर भी इस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं। कुदरा से रामपुर की दूरी इस छलके से सिर्फ 50 कदम है। दूसरे रास्ते से आने पर 5 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। इसी वजह से लोग इस अस्थायी पुल का उपयोग करते हैं। बीते कल पढ़ाई कर घर लौट रहे दो बच्चे इसी तेज बहाव की चपेट में आ गए थे। एक बच्चे की पानी में बह जाने से मौत हो गई। दूसरे बच्चे को स्थानीय लोगों ने तैरकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। नगर पंचायत ने बैरिकेड कर रास्ता रोका ग्रामीणों ने पुल बनाने के लिए अधिकारियों से कई बार संपर्क किया था। जब कोई पुलिया नहीं बनी, तो स्थानीय लोगों ने चंदा इकट्ठा कर यह अस्थायी छलका बनाया था। अब नदी का जलस्तर बढ़ने से यह बेहद खतरनाक हो गया है। हादसे के बाद नगर पंचायत कुदरा की टीम हरकत में आई। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए रास्ते को बैरिकेड कर दिया है। बांस और चेतावनी पोस्टर लगाकर रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। नगर प्रशासन और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जलस्तर कम होने तक इस रास्ते का इस्तेमाल न करें और सुरक्षित रहें। कैमूर जिले के कुदरा में दुर्गावती नदी उफान पर है। कुदरा को रामपुर से जोड़ने वाले एक अस्थायी पुल (छलका) पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। इसी छलके को पार करते समय दो बच्चे तेज बहाव की चपेट में आ गए। इस हादसे में एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि दूसरे को ग्रामीणों ने बचा लिया। पढ़ाई कर घर लौट रहे थे लोग जान जोखिम में डालकर भी इस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं। कुदरा से रामपुर की दूरी इस छलके से सिर्फ 50 कदम है। दूसरे रास्ते से आने पर 5 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। इसी वजह से लोग इस अस्थायी पुल का उपयोग करते हैं। बीते कल पढ़ाई कर घर लौट रहे दो बच्चे इसी तेज बहाव की चपेट में आ गए थे। एक बच्चे की पानी में बह जाने से मौत हो गई। दूसरे बच्चे को स्थानीय लोगों ने तैरकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। नगर पंचायत ने बैरिकेड कर रास्ता रोका ग्रामीणों ने पुल बनाने के लिए अधिकारियों से कई बार संपर्क किया था। जब कोई पुलिया नहीं बनी, तो स्थानीय लोगों ने चंदा इकट्ठा कर यह अस्थायी छलका बनाया था। अब नदी का जलस्तर बढ़ने से यह बेहद खतरनाक हो गया है। हादसे के बाद नगर पंचायत कुदरा की टीम हरकत में आई। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए रास्ते को बैरिकेड कर दिया है। बांस और चेतावनी पोस्टर लगाकर रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। नगर प्रशासन और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जलस्तर कम होने तक इस रास्ते का इस्तेमाल न करें और सुरक्षित रहें।

