धनबाद में स्टेंट निकलवाने पहुंची महिला की मौत; हंगामा:परिजनों का इलाज में लापरवाही का आरोप, IMA बोला – कार्डियक अरेस्ट की वजह से गई जान

धनबाद में स्टेंट निकलवाने पहुंची महिला की मौत; हंगामा:परिजनों का इलाज में लापरवाही का आरोप, IMA बोला – कार्डियक अरेस्ट की वजह से गई जान

धनबाद के प्रगति नर्सिंग होम में स्टेंट निकलवाने पहुंची 22 वर्षीय मोनी परवीन की मौत हो गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉ. केएस नारायण पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मोनी परवीन लोयाबाद की रहने वाली थी। परिजनों के अनुसार, करीब डेढ़ महीने पहले इसी नर्सिंग होम में उसकी पथरी का ऑपरेशन हुआ था। उस दौरान उसके शरीर में स्टेंट लगाया गया था। डॉक्टर ने 45 दिन बाद स्टेंट निकालने के लिए अस्पताल बुलाया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर पहले पैसे जमा कराने को कहा गया। राशि जमा करने के बाद मोनी को ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में ले जाया गया। परिजनों का कहना है कि महिला को काफी देर तक ओटी में रखा गया, लेकिन इस दौरान उसकी स्थिति के बारे में उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। बाद में उसकी मौत की सूचना मिली, जिसके बाद परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा करने लगे। मौत की सूचना पर भड़के परिजन महिला की मौत के बाद अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। घटना की जानकारी मिलने पर धनबाद के मेयर संजीव सिंह अस्पताल पहुंचे और परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लेते हुए कहा कि यदि इलाज में लापरवाही हुई है, तो कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान मृतका के परिवार को सात लाख रुपए मुआवजा दिया गया। मोनी परवीन अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है। घटना से परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों ने अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया और महिला की मौत से जुड़े घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि स्टेंट निकालने के लिए अस्पताल पहुंची महिला की हालत बिगड़ने के दौरान उन्हें समय पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। हालांकि, इलाज में लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले को लेकर पुलिस भी अस्पताल पहुंची और स्थिति पर नजर बनाए रखी। पुलिस के अनुसार, हंगामे की सूचना मिली थी। लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। आईएमए ने कार्डियक अरेस्ट को बताया मौत का कारण दूसरी ओर, आईएमए के सचिव राकेश इंदर सिंह ने बताया कि स्टेंट निकालने के लिए बड़े ऑपरेशन की जरूरत नहीं होती। उनके अनुसार, प्रक्रिया के दौरान मरीज को कार्डियक अरेस्ट हुआ, जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने इलाज में लापरवाही के आरोपों को बेबुनियाद बताया। इस तरह घटना को लेकर परिजनों के आरोप और आईएमए सचिव का बयान सामने आया है। फिलहाल मौत की परिस्थितियों और इलाज के दौरान हुई घटनाओं को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। धनबाद के प्रगति नर्सिंग होम में स्टेंट निकलवाने पहुंची 22 वर्षीय मोनी परवीन की मौत हो गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉ. केएस नारायण पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मोनी परवीन लोयाबाद की रहने वाली थी। परिजनों के अनुसार, करीब डेढ़ महीने पहले इसी नर्सिंग होम में उसकी पथरी का ऑपरेशन हुआ था। उस दौरान उसके शरीर में स्टेंट लगाया गया था। डॉक्टर ने 45 दिन बाद स्टेंट निकालने के लिए अस्पताल बुलाया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर पहले पैसे जमा कराने को कहा गया। राशि जमा करने के बाद मोनी को ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में ले जाया गया। परिजनों का कहना है कि महिला को काफी देर तक ओटी में रखा गया, लेकिन इस दौरान उसकी स्थिति के बारे में उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। बाद में उसकी मौत की सूचना मिली, जिसके बाद परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा करने लगे। मौत की सूचना पर भड़के परिजन महिला की मौत के बाद अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। घटना की जानकारी मिलने पर धनबाद के मेयर संजीव सिंह अस्पताल पहुंचे और परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लेते हुए कहा कि यदि इलाज में लापरवाही हुई है, तो कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान मृतका के परिवार को सात लाख रुपए मुआवजा दिया गया। मोनी परवीन अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है। घटना से परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों ने अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया और महिला की मौत से जुड़े घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि स्टेंट निकालने के लिए अस्पताल पहुंची महिला की हालत बिगड़ने के दौरान उन्हें समय पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। हालांकि, इलाज में लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले को लेकर पुलिस भी अस्पताल पहुंची और स्थिति पर नजर बनाए रखी। पुलिस के अनुसार, हंगामे की सूचना मिली थी। लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। आईएमए ने कार्डियक अरेस्ट को बताया मौत का कारण दूसरी ओर, आईएमए के सचिव राकेश इंदर सिंह ने बताया कि स्टेंट निकालने के लिए बड़े ऑपरेशन की जरूरत नहीं होती। उनके अनुसार, प्रक्रिया के दौरान मरीज को कार्डियक अरेस्ट हुआ, जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने इलाज में लापरवाही के आरोपों को बेबुनियाद बताया। इस तरह घटना को लेकर परिजनों के आरोप और आईएमए सचिव का बयान सामने आया है। फिलहाल मौत की परिस्थितियों और इलाज के दौरान हुई घटनाओं को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।  

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