धनबाद के बलियापुर में डेढ़ महीने से जलापूर्ति ठप:27 गांवों के 50 हजार लोग परेशान, मुखिया-ग्रामीणों ने सड़क जाम कर धरना दिया

धनबाद के बलियापुर में डेढ़ महीने से जलापूर्ति ठप:27 गांवों के 50 हजार लोग परेशान, मुखिया-ग्रामीणों ने सड़क जाम कर धरना दिया

धनबाद के बलियापुर प्रखंड में पिछले डेढ़ महीने से पानी की सप्लाई बंद है। इससे करीब 50 हजार लोग पीने के पानी के संकट से जूझ रहे हैं। फेज-2 की मुख्य पाइपलाइन खराब होने के बाद 12 पंचायतों के 27 गांवों में पानी की सप्लाई पूरी तरह रुक गई है। इनमें मुकुंदा, आमटाल, चांदकुईयां, अलकडीहा, कुसमाटांड़, सुरूंगा, परसबनिया, पलानी और आमझर जैसी पंचायतें शामिल हैं। इन सभी गांवों के लोगों को भारी परेशानी हो रही है। पानी की सप्लाई बंद होने से ग्रामीणों को दूर के चापाकल और कुओं से पानी लाना पड़ रहा है। कई परिवार पानी खरीदकर या आरओ प्लांट से पानी लेकर काम चला रहे हैं। खासकर महिलाओं और बच्चों को पानी के लिए ज्यादा दिक्कत हो रही है। लोगों ने सड़क जाम कर धरना शुरू कर दिया समस्या का हल न होने से नाराज मुखिया और कई ग्रामीण शुक्रवार को कुसमाटांड़ दुर्गा मंदिर के पास सड़क पर आ गए। लोगों ने सड़क जाम कर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग और जिला प्रशासन से जल्द पाइपलाइन ठीक कर पानी की सप्लाई फिर से शुरू करने की मांग की। मुखियाओं का कहना है कि पानी की सप्लाई जैसी जरूरी सेवा डेढ़ महीने से बंद है, लेकिन अब तक पाइपलाइन ठीक नहीं की गई। अधिकारियों को कई बार समस्या बताई गई और जल्द हल करने का भरोसा भी मिला, पर हालात नहीं सुधरे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द पानी की सप्लाई शुरू नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि पाइपलाइन खराब होने के बाद इतने लंबे समय तक ठीक न होना एक गंभीर समस्या है। प्रशासन को इस पर तुरंत कदम उठाने चाहिए। धरना और सड़क जाम के कारण गाड़ियों की आवाजाही बंद रही। प्रदर्शनकारियों ने सिर्फ स्कूल वाहनों को जाने दिया, बाकी गाड़ियों को रोक दिया। खबर लिखे जाने तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है कि खराब पाइपलाइन कब तक ठीक की जाती है। धनबाद के बलियापुर प्रखंड में पिछले डेढ़ महीने से पानी की सप्लाई बंद है। इससे करीब 50 हजार लोग पीने के पानी के संकट से जूझ रहे हैं। फेज-2 की मुख्य पाइपलाइन खराब होने के बाद 12 पंचायतों के 27 गांवों में पानी की सप्लाई पूरी तरह रुक गई है। इनमें मुकुंदा, आमटाल, चांदकुईयां, अलकडीहा, कुसमाटांड़, सुरूंगा, परसबनिया, पलानी और आमझर जैसी पंचायतें शामिल हैं। इन सभी गांवों के लोगों को भारी परेशानी हो रही है। पानी की सप्लाई बंद होने से ग्रामीणों को दूर के चापाकल और कुओं से पानी लाना पड़ रहा है। कई परिवार पानी खरीदकर या आरओ प्लांट से पानी लेकर काम चला रहे हैं। खासकर महिलाओं और बच्चों को पानी के लिए ज्यादा दिक्कत हो रही है। लोगों ने सड़क जाम कर धरना शुरू कर दिया समस्या का हल न होने से नाराज मुखिया और कई ग्रामीण शुक्रवार को कुसमाटांड़ दुर्गा मंदिर के पास सड़क पर आ गए। लोगों ने सड़क जाम कर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग और जिला प्रशासन से जल्द पाइपलाइन ठीक कर पानी की सप्लाई फिर से शुरू करने की मांग की। मुखियाओं का कहना है कि पानी की सप्लाई जैसी जरूरी सेवा डेढ़ महीने से बंद है, लेकिन अब तक पाइपलाइन ठीक नहीं की गई। अधिकारियों को कई बार समस्या बताई गई और जल्द हल करने का भरोसा भी मिला, पर हालात नहीं सुधरे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द पानी की सप्लाई शुरू नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि पाइपलाइन खराब होने के बाद इतने लंबे समय तक ठीक न होना एक गंभीर समस्या है। प्रशासन को इस पर तुरंत कदम उठाने चाहिए। धरना और सड़क जाम के कारण गाड़ियों की आवाजाही बंद रही। प्रदर्शनकारियों ने सिर्फ स्कूल वाहनों को जाने दिया, बाकी गाड़ियों को रोक दिया। खबर लिखे जाने तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है कि खराब पाइपलाइन कब तक ठीक की जाती है।  

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