Honey Trehan Reaction on CBFC Guidelines: ZEE5 से हनी त्रेहान की पीरियड क्राइम ड्रामा फिल्म ‘सतलुज’ को हटाए जाने के चार महीने बाद, निर्देशक हनी त्रेहान ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) द्वारा जारी नई गाइडलाइंस पर कड़ी आपत्ति जताई है। सोमवार को नए गठित बोर्ड ने अपनी एडवाइजरी के तहत पांच नए निर्देश जारी किए, जिस पर त्रेहान ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए चिंता और नाराजगी जाहिर की है।
CBFC की नई गाइडलाइंस पर हनी त्रेहान की आपत्ति
त्रेहान ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी शेयर करते हुए लिखा, “ये नई गाइडलाइंस देश में कायरता और तानाशाही को दिखाती हैं, न कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रति लोकतांत्रिक दृष्टिकोण को।”

बता दें कि CBFC द्वारा ‘सतलुज’ को सर्टिफिकेशन देने में सालों की देरी करने के बाद, फिल्म मेकर्स ने इसे इस साल जुलाई में ZEE5 पर रिलीज किया था। उस समय फिल्म के लीड हीरो दिलजीत दोसांझ को भी शक था कि यह फिल्म इस स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर ज्यादा दिन नहीं टिक पाएगी।
जसवंत सिंह खालरा की यह बायोपिक ZEE5 पर ‘सतलुज’ के नाम से रिलीज हुई
शुरुआत में ‘पंजाब ’95’ नाम से बनी, सिख मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की यह बायोपिक ZEE5 पर ‘सतलुज’ के नाम से रिलीज हुई थी। लेकिन दिलजीत का शक सच साबित हुआ और कुछ ही दिनों के भीतर फिल्म को ZEE5 से हटा दिया गया। केंद्र सरकार ने फिल्म को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं जताई थीं, जबकि फिल्म मेकर्स का कहना था कि ऐसा कुछ नहीं है।
नौ साल बाद किया गया CBFC का पुनर्गठन
इसके कुछ महीनों बाद, नौ साल के लंबे अंतराल के बाद CBFC का पुनर्गठन किया गया, जबकि इसका तय कार्यकाल तीन साल का होता है। प्रसार भारती के पूर्व CEO शशि शेखर वेम्पति की अध्यक्षता वाले इस बोर्ड में अब कई जाने-माने सदस्य शामिल हैं। इनमें अभिनेता प्रीति जिंटा, पंकज त्रिपाठी, प्रोसेनजीत चटर्जी, रूपाली गांगुली, मनोज जोशी, पल्लवी जोशी और सुनील शेट्टी के साथ-साथ फिल्म निर्माता प्रियदर्शन, संगीतकार रिकी केज और प्रोड्यूसर सुप्रिया यारलागड्डा जैसे नाम शामिल हैं।
पुनर्गठन के बाद, CBFC ने सोमवार को अपनी पहली एडवाइजरी जारी की, जिसमें कहा गया है कि सर्टिफिकेशन के लिए अधूरे काम (incomplete works) को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसमें यह भी कहा गया है कि घोषित रिलीज़ तारीखों और प्रचार के लिए इस्तेमाल किए गए शीर्षकों को अंतिम नहीं माना जाएगा। CBFC ने स्पष्ट किया कि इन शीर्षकों की जांच, समीक्षा की जाएगी और जांच या संशोधन समिति द्वारा इनमें बदलाव भी किया जा सकता है।
क्या है सनी देओल की फिल्म ‘सूर्या’ के मेकर्स और डॉक्टर्स के बीच का विवाद?
इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार, CBFC और जी स्टूडियोज को नोटिस जारी किया है। इस फिल्म में सनी देओल मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म 20 नवंबर को रिलीज होने वाली है, लेकिन उससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने डॉक्टरों के एक समूह की याचिका पर यह कदम उठाया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म में निजी अस्पतालों के डॉक्टरों को भ्रष्ट दिखाया गया है और यह स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देती है।
याचिका दायर करने वाले चार डॉक्टरों ने फिल्म के टीजर पर अधिकारियों की निष्क्रियता की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की बिना पुष्टि वाली और मानहानि करने वाली सामग्री से पैदा होने वाला खतरा कोई काल्पनिक बात नहीं है। उन्होंने कहा, “यह टीजर फ्रंटलाइन हेल्थकेयर वर्करों के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देता है। ये लोग देश के स्वास्थ्य ढांचे को संभालने का काम कर रहे हैं, जबकि उन्हें पहले से ही मरीज़ों के नाराज़ परिजनों के हमलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में, यह टीज़र कॉर्पोरेट अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टरों के लिए एक वास्तविक खतरा पैदा करता है।”
उन्होंने ‘सूर्या’ के टीजर पर भी आपत्ति जताई, जिसमें फिल्म की कहानी को “अविश्वसनीय सच्ची घटनाओं से प्रेरित” और चिकित्सा प्रणाली के बारे में “चौंकाने वाला सच” बताया गया है, जबकि कथित तौर पर यह पूरी तरह से एक काल्पनिक कहानी है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीज़र में डॉक्टरों पर मरीज़ों से ज़्यादा पैसे वसूलने, अनावश्यक टेस्ट करवाने और कमीशन लेने का आरोप लगाया गया है।

