दिल्ली जल बोर्ड घोटाले में अरविंद केजरीवाल भी जाएंगे जेल, भाजपा ने कहा- जांच पूरी होते ही खुलेगा पूरा भ्रष्टाचार

दिल्ली जल बोर्ड घोटाले में अरविंद केजरीवाल भी जाएंगे जेल, भाजपा ने कहा- जांच पूरी होते ही खुलेगा पूरा भ्रष्टाचार

नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने आम आदमी पार्टी (आप) को भ्रष्टाचार में डूबी राजनीतिक रूप से हताश पार्टी बताते हुए कहा कि दिल्ली जल बोर्ड घोटाले की जांच पूरी होने पर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी जेल जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली जल बोर्ड केजरीवाल सरकार का लूट का सबसे बड़ा केन्द्र रहा था। 10 साल तक दिल्ली जल बोर्ड के खातों का कोई ऑडिट नहीं हुआ और लगभग 60 हजार करोड़ का घोटाला हुआ। उन्होंने कहा कि जिस दिन पूरी जांच रिपोर्ट आएगी, केजरीवाल खुद भी जेल जाएंगे।

‘दिल्ली के गुनहगारों को सजा मिलकर रहेगी’

वहीं सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि सत्येंद्र जैन और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी से यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि केजरीवाल सरकार के 10 साल के कार्यकाल में दिल्ली को किस प्रकार लूटा गया। नालों पर एक भी एसटीपी न लगाने और यमुना नदी के लगातार प्रदूषित होने के पीछे यही शासकीय भ्रष्टाचार जिम्मेदार है। आप चाहे जितने भी राजनीतिक दावे करें, लेकिन भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत सामने आ चुके हैं। कानून अपना काम कर रहा है और दिल्ली के गुनहगारों को सजा मिलकर रहेगी। जनता अब इनके बहकावे में आने वाली नहीं है।

सांसद बांसुरी स्वराज ने साधा निशाना

सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि आम आदमी पार्टी की तत्कालीन सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में यह दिखा दिया कि उनकी पूरी की पूरी नियत केवल अपने प्रचार-प्रसार और भ्रष्टाचार की थी। आपने देखा होगा कि आम आदमी पार्टी की सरकार के पूरे कार्यकाल में दिल्ली में एक भी एसटीपी संयंत्र नहीं लगा। उन्होंने कहा कि जिस पैसे का इस्तेमाल दिल्ली को जलभराव से बचाने के लिए किया जाना चाहिए था। उसका जैन और आप के नेताओं, अधिकारियों, ठेकेदारों ने मिलकर बंदरबांट कर लिया।

‘भ्रष्टाचार की दुकान चलाई’

राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कहा कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने दस साल भ्रष्टाचार की दुकान चलाई। स्कूलों में कक्षा निर्माण से लेकर शराब घोटाले तक, न जाने कितने घोटाले हुए। उन्होंने अपने कार्यकाल में किसी मंत्रालय का एक दिन भी कार्यभार नहीं संभाला और भ्रष्टाचार का ठीकरा मंत्रियों पर फोड़ने की रणनीति अपनाई। उन्होंने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड के एसटीपी घोटाले का मामला बेहद गंभीर है। दिल्ली और यमुना की सफाई के लिए बेहतर और अधिक एसटीपी की जरूरत थी, लेकिन केजरीवाल सरकार ने यमुना की सफाई के बजाय भ्रष्टाचार को प्राथमिकता दी। जैसे ही दिल्ली में केजरीवाल की भ्रष्टाचार की दुकान बंद हुई, पंजाब में भ्रष्टाचार का मॉल खोल दिया।

‘सामने आ रहे कारनामे’

चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि जैन की गिरफ्तारी इस बात का सबूत है कि केजरीवाल ने 10 साल में सत्ता के संरक्षण में भ्रष्टाचार का एक ऐसा मॉडल विकसित किया, जिसमें राजनेता अधिकारी और ठेकेदार सभी लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे अब केजरीवाल के कारनामे सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता का केजरीवाल से पूछ रही है कि आखिर उनके 10 साल मुख्यमंत्री रहने के बावजूद एसटीपी संयंत्र क्यों नहीं लगे, जिसके कारण दिल्ली की जनता को यमुना के स्वच्छ जल से महरूम रहना पड़ा है।

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